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कभी साइकल पर ऐसे बेचते थे जड़ी-बूटी, अब शुरू हुई इनकी अॉनलाइन दुकान

पतंजलि‍ आयुर्वेद ने ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ एग्रीमेंट कर ऑनलाइन मार्केटप्लेस में ली एंट्री।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jan 17, 2018, 10:53 AM IST

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    बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण के साथ साइकिल चलाते हुए। (फाइल)

    पानीपत/नारनौल। कभी साइकल पर जड़ी-बूटी बेचने वाले योगगुरू रामदेव की पतंजलि‍ आयुर्वेद ने ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ एग्रीमेंट कर ऑनलाइन मार्केटप्लेस में एंट्री कर ली है। अब पतंजलि‍ के सभी प्रोडक्ट्स पेटीएम मॉल, बि‍ग बास्‍केट, फ्लि‍पकार्ट, ग्रोफर्स, अमेजन, नेटमेड्ड, 1 एमजी, शॉपक्‍लूज और अन्‍य वेबसाइट पर भी उपलब्ध होंगे। कंपनी अभी तक अपने पोर्टल पतंजलि आयुर्वेद डॉट नेट पर अपने प्रोडक्ट्स की ऑनलाइन सेल कर रही थी। इसके अलावा उसके कुछ प्रोडक्ट अन्य विक्रेताओं के जरिए भी ऑनलाइन उपलब्ध थे। पतंजलि का दावा है कि उन्होंने 50 हजार करोड़ की उत्पादन क्षमता तैयार करके देश की सबसे अग्रणी बन गई है। पढ़िए कैसे गुरुकुल से शुरूआत कर 50 हजार करोड़ तक पहुंच गए बाबा रामदेव...

    - बाबा रामदेव का जन्म हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के सैद अलीपुर गांव में हुआ। उनके पिता का नाम रामनिवास व माता का नाम गुलाब देवी है।
    - उनके गांव के मौजूदा सरपंच देशपाल ने बताया कि रामदेव चार भाई बहन हैं। उनके बड़े भाई देवदत्त हैं, जो फौज से रिटायर हैं और अब गांव में ही रहकर खेती कर रहे हैं।
    - रामदेव दूसरे नंबर के हैं। उनसे छोटा भाई रामभरत है, जो रामदेव के साथ पतंजलि में पूरा कामकाज देखता है।
    - उनकी एक बहन ऋतंभरा भी है। बड़े भाई को छोड़कर सारा परिवार हरिद्वार पतंजलि में ही रह रहा है।

    घर से भागकर गुरुकुल पहुंच गए रामदेव
    - गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण करने के लिए रामदेव घर से भाग गए और कई गुरुकुल में प्रवेश के लिए पहुंचे लेकिन वहां प्रवेश नहीं मिल सका।
    - अंत में वे हरियाणा के खानपुर गुरुकुल में पहुंचे जहां गुरुकुल शिक्षा पद्धति से शिक्षा ग्रहण की। उनके पिता गुरुकुल ढूंढ़ते हुए पहुंचे और घर वापिस ले जाने लगे तो रामदेव ने मना कर दिया।

    1990 में आचार्य बालकृष्ण मिले और फिर दोस्ती हुई
    - 1990 में बाबा रामदेव की मुलाकात आचार्य बालकृष्ण से हुई।
    - यहां दोनों की दोस्ती हुई। गुरुकुल से शिक्षा ग्रहण करने के बाद बाबा दोनों हिमालय में योग व आयुर्वेद पर ज्ञान अर्जित किया।

    कृपालु आश्रम कनखल में 1994 में की शुरूआत
    - हरिद्वार के कृपालु आश्रम में 10 नवंबर 1994 में बाबा रामदेव व आचार्य बालकृष्ण ने चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की।
    - यहां वे योग कैंप लगाने लगे और आयुर्वेदिक पद्धति से लोगों की मुफ्त चिकित्सा भी करने लगे।
    - बाबा रामदेव तब घर-घर में जाना पहचाना नाम बन गए, जब एक धार्मिक टीवी चैनल ने उन्हें योग के एक प्रोग्राम में फीचर करना शुरू किया।
    - वर्ष 2006 में पतंजलि आयुर्वेद की हरिद्वार में स्थापना की गई।
    - आज उनका यह ब्रांड 50 हजार करोड़ की उत्पादन क्षमता तक पहुंच चुका है।

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    दोनों ने मिलकर1994 में चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की। (फाइल)
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    रामदेव के पिता रामनिवास और माता गुलाब देवी। (फाइल)
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    रामदेव के भाई रामभरत। (फाइल)
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    रामदेव के गांव सैद अलीपुर में स्थित धर्मशाला। (फाइल)
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    बाबा रामदेव का गांव सैद अलीपुर।
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    रामदेव द्वारा चलाया जा रहा गुरुकुल। (फाइल)
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Web Title: How Baba Ramdev Stand 50 Thousand Patanjali Ayurved Full Story
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