--Advertisement--

१ दिन में २०० ्यरू चलाई साइकिल, १५ दिन में कश्मीर से कन्याकुमारी पहुंच तोड़ा रिकॉर्ड

१ दिन में २०० ्यरू चलाई साइकिल, १५ दिन में कश्मीर से कन्याकुमारी पहुंच तोड़ा रिकॉर्ड

Danik Bhaskar | Dec 16, 2017, 05:14 PM IST
कन्याकुमारी पहुंचने पर डाकघर कन्याकुमारी पहुंचने पर डाकघर

रोहतक। रॉयल साइक्लिंग क्लब रोहतक के सदस्य डॉ. रोहित दहिया ने साइक्लिंग में पूणे के संतोष होली का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उन्होंने अकेले बिना गियर वाली साइकिल पर 15 दिन 13 घंटे व 30 मिनट में जम्मू से कन्याकुमारी तक का सफर पूरा किया। इससे पहले संतोष होली ने 23 दिन में यह यात्रा पूरी की थी। डॉ. दहिया पीजीआई रोहतक में हाउस सर्जन हैं और मूल रूप से सोनीपत के पिपली गांव के रहने वाले हैं। 23 नवंबर को शुरू की थी यात्रा...

- डॉ. रोहित दहिया ने 23 नवंबर को जम्मू से साइकिल यात्रा की शुरूआत की थी। कन्याकुमारी तक का 3400 किलोमीटर से अधिक का सफर रिकॉर्ड समय में पूरा करना ही उनका लक्ष्य था।
- उन्होंने औसतन एक दिन में साइकिल पर 200 किलोमीटर से अधिक का सफर तय किया। इस दौरान वे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों से होते हुए शुक्रवार रात को कन्याकुमारी पहुंचे।

मौसम और भाषा आई आड़े
- जम्मू से कन्याकुमारी तक का सफर इतना आसान नहीं रहा। इस दौरान मौसम संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
- कई बार उनकी साइकिल में पंचर हुई और टायर तक बदलने की नौबत आई। रात्रि का उनका ठहराव किसी एक जगह पर होता था।
- दक्षिण भारत के राज्यों में भाषा संबंधित परेशानी आई। सुबह से लेकर दोपहर तक वे साइकिल पर अपना सफर पूरा करते और फिर रात्रि ठहराव के बाद अपनी मंजिल की ओर बढ़ते।
- आखिर के दिनों में तो उन्होंने रात को साइक्लिंग की ताकि समय पर रिकॉर्ड तोड़ सकें।

2017 में चलाना शुरू किया था साइकिल
- डॉ. दहिया ने फरवरी 2017 में साइक्लिंग की शुरूआत की थी। वे रोजाना करीब 100 किलोमीटर तक साइक्लिंग करते थे।
- शुरूआत में डॉ. दहिया ने साइक्लिंग की शुरूआत की तो 40 हजार रुपए की साइकिल खरीदी। फिर उसी पर प्रेक्टिस की। लेकिन जब रिकॉर्ड की बात आई तो उन्होंने बिना गियर वाली साइकिल ली।
- करीब 3 माह पहले वे रॉयल साइक्लिंग क्लब रोहतक से भी जुड़े और क्लब के सदस्यों के साथ भी कई बार साइक्लिंग की।
- अब ये रिकॉर्ड कायम करने पर उन्हें इस बात की भी खुशी है कि उन्होंने देश भर में साइक्लिंग के प्रति जागरूकता भी फैलाई है। इस साइकिल यात्रा का उद्देश्य देश में शांति और सद्भावना पैदा करना भी था।

आगे की स्लाइड्स में देखें अन्य फोटो....