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हरियाणा में १० रुपये महंगी हुई देशी शराब, बैंक्वेट हॉल में शराब परोसने के लिए होगा आवेदन

हरियाणा में १० रुपये महंगी हुई देशी शराब, बैंक्वेट हॉल में शराब परोसने के लिए होगा आवेदन

Dainik Bhaskar

Mar 05, 2018, 05:34 PM IST
Desi liquor rate increase in haryana new Excise policy Declared

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने सोमवार को नई आबकारी नीति घोषित कर दी। इसमें देशी शराब को 10 रुपये महंगा कर दिया गया है। अब देशी शराब की बोतल 140 रुपये कर दी गई है। इस पर आबकारी टैक्स को 28 फीसद से बढ़ा कर 44 फीसद प्रति लीटर कर दिया गया है। सरकार ने दो साल के लिए शराब ठेके देने के बजाय पहले की तरह एक साल के लिए ही ठेकों की नीलामी करने का फैसला किया है।

- आबकारी एवं कराधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने नई आबकारी एवं कराधान पॉलिसी की जानकारी देते हुए कहा कि अंग्रेजी शराब की कीमत बढ़ाने का फैसला शराब कारोबारियों पर रहेगा। हालांकि विदेशी शराब पर आबकारी कर की वर्तमान दर 44 से 200 फीसद को बढ़ाकर 49 से 210 फीसद प्रति लीटर किया गया है। शराब ठेकेदार चाहें तो देसी शराब का दस फीसद कोटा कम कर अंग्रेजी शराब का हिस्सा बढ़ा सकते हैं।

शराब के कोटे में हुआ इजाफा
- देसी और अंग्रेजी शराब के कोटे में पचास-पचास लाख प्रूफ लीटर का इजाफा हुआ है। देसी शराब का कोटा एक हजार लाख प्रूफ लीटर और अंग्रेजी का 600 लाख प्रूफ लीटर रहेगा।
- शराब ठेकों की संख्या पिछले साल की तरह 2323 के आसपास ही रहेगी। देसी शराब के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक्सपोर्ट ड्यूटी को 1.5 फीसद से घटाकर 0.50 फीसद किया गया है।

मानेसर में पब के लाइसेंस दिए जाएंगे
- ठेकों की ई-नीलामी के लिए पूरे प्रदेश को छह जोन में बांटा गया है। रेस्टोरेंट और होटलों के लिए लाइसेंस फीस पिछले साल की तरह रहेगी।
- गुड़गांव, फरीदाबाद और पंचकूला के बाद अब मानेसर औद्योगिक क्षेत्र में भी पब लाइसेंस दिए जाएंगे। इस क्षेत्र में जापानी लोगों की बहुतायत है जिसके चलते सरकार के पास पब बार खोलने के लिए विशेष मांग आई थी।

गोल्फ क्लब में शराब बिक्री के लिए लाइसेंस मिलेगा
- ग्रामीण क्षेत्र में गोल्फ क्लब में शराब बिक्री के लिए भी लाइसेंस मिलेगा। बैंक्वेट हाल में आयोजित समारोह के दौरान शराब परोसने के लिए अब ऑनलाइन आवेदन होंगे।
- पंजीकृत बैंक्वेट के लिए पांच हजार और अपंजीकृत बैंक्वेट के लिए एक दिन का शुल्क दस हजार रुपये रखा गया है।

पर्यावरण संरक्षण के लिए कांच की बोतलों को बढ़ावा
- नई आबकारी पॉलिसी में पर्यावरण संरक्षण पर विशेष फोकस रहेगा। प्लास्टिक के नुकसान को देखते हुए शराब निर्माता कंपनियों को बीस फीसद शराब कांच की बोतल में देनी होगी।
- बाकायदा इन बोतलों पर सरकार की मुहर रहेगी। इसके अलावा खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए कुल कमाई का एक फीसद हिस्सा खेल गतिविधियों पर खर्च किया जाएगा।

ग्रामीण विकास के लिए देने होंगे 3 रुपये
- ग्रामीण विकास के लिए प्रति लीटर बीयर से कमाई पर तीन रुपये, देसी शराब पर पांच और अंग्रेजी शराब से होने वाली कमाई पर सात रुपये दिए जाएंगे।
- इस पैसे में 70 फीसद हिस्सा ग्राम पंचायतों, 20 फीसद पंचायत समितियों और दस फीसद जिला परिषदों को मिलेगा।

शराब तस्करी रोकने को इनफोर्समेंट विंग
- अवैध शराब का कारोबार रोकने के लिए इनफोर्समेंट विंग बनेगी। इसमें पुलिस अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल किए जाएंगे ताकि शराब माफिया का नेटवर्क तोड़ा जा सके।
- इसके अलावा शॉपिंग मॉल्स में शराब का डिस्पले करने के लिए छूट रहेगी। अंग्रेजी शराब के ठेकों का लाइसेंस ई-नीलामी के जरिये एक ही व्यक्ति को दिया जाएगा।
- आधार मूल्य 62.5 करोड़ रुपये रखा गया है। इस तरह वैट को मिलाकर करीब 110 करोड़ रुपये राजस्व आएगा।

चालू सत्र में कमाए 5682 करोड़ रुपये
- आबकारी विभाग ने चालू सत्र में आबकारी टैक्स से 5200 करोड़ रुपये कमाए। शराब पर वैट के रूप में 482 करोड़ का टैक्स अलग से मिला।
- इस तरह कुल राजस्व 5682 करोड़ रुपये आया। इस तरह कुल कमाई में करीब 13 फीसद का इजाफा हुआ। लाइसेंस फीस से 3200 करोड़ रुपये मिले।

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