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फोर्टिस के खिलाफ स्नढ्ढक्र ड्राफ्ट, मंत्री ने लीज कैंसल के लिए भी लिखा लैटर

फोर्टिस के खिलाफ स्नढ्ढक्र ड्राफ्ट, मंत्री ने लीज कैंसल के लिए भी लिखा लैटर

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2017, 04:56 PM IST
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अम्बाला। गुड़गांव के फोर्टिस अस्पताल में बच्ची की डेंगू से मौत के बाद इलाज में 16 लाख रुपये वसूलने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में हरियाणा सरकार ने एफआईआर दर्ज करवाने की तैयारी कर ली है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एफआईआई भी ड्राफ्ट की गई है। वहीं बच्ची के पिता जयंत सिंह ने भी गुड़गांव में एफआईआर दे दी है। हालांकि अभी तक मामला दर्ज नहीं हुआ है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने हरियाणा अर्बन अथॉरिटी को पत्र लिखकर फोर्टिस अस्पताल की लीज रद्द करने को कहा है।

- गौरतलब है कि 6 दिसंबर को फोर्टिस अस्पताल के संदर्भ में हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज द्वारा प्रेसवार्ता कर डॉक्टरों को MURDERIST कहने के विरोध में दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने अखबारों में विज्ञापन देकर इसका विरोध किया है।
- विज ने भी इस विज्ञापन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मंत्री अनिल विज ने कहा कि 14 दिन तक जो बच्ची वेंटीलेटर पर रहती है, शिफ्ट करते वक्त उसका वेंटिलेटर उतार दिया जाता है। एंबुलेंस में ऑक्सीजन की सुविधा नहीं दी जाती, उसको अगले अस्पताल में जाने के लिए अटेंडेंट नहीं दिया जाता, एंबु बैग नहीं दिया जाता।
- यह मर्डर नहीं तो और क्या है ? मरीज को नहीं मालूम कि वह अगले अस्पताल तक नहीं पहुंच सकता तो इसके लिए दोषी कौन है ?
- विज ने दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन को सीख देते हुए कहा कि अब समय बदल चुका है अब लोग प्राइवेट अस्पतालों की लूट और गुंडागर्दी और क्रिमिनल नेग्लिजेंस के खिलाफ उठ खड़े हुए हैं । DMA को चाहिए कि वह अपने आप को और अपने डॉक्टरों को सुधरने की हिदायत दे ।

एफआईआर ड्राफ्ट, बल्ड बैंक का लाइसेंस रद्द
- विज ने कहा हम एफआईआर दर्ज करवाने जा रहे हैं जो ड्राफ्ट हो चुकी है, ब्लड बैंक द्वारा ज्यादा पैसे चार्ज करने के लिए हमने ब्लड बैंक का लाइसेंस रद्द करने का नोटिस दे दिया है।
- विज ने बताया कि डेंगू एक नोटिफाईएबल डिजीज है इसका सरकार को बताना जरूरी होता है जो कि उन्होंने सरकार को नहीं बताया ऐसे में 6 महीने की सजा का प्रावधान है। इसका भी नोटिस दे दिया गया है।
- विज ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि गुड़गांव के फोर्टिस अस्पताल द्वारा सरकार से सस्ते दामों पर जमीन लेते समय MOU साइन किया गया था, जिसमे ये लिखा गया था कि ये 20 प्रतिशत बेड हम गरीब लोगों के लिए रखेंगे, जो ये उपलब्ध नहीं करवा रहे।
- स्वास्थ्य मंत्री विज ने कहा कि उन्होंने हरियाणा अर्बन अथॉरिटी को पत्र लिख कर गुड़गांव के फोर्टिस अस्पताल की लीज रद्द करने के लिए भी पत्र लिखा है।

ये है पूरा मामला
- दिल्ली के द्वारका में रहने वाले जयंत सिंह की सात साल की बेटी आद्या को 27 अगस्त से तेज बुखार था। दूसरे ही दिन उसे रॉकलैंड अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां दो दिन भर्ती रहने के बाद उन्होंने गुड़गांव के फोर्टिस अस्पताल में रेफर कर दिया।
- डॉक्टरों ने बच्ची को अगले दस दिन लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा। 14 सितंबर को बच्ची की मौत हो गई।

मामला कैसे सामने आया?

- दरअसल, बच्ची के पिता जयंत सिंह के एक दोस्त ने @DopeFloat नाम के हैंडल से 17 नवंबर को हॉस्पिटल के बिल की कॉपी के साथ ट्विटर पर पूरी घटना शेयर की।
- उन्होंने इसमें लिखा, ''मेरे साथी की 7 साल की बेटी डेंगू के इलाज के लिए 15 दिन तक फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती रही। हॉस्पिटल ने इसके लिए उन्हें 16 लाख का बिल दिया। इसमें 2700 दस्ताने और 660 सीरिंज भी शामिल थीं। आखिर में बच्ची की मौत हो गई।''
- 4 दिन के भीतर ही इस पोस्ट को 9000 से ज्यादा यूजर्स ने रिट्वीट किया। इसके बाद हेल्थ मिनिस्टर जेपी नड्डा ने हॉस्पिटल से रिपोर्ट मांगी।

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