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शाह की रैली से पहले भगवा रंग में रंगा जींद, हाईकोर्ट के नोटिस का जवाब देगी

शाह की रैली से पहले भगवा रंग में रंगा जींद, हाईकोर्ट के नोटिस का जवाब देगी

Manoj Kaushik | Last Modified - Feb 14, 2018, 11:54 AM IST

शाह की रैली से पहले भगवा रंग में रंगा जींद, हाईकोर्ट के नोटिस का जवाब देगी

जींद। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की 15 फरवरी को होने वाली बाइक रैली के खिलाफ दायर याचिका को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। याचिकाकर्ता ने कहा था कि इतनी संख्या में बाइक के पहुंचने से कानून और व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है। इसके साथ-साथ यातायात उल्लंघन की स्थिति भी पैदा हो सकती है। जिस पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि इस रैली में न तो विरोध किया जा रहा है और न ही किसी प्रकार का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसलिए रैली पर कार्रवाई का कोई कारण नहीं है। इस मामले में केंद्र सरकार के वकील सत्यपाल जैन ने कहा कि यह रैली कहीं न कहीं आगामी लोकसभा चुनाव से जुड़ी है, जिसमें चुनाव आयोग के नियमों का भी कोई उल्लंघन नहीं है। पढ़िए क्या याचिका की गई थी दायर...

- अराइव सेफ सोसाइटी ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि 15 फरवरी को जींद में करीब एक लाख मोटरसाइकिल लाए जाने पर सवाल खड़े किए गए थे।
- याचिका में कहा गया था कि प्रदेश को सुलगने से बचाया जाए। याचिका में हरियाणा में पिछली बार हिंसक हुए जाट आरक्षण आंदोलन, उससे पहले रामपाल प्रकरण और फिर डेरा प्रकरण के दौरान हुई घटनाओं का उल्लेख किया गया था।
- याचिका में हालांकि जाट नेता यशपाल मलिक भी पार्टी थे, लेकिन मामले की सुनवाई कर रही बैंच को बताया गया कि मलिक ने चूंकि अपनी रैली स्थगित कर दी है, इसलिए उन्हें नोटिस भेजने की आवश्यकता नहीं है।’
- इस पर हाईकोर्ट ने केंद्र, हरियाणा सरकार, राज्य चुनाव आयोग, हरियाणा पुलिस, हरियाणा भाजपा, जींद जिलों के डीसी व एसपी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था।

रैली के दिन होगी एनजीटी में सुनवाई
- एनजीटी में एक सामाजिक संस्था ने जींद रैली में पहुंचने वाली एक लाख मोटरसाइकिलों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए याचिका दायर की थी।
- मंगलवार 13 फरवरी को इस पर सुनवाई हुई। इसके दौरान हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जवाब दिया कि 15 फरवरी की रैली में शामिल होने वाली हर मोटरसाइकिल का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र जांचा जाएगा।
- इसके लिए बोर्ड ने जींद प्रशासन को लिखित तौर पर आदेश दे दिया है। हालांकि इस दौरान एनजीटी में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपना जवाब दाखिल नहीं किया है, इसलिए मामले की सुनवाई अब 15 फरवरी को होगी।
- याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि रैली 15 फरवरी को ही होनी है, इसलिए एनजीटी सबसे पहला केस यही सुनेगी।

कौन कितनी बाइक लाएगा, सूची देना जरूरी
- बाइक रैली को लेकर छोटे पदाधिकारियों से लेकर बड़े नेताओं तक पार्टी ने पूछा है कि रैली में वे कितनी बाइक लेकर आएंगे।
- पार्टी ने इसके लिए पदाधिकारियों व नेताओं से बाइक नंबर से लेकर आने वाले कार्यकर्ता की सूची मांगी है। इसे लेकर उन्होंने मंगलवार को रैली स्थल पर ही पार्टी नेताओं व पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
- इस दौरान उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को हलवा-पूरी खिलाएं या समोसे। कार्यकर्ता रैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने चाहिए। उन्होंने कहा कि रैली को सफल बनाने की सबसे ज्यादा जिम्मेदारी जींद जिले के कार्यकर्ताओं की है।
- संगठन महामंत्री ने इस दौरान एक-एक पार्टी पदाधिकारियों से पूछा कि बताओ रैली के लिए कितनी बाइक का रजिस्ट्रेशन हुआ है और कितनी लेकर आओगे। उन्होंने कई पदाधिकारियों द्वारा बताई गई बाइक संख्या को बताते हुए और ज्यादा संख्या में बाइक लाने के लिए भी कहा।
- महामंत्री ने पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि उनके द्वारा रैली में कितनी बाइक लाई गई। इसकी सूची तैयार कर वे संगठन को सौंपें, ताकि पता लग सके रैली में कौन कितनी बाइक लेकर आया है।

महिलाएं काली चुनरी ओढ़ सकती हैं, जवाब- काले रंग से बचें
- बैठक में जिला महिला मोर्चा की सचिव नीरज गोस्वामी ने संगठन मंत्री सुरेश भट्ट से पूछा कि सर, ये बताएं रैली में आने वाली महिलाएं क्या काले रंग की चुनरी ओढ़कर आ सकती हैं या नहीं। इस पर संगठन मंत्री ने कहा कि काले रंग से बचा जाए। क्योंकि इससे प्रशासन की ओर से परेशानी हो सकती है। महिलाओं को भी इस बारे में बताया जाए कि वे काले रंग की चुनरी न ओढ़कर आएं।

सभी फोटोः विजेंद्र मराठा, जींद

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