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हिंदी की पाठ्य पुस्तकें तैयार करवाने में जुटी हरियाणा ग्रंथ अकादमी

हिंदी की पाठ्य पुस्तकें तैयार करवाने में जुटी हरियाणा ग्रंथ अकादमी

Danik Bhaskar | Jan 25, 2018, 12:42 PM IST

सिरसा। हरियाणा ग्रंथ अकादमी हिंदी में यूनिवर्सिटी और कॉलेज स्तरीय पुस्तकें तैयार करवाने का कार्य कर रही है। इसके पहले चरण में हिंदी में पॉलिटेक्निक की पाठ्य पुस्तकें तैयार करने का सिलसिला शुरू किया गया है। भारत सरकार के उपक्रम केंद्रीय तकनीकी एवं पारिभाषिक शब्दावली आयोग द्वारा इस कार्य के लिए हरियाणा ग्रंथ अकादमी को चुना गया है। हरियाणा ग्रंथ अकादमी के डिप्टी चेयरमैन और डायरेक्टर प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने चौधरी देवी लाल यूनिवर्सिटी के यूजीसी कोचिंग सेल के तत्वावधान में पुस्तक लेखन विषय में आयोजित एक गोष्ठी में इसकी जानकार दी।

- प्रो. चौहान ने यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. विजय कायत से उनके कार्यालय में मुलाकात की और शिक्षकों को पुस्तकें लिखने के लिए प्रेरित किए जाने बारे रणनीति पर विमर्श किया।
- गोष्ठी में अपने संबोधन के दौरान प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि राजभाषा हिंदी में यूनिवर्सिटी और कॉलेज के विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों की गुणवत्तापरक पुस्तकें उपलब्ध कराना आज भी एक बड़ी चुनौती है।
- अधिकांश विषयों में नई पुस्तकें लिखें और प्रकाशित किए जाने की गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार पुस्तकों के लेखन के कार्य में अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखने वाले लेखकों को प्रशिक्षण और प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
- इस कार्य के लिए अलग से आर्थिक संसाधन आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज और यूनिवर्सिटी के शिक्षकों को अपने-अपने विषयों का मूल्यांकन करते हुए नई पाठ्य पुस्तके तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाने चाहिए।
- प्रो चौहान ने कहा कि नई पीढ़ी के लेखकों में विद्यार्थियों की आवश्यकता के अनुसार पुस्तके तैयार करने की ओर रुझान बढ़े, यह आवश्यक है।

जल्द आयोजित होगी लेखक प्रशिक्षण कार्यशाला
- अपने संबोधन में डॉ. उमेद सिंह ने उम्मीद जताई कि हरियाणा ग्रंथ अकादमी और चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी मिलकर इस कार्य में प्रभावी भूमिका अदा कर सकेंगे। विचार गोष्ठी में मंथन के उपरांत जल्द ही लेखक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित किए जाने पर सैद्धांतिक सहमति बनी।
- निर्णय लिया गया कि चालू वित्त वर्ष के दौरान ही कम से कम एक राज्यस्तरीय कार्यशाला चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित कर प्रदेश भर के उदीयमान लेखकों को उस में आमंत्रित किया जाए। इस अवसर पर डॉ. रोहताश, डॉ. रविंदर, डॉ. कमलेश, डॉ. राजकुमार, डॉ. संजीत आदि मौजूद रहे।