पानीपत

--Advertisement--

शहीद कपिल की मां ने जताई थी नाराजगी, अब ५० लाख का चैक देने पहुंचे ष्टरू

शहीद कपिल की मां ने जताई थी नाराजगी, अब ५० लाख का चैक देने पहुंचे ष्टरू

Dainik Bhaskar

Feb 08, 2018, 03:23 PM IST
शहीद के परिवार से मिलने पहुंचे शहीद के परिवार से मिलने पहुंचे

गुड़गांव। यहां के रणसिका गांव के शहीद कपिल कुंडू के घर आखिरकार सीएम मनोहर लाल खट्टर गुरुवार को पहुंच ही गए। शहीद के अंतिम संस्कार के दिन सीएम या किसी भी मंत्री के नहीं पहुंचने पर शहीद के परिजनों व उसकी मां ने मलाल जताया था। इसके बाद सीएम पहुंचे हैं। यहां पहुंचकर मनोहर लाल खट्टर ने शहीद की मां सुनीता देवी को धीरज बंधाया और उन्हें 50 लाख रुपये का चैक भी सौंपा। उन्होंने कहा कि कुंडू की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। उनका नाम भविष्य में भी रोशन रहे, इसके लिए किसी प्रोजेक्ट का नामकरण शहीद कुंडू के नाम पर किया जाएगा।

- सीएम ने कपिल कुंडू की बहनों सोनिया व काजल से मुलाकात कर उनको धीरज बंधाया और नियमों के अनुसार हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
- उन्होंने कहा कि धन्य है वह परिवार जिसने ऐसे वीर सपूत को जन्म दिया और धन्य है वह मां जिसने अपने इकलौते पुत्र को देश सेवा के लिए सेना में भेजा।

शहीद की मां ने सीएम को सौंपा पत्र
- शहीद कपिल की मां सुनीता ने सीएम मनोहर लाल खट्टर को एक पत्र भी सौंपा है।
- सीएम ने कहा कि उन्हें एक पत्र मिला है, जिस पर राज्य सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।
- शहीद की बहनों को सरकारी नौकरी दिए जाने के बारे में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के नियम के अनुसार नौकरी दी जाएगी। हरियाणा सरकार की नीति के अनुसार 50 लाख रुपए की राशि आज प्रात: ही शहीद की मां के बैंक खाते में आरटीजीएस से ट्रांसफर कर दी गई है।

संस्कार पर नहीं पहुंचा था कोई मंत्री तो नाराजगी जताई थी परिवार ने
- बता दें कि शहीद के अंतिम संस्कार के दिन हरियाणा का कोई भी मंत्री नहीं पहुंचा था। सीएम से लेकर मंत्री और विधायक तक व्यस्त थे। कोई मंत्री परिजनों का हाल-चाल तक पूछने के लिए नहीं पहुंचा। इस पर शहीद की मां ने मलाल जताया था।
- शहीद की बहन सोनिया ने कहा था कि सरकार को किस की चिंता.. मेरे भाई ने तो हरियाणा का नाम रोशन कर दिया है, लेकिन हरियाणा के सीएम के पास हरियाणा के नाम रोशन करने वाले शहीद के परिजनों का हाल-चाल पूछने तक का समय भी नहीं।
- अभी तक तो श्रीनगर, कलकत्ता से भाई के दोस्त परिजन सब पहुंच गए हैं, क्या बोलूं मैं… मेरा भाई तो शहीद हो गया.. हरियाणा का नाम कर गया।

X
शहीद के परिवार से मिलने पहुंचेशहीद के परिवार से मिलने पहुंचे
Click to listen..