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गुड़गांव छात्र हत्याकांडः सबूत न मिलने पर कोर्ट ने कंडक्टर अशोक को किया बरी

गुड़गांव के चर्चित स्कूल में 7 साल के बच्चे का हो गया था मर्डर।

Ram Khatana | Last Modified - Feb 28, 2018, 05:02 PM IST

  • गुड़गांव छात्र हत्याकांडः सबूत न मिलने पर कोर्ट ने कंडक्टर अशोक को किया बरी
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    कंडक्टर अशोक। (फाइल)

    गुड़गांव। गुड़गांव के एक निजी स्कूल में 7 साल के स्टूडेंट के मर्डर केस मामले में गुड़गांव पुलिस द्वारा आरोपी बनाए गए बस कंडक्टर अशोक को कोर्ट ने बरी कर दिया है। सीबीआई ने कंडक्टर अशोक को क्लीन चिट दे दी थी। बुधवार को जज जसबीर कुंडू की अदालत ने अशोक के खिलाफ कोई सबूत न मिलने के कारण उसे बरी कर दिया। इस मामले में अब अगली सुनवाई 8 मार्च को होगी। पढ़िए क्या हुआ कोर्ट में...

    - कोर्ट ने स्कूल के मालिक जेएस थॉमस और फ्रांसिस थॉमस को 10 अप्रैल तक कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं।
    - वहीं कोर्ट ने सीबीआई और स्टेट पुलिस की एफआईआर को भी मर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने सीबीआई को भी 10 अप्रैल तक जांच पूरी करके फाइनल चार्जशीट पेश करने के आदेश दिए हैं।

    गिरफ्तारी के 73 दिन बाद मिली थी अशोक को बेल
    - बता दें कि प्रिंस हत्याकांड के दूसरे दिन ही हरियाणा पुलिस ने अपनी थ्योरी से बस कंडक्टर अशोक को आरोपी बना दिया था।
    - सीबीआई की जांच के बाद जब अशोक को क्लीन चिट मिली तो कोर्ट ने उसे 73 दिन बाद बेल दी थी। अशोक को 8 सितंबर को हरियाणा पुलिस ने अरेस्ट किया था।

    अशोक के खिलाफ सबूत पेश नहीं कर पाई थी सीबीआई

    - गुड़गांव डिस्ट्रिक्ट कोर्ट जज ने माना था कि अशोक के खिलाफ सीबीआई कोई सबूत पेश नहीं कर पाई। अशोक ने मामले को जिंदगी और मौत का सवाल बताया था, लिहाजा उसे 50 हजार के बॉन्ड पर जमानत दे दी थी।

    अशोक ने पुलिस पर बेरहमी से पिटने के लगाए थे आरोप

    - कोर्ट से बेल मिलने के बाद अशोक ने पुलिस पर बेरहमी से पिटने के आरोप लगाए थे।

    - अशोक का आरोप था कि पुलिस वालों ने उसे बुरी तरह से पीटा और यह जुर्म कबुल करवा लिया।

    - बेल मिलने के कई दिन बाद तक अशोक अपने पैरों पर चलने के काबिल भी नहीं था।

    कब हुआ था स्कूल में मर्डर?
    - गुड़गांव के चर्चित स्कूल में 8 सितंबर को 7 साल के बच्चे का मर्डर कर दिया गया था। बॉडी टॉयलेट में मिली थी। इस मामले में पुलिस ने स्कूल बस के कंडक्टर अशोक कुमार को अरेस्ट किया था। आरोपी 8 महीने पहले ही स्कूल में कंडक्टर की नौकरी पर लगा था।
    - अशोक ने मीडिया को बताया था, ''मेरी बुद्धि भ्रष्ट हो गई थी। मैं बच्चों के टॉयलेट में था। वहां गलत काम कर रहा था। तभी वह बच्चा आ गया। उसने मुझे देख लिया। मैंने उसे पहले देखा धक्का दिया। फिर खींच लिया। वह शोर मचाने लगा तो मैं डर गया। फिर मैंने उसे दो बार चाकू से मारा। उसका गला रेत दिया।''
    - बाद में सीबीआई ने जांच की। इसके बाद 11वीं के स्टूडेंट को इस मर्डर केस में आरोपी बनाया गया।

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    बेल मिलने के बाद पैरों पर चलने के काबिल नहीं था कंडक्टर अशोक। (फाइल)
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    आरोपी स्टूडेंट को कोर्ट लेकर जाते हुए। (फाइल)
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