पानीपत

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बजट में शायरी पर कुलदीप का तंजः कैप्टन ने नई-नई मूछें बढ़ाई हैं, गालिब बनने का शौक है

बजट में शायरी पर कुलदीप का तंजः कैप्टन ने नई-नई मूछें बढ़ाई हैं, गालिब बनने का शौक है

Danik Bhaskar

Mar 09, 2018, 06:02 PM IST
विधानसभा में बजट पेश करते हुए विधानसभा में बजट पेश करते हुए

पानीपत। हरियाणा के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने खट्टर सरकार का चौथा बजट हरियाणा विधानसभा में पेश किया। इस दौरान वे शेर शायरी भी करते नजर आए। कैप्टन ने बजट भाषण के दौरान एक शेर पढ़ा कि '' कुछ तो फूल खिलाए हमने और कुछ फूल खिलाने हैं, मुश्किल ये है कि बाग में अब तक कुछ कांटे पुराने हैं।'' उनके इस शेर को पुरानी सरकारों से जोड़कर देखा जा रहा है। इस बारे में जब कांग्रेस एमएलए कुलदीप शर्मा से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कैप्टन साहब ने नई-नई मूछें बढ़ाई हैं, उन्हें गाबिल बनने का शौक है। हर आदमी गालिब नहीं बन सकता लेकिन शेर किसी से सुनकर पढ़ देना अपनी दिल की हसरत को बयान नहीं करता। अभय ने भी कसा तंज...

- बजट भाषण के दौरान कैप्टन अभिमन्यु ने कई बार पसीना पौंछा और बीच-बीच में पानी भी पिया।
- इस बात पर चुटकी लेते हुए इनेलो नेता अभय चौटाला ने कहा कि बजट पुस्तिका 51 पेज की थी। मैं देख रहा था कि वित्तमंत्री ने भाषण देते हुए 51 बार ही जेब से रूमाल निकाला और पसीना पौंछा। उनका बार-बार गला सूख रहा था, तीन बार पानी पिया। यदि बजट अच्छा होता तो ये घबराहट न होती।

शिक्षा मंत्री ने कैप्टन को बताया हैंडसम फाइनेंस मिनिस्टर
- शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने वित्तमंत्री द्वारा पेश किए गए बजट की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब, किसान और हर वर्ग के लिए है।
- उन्होंने कैप्टन अभिमन्यु को कॉम्लीमेंट देते हुए कहा कि बजट प्रेजेंट बॉय ए हैंडसम फाइनेंस मिनिस्टर।

कर्ण दलाल ने की आलोचना
- कांग्रेस नेता कर्ण दलाल ने कहा कि कैप्टन अभिमन्यु ने जो बजट पेश किया है उससे बीजेपी का घिनौना चेहरा सामने आ गया है। जिस हरियाणा के ऊपर 2014 महज 85 हजार करोड़ का कर्जा था। भाजपा सरकार ने 1 लाख 62 हजार का कर्ज खड़ा कर दिया है।

कुलदीप शर्मा ने ये खड़े किए सवाल
- कांग्रेस विधायक कुलदीप शर्मा ने कहा कि यह शब्दों का मकड़जाल है। आंकड़ों का खेल कैप्टन साहब खेलते हैं। क्या कारण है घाटा बढ़ रहा है। क्या कारण है कर्ज बढ़ रहा है। इन सब बातों का जवाब कैप्टन साहब बजट में नहीं देते हैं।
- उन्होंने कहा कि सरकार ने क्या किया गरीबों के लिए। कृषकों के लिए क्या किया। किसानों के लिए कौन सी ऐसी नीति बनाई गई है।
- जब इन्हें सत्ता सौंपी गई तो 70 हजार करोड़ रुपये कर्ज था। अब डेढ़ लाख करोड़ रुपये तक का कर्ज है। ग्रोथ कहां है, कर्मचारियों के लिए क्या किया है इस सरकार ने।

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