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केंद्र की डगर पर खट्टर सरकारः बजट में कृषि पर फोकस, मध्यमवर्गीय खाली हाथ

केंद्र की डगर पर खट्टर सरकारः बजट में कृषि पर फोकस, मध्यमवर्गीय खाली हाथ

Danik Bhaskar | Mar 09, 2018, 04:20 PM IST
हरियाणा विधानसभा में बजट पेश क हरियाणा विधानसभा में बजट पेश क

चंडीगढ़/पानीपत। हरियाणा की मनोहर सरकार ने शुक्रवार को चौथा बजट पेश किया। इस बजट को 2019 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लोक लुभावन माना जा रहा था लेकिन यह बजट केंद्र की फोटो कॉपी रहा। बजट किसानों पर फोकस रहा। उद्योगों के लिए प्राकृतिक गैस पर वैट 12.5 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत की घोषणा को छोड़ दें तो उन्हें भी कुछ नहीं मिला है। मध्यमवर्ग को भी डायरेक्ट कोई लाभ नहीं दिया गया है। कृषि क्षेत्र का बजट 51 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ाया..

- हरियाणा सरकार ने कृषि एवं सम्बद्ध गतिविधियों के लिए प्रस्तावित बजट को 51.22 प्रतिशत बढ़ाकर वर्ष 2018-19 के लिए 4097.46 करोड़ रुपए कर दिया है। यह 2017-18 के 2709.69 करोड़ रुपए था।
- इस 51 प्रतिशत बढ़ोतरी में कृषि के लिए 1838.49 करोड़ रुपए, पशुपालन के लिए 913.43 करोड़ रुपए, बागवानी के लिए 834.91 करोड़ रुपए, वनों के लिए 427.17 करोड़ रुपए और मत्स्य पालन के लिए 83.46 करोड़ रुपए परिव्यय रखा गया है।

2022 तक आय दोगुनी करने का कर रहे दावा
- खट्टर सरकार का कार्यकाल भले ही 2019 तक हो, क्योंकि खुद मुख्यमंत्री 2019 में विधानसभा चुनाव करवाने की घोषणा कर चुके हैं लेकिन वित्तमंत्री ने बजट भाषण में 2022 तक किसानों की आय को दुगुनी करने का दावा किया है।

हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण होगा स्थापित
- सरकार ने कृषि को लाभकारी बनाने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने तथा किसान परिवारों और भूमिहीन श्रमिकों के शारीरिक, वित्तीय और मनोवैज्ञानिक दवाब को कम करने के लिए उपाय करने हेतू ‘हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण’ स्थापित करने का निर्णय लिया है।