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Danik Bhaskar | Jan 08, 2018, 06:07 PM IST
आईएएस सुमिता मिश्रा। आईएएस सुमिता मिश्रा।

पानीपत। हरियाणा के सीएम मनोहर लाल की अतिरिक्त प्रधान सचिव रहीं सीनियर आईएएस डॉ. सुमिता मिश्रा अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टीम में शामिल होंगी। प्रदेश सरकार ने मंगलवार को 1990 बैच की इस अधिकारी को केंद्र में भेजने पर मुहर लगा दी है। सुमिता मिश्रा अब नीति आयोग के तहत दिल्ली में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद में संयुक्त सचिव के रूप में सेवाएं देंगी। माता-पिता दोनों थे डॉक्टर...

- डॉ. सुमिता मिश्रा का जन्म 30 जनवरी 1966 को लखनऊ में हुआ। उनकी माता डॉ. पीके मिश्रा और पिता डॉ. एनसी मिश्रा डॉक्टर थे।
- उन्होंने लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल से प्राथमिक शिक्षा हासिल की। बीए और एमए की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से पूरी की।
- 1990 में उनका भारती प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में चयन हुआ। वे बीते 28 सालों से हरियाणा सरकार में महत्वपूर्ण पद और जिम्मेदारियां संभाल रही हैं।
- अब वे केंद्र में अपनी भागीदारी देंगी।

तीन किताबें हो चुकी हैं प्रकाशित
- सुमिता मिश्रा की पहली साहित्यक कृति ‘ए लाइफ ऑफ लाईट’ नामक शीर्षक से कविताओं का संग्रह है, जिसका वर्ष 2012 में प्रकाशन व विमोचन किया गया।
- इसके बाद उनकी दूसरी कृति वक्त के उजाले में प्रकाशित हुई। इसके बाद जरा सी धूप नामक शीर्षक से उनकी तीसरी किताब प्रकाशित हुई।
- उनकी चौथी किताब “पेट्रिकर’ अंग्रेजी में है। जिसमें 51 कविताओं को समेटा है। वह जिंदगी को जिस अंदाज में महसूस करती हैं उन्हें अपनी कविताओं से शेयर किया है।

यूं तय होती है कविता की भाषा
- अपनी चौथी किताब के विमोचन पर सुमिता का कहना था कि यह मैं नहीं तय करती कि कविता किस भाषा में होगी। बल्कि यह कविता अपने आप तय करती हैं।
- बचपन से अंग्रेजी में लिखने का शौक रहा है। लेकिन जब मैंने हिंदुस्तानी में लिखना शुरू किया तो यूं लगा जैसे वापिस अपनी रूट्स से जुड़ गई हूं। उसके बाद मैंने हिंदी और अंग्रेजी में लिखा।
- जब भी कोई ख्याल जहन में आता है, उसे फौरन फोन पर नोट कर लेती हूं। कोई कविता मन में आए तो फौरन उसे लिख डालती हूं। इसलिए ताकि उस विचार की मौलिकता बनी रहे। उससे छेड़छाड़ हो।