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हरियाणा कैबिनेट का फैसला: पद्मावती फिल्म नहीं होगी रिलीज, इन लोगों ने की ये बातें

हरियाणा कैबिनेट का फैसला: पद्मावती फिल्म नहीं होगी रिलीज, इन लोगों ने की ये बातें

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 02:33 PM IST
संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्म संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्म

पानीपत। हरियाणा कैबिनेट ने मंगलवार को संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के मुताबिक हरियाणा में 25 जनवरी को रिलीज हो रही यह फिल्म हरियाणा में बैन रहेगी। बता दें कि फिल्म की पृष्ठभूमि को लेकर राजपूत समाज की तरफ से किए गए विरोध के बाद यह फिल्म कई जगह बैन हो चुकी है, वहीं हरियाणा में भी इसे बैन करने की मांग उठी थी। साथ ही यह बात भी बता देने लायक है कि हरियाणा के कई मंत्री और नेता इस फिल्म को लेकर दी गई रिएक्शन को लेकर विवादों में रह चुके हैं। यहां तक कि भाजपा के हरियाणा चीफ मीडिया को-ऑर्डिनेटर सूरजपाल अम्मू को अपने पद से इस्तीफा दतक देना पड़ा था। जानें किसने क्या टिप्पणी की थी फिल्म को लेकर...

- साध्वी देवा ठाकुर ने कहा कि पद्मावती को किसी भी कीमत पर हरियाणा में चलने नहीं दिया जाएगा, चाहे इसके लिए कितनी भी कुर्बानियां क्यों ना देनी पड़ें। सरकार, भंसाली व अंबानी जैसे लोग इस गलतफहमी में ना रहें कि यह एक गीदड़ भभकी है। ये चेतावनी शेरों की दहाड़ है और वक्त आने पर ठेस पहुंचाने वाले लोगों को जवाब दे देंगे। अगर 16 हजार रानियां हमारे गौरव के लिए जौहर कर सकती हैं तो 11 करोड़ क्षत्रिय उनका सम्मान बचाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। जिस भी सिनेमाघर में यह फिल्म लगी, उसे जला दिया जाएगा।

- बीजेपी ने हरियाणा बीजेपी के चीफ मीडिया को-ऑर्डिनेटर कुंवर सूरजपाल अम्मू ने दीपिका पादुकोण और संजय लीला भंसाली का सिर काटकर लाने वाले को 10 करोड़ का इनाम देने का ऐलान किया था। पद्मावती फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी का रोल करने वाले रणवीर सिंह के पैर तोड़ने की धमकी भी दी थी। इसके बाद पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया और फिर अम्मू ने पार्टी के चीफ मीडिया को-ऑर्डिनेटर के पद से इस्तीफा दे दिया था।

- हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि संजय लीला भंसाली ने अपनी फिल्म के जरिए न केवल रानी पद्मावती के सम्मान से खिलवाड़ किया है, बल्कि सती प्रथा के विरोध में बने भारतीय कानून का भी उल्लंघन किया है। रानी पद्मावती देश की शान रही हैं। इतिहास से छेड़छाड़ करते हुए ऐसे उच्च चरित्र की रानी को सार्वजनिक तौर पर नाचते हुए दिखाना भारतीय समाज का अपमान है। इसके बाद ही हाल ही में विज ने इस फिल्म के मसले को फिर से कैबिनेट की बैठक में रखने की बात कही थी।

- इसके अलावा उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने फिल्म पद्मावती को लेकर केंद्रीय स्मृति ईरानी और फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली को पत्र लिखा था। गोयल ने ऐतिहासिक तथ्यों को परखने की अपील करते हुए लिखा था, फिल्म के ट्रेलर में अलाउद्दीन खिलजी का महिमामंडन गलत है। फिल्म को बेचने के लिए या भव्य बनाने के लिए एेतिहासिक तथ्यों से खिलवाड़ करना ठीक नहीं है।

अब कौन क्या कह रहा है इस बारे में

- उधर फिल्म बैन होने के बाद मीडिया ये बात करते हुए करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र कालवी और सूरज पाल अम्मू ने हरियाणा सरकार, सीएम मनोहर लाल खट्‌टर का धन्यवाद किया है।

- साथ ही इस बारे में अनिल विज ने कहा कि पहले जब उन्होंने इस मसले को कैबिनेट और सीएम मनोहर के सामने रखा तो सीएम ने सेंसर बोर्ड के फैसले के बाद अगला कदम उठाने की बात कही थी। विज का कहना है कि अब जबकि सेंसर बोर्ड का फैसला आ गया तो दोबारा इस मुद्दे को कैबिनेट की बैठक में रखा गया।