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यरततकचतचरचतकर कतचर तकचर चतकरचत रचत

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Danik Bhaskar | Dec 08, 2017, 11:36 AM IST

करनाल। हरियाणा रोडवेज ने एक बार फिर से चक्का जाम का एलान कर दिया है। शुक्रवार को रोडवेज कर्मचारियों की जनसभा करनाल में हुई। यहां पर पांच यूनियनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। सभी ने एकमत से ऐलान किया कि 28 दिसंबर को रोडवेज को प्रदेश में चक्का जाम रहेगा। सरकार वायदे पूरी नहीं करती। निजी बसों को बढ़ावा देने के लिए अनापसनाप बयानबाजी कर रही हैं। इससे रोडवेज कर्मचारियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।

- राज्य प्रधान दलबीर किरमारा, अनूप सिंह सहरावत, हरिनारायण शर्मा ने कहा कि 2016-17 की निजी पॉलिसी और अंतरराज्यीय मार्गों पर रोडवेज बसों का जो बंद करने का निर्णय लिया है, वह बिल्कुल गलत फैसला है।
- दूसरे राज्य के लिए हरियाणा रोडवेज शान है। रोडवेज की किसी भी बस से घाटा नहीं है। सरकार की नियत माड़ी के चलते घाटा बनाया जा रहा है। सरकार की मनसा है कि निजी बसों को बढ़ावा दिया जाए। लेकिन ऐसा कतई सहन नहीं किया जाएगा।
- रोडवेज बसों से जनता को बेहतर सुविधा मिल रही है। प्रदेश के एक डिपो में 50 निजी बसें नियमों के विरुद्ध है।
- उन्होंने बताया कि यदि सरकार उनकी मांगों को मानती है तो चक्का जाम कैंसिल भी किया जा सकता है। इसके लिए सरकार ने लिखित रूप से देना होगा। क्योंकि सरकार ने अब तक जितने भी समझौते किए हैं उनमें एक भी लागू नहीं किया है।
- रोडवेज की यूनियनें मजबूत हैं। इसलिए सरकार को फैसला लेने के बाद भी बैकफुट पर आना पड़ता है। इसकी ताकत कर्मचारी हैं और रोडवेज का कर्मचारी एक प्लेटफार्म पर होना सबसे जरूरी है।