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रूम-हीटर से सोफे में लगी आग, दम घुटने से इंडस्ट्रियलिस्ट की मौत

रूम-हीटर से सोफे में लगी आग, दम घुटने से इंडस्ट्रियलिस्ट की मौत

Dainik Bhaskar

Dec 18, 2017, 07:10 PM IST
ये थे 51 वर्षीय ललित कुमार मलिक। ये थे 51 वर्षीय ललित कुमार मलिक।

पानीपत। पानीपत के तहसील कैंप के रामनगर में रविवार रात एक इंडस्ट्रियलिस्ट की मौत हो गई। हादसे की वजह रूम हीटर बना, जो इंडस्ट्रियलिस्ट ने ज्यादा ठंड होने के चलते लगाया था। अचानक सोफे के पास रखे हीटर से सोफे में और फिर कमरे की दूसरी चीजों में आग लग गई। इसके बाद धुएं में दम घुट जाने की वजह से इंडस्ट्रियलिस्ट की जान चली गई। घटना का पता सोमवार सुबह उस वक्त चला, कमरे से धुआं निकलता दिखाई दिया। फैमिली ने तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलवाया, तब कहीं आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। ऐसे हुआ हादसा...

- तहसील कैंप के रामनगर निवासी 51 वर्षीय ललित कुमार मलिक पुत्र मनोहर लाल नूरवाला में कारपेट फैक्ट्री चलाते थे। रविवार रात उन्होंने पत्नी सुनीता और मां लाजवंती के साथ खाना खाया।

- पत्नी सुनीता नीचे कमरे में बीमार मां के साथ सो गई। रात करीब 12 बजे ललित कुमार पहली मंजिल पर कमरे में सोने चले गए। ठंड ज्यादा होने के कारण ललित कुमार ने रात को रॉड वाला हीटर जला लिया।

- हीटर सोफे के पास रखा था, जिसके हीटर से सोफे में आग लग गई। ललित कमरे में अकेले थे, कमरे में धुआं निकलने के लिए कोई राेशनदान नहीं था, दम घुटने से ललित की मौत हाे गई।

- सोमवार सुबह करीब सवा छह बजे धुआं देख पत्नी चिल्लाने लगी। आसपास के लोग एकत्र हो गए। सूचना पर पहुंची दमकल ने आग पर काबू पाया। अंदर जाकर देखा तो आग से सोफा पूरी तरह जल चुका था।

ठंड ज्यादा थी, तीन दिन पहले ही निकाला था हीटर
- ललित कुमार मलिक का एक बेटा और एक बेटी है। बेटा अक्षय गुड़गांव में एक निजी कंपनी में जॉब करता है। वहीं बेटी मानसी कुरुक्षेत्र में रहकर बी-टेक कर रही है।

- पिता की मौत की सूचना पर बेटा और बेटी घर पहुंचे, वहीं पुलिस ने घटनास्थल पर एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर सबूत जुटाए।

- प्रथम दृष्टया पुलिस का मानना है कि उद्यमी ने रूम हीटर सोफे पर ही रखा था, इसलिए सोफे ने आग पकड़ ली। बेटे अक्षय ने बताया कि ठंड ज्यादा पड़ने पर पिता ने तीन दिन पहले ही हीटर निकला था।

सांस लेने में दिक्कत, ऑर्गन फेल होने से होती है मौत
- सिविल अस्पताल के डॉ. अमित दहिया ने बताया कि धुआं में कार्बन मोनोआॅक्साइड होती है। यह सांस के द्वारा शरीर में जाती है। शरीर में खून में मिल जाती है। ज्यादा सेवन से व्यक्ति बेहोश हो जाता है और खुद को बचाने का प्रयास भी नहीं कर पाता। खून में जाने के बाद कार्बन मोनोआॅक्साइड हीमोग्लोबिन से जुड़ जाती है और ऑक्सीजन को अपने साथ जोड़े रखती है। इस कारण आदमी सांस नहीं ले पाता और ऑर्गन फेल होने से उसकी मौत हो जाती है।

रूम हीटर का प्रयोग करें तो बरतें ये सावधानियां

- हीटर या अंगीठी बेड से लगभग चार मीटर की दूरी पर हों।

- हीटर के सामने पानी से भरा बर्तन रखें, ताकि कमरे में नमी बनी रहे।

- कमरे में वेंटिलेशन का ध्यान रखें।

- कमरा गर्म करने के लिए उपकरण को चार घंटे से ज्यादा न चलाएं।

- किसी भी हाल में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक नहीं पहुंचना चाहिए।

- शरीर में नमी कम न हो इसलिए, ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करें।

फोटोज: गोविंद कुमार सैनी

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ये थे 51 वर्षीय ललित कुमार मलिक।ये थे 51 वर्षीय ललित कुमार मलिक।
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