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शाह की रैली से पहले सरकार ने रात ११.३० बजे जाटों को मनाया, नहीं होगी ट्रैक्टर रैली

शाह की रैली से पहले सरकार ने रात ११.३० बजे जाटों को मनाया, नहीं होगी ट्रैक्टर रैली

Dainik Bhaskar

Feb 12, 2018, 10:55 AM IST
बैठक खत्म होने के बाद प्रेसवार बैठक खत्म होने के बाद प्रेसवार

दिल्ली/पानीपत। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की बाइक रैली के विरोध पर अड़े जाट नेताओं को दिल्ली में रविवार की देर रात सीएम मनोहर लाल ने मना लिया। तीन प्रमुख मुद्दों समेत सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई। जाटों पर दर्ज मुकदमे सरकार वापस लेगी। केंद्र में आरक्षण के लिए बिल सरकार इसी सत्र में लाएगी। इसी के साथ शाह की रैली के विरोध में 15 फरवरी को होने वाली ट्रैक्टर रैली जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने रद्द कर दी। पूर्व में भी जाटों की मांगों पर शाह के साथ हुई मीटिंग में इसी तरह की सहमति बन चुकी है।

- दिल्ली स्थित हरियाणा किसान भवन में शाम पांच बजे शुरू हुई वार्ता तीन दौर के बाद रात 11:30 बजे खत्म हुई। ऐसा पहली बार हुआ कि जाट नेता, केंद्रीय मंत्री और सीएम ने एक ही बार बैठक कर हल निकाल लिया।
- 2016 में आगजनी और 2017 में 50 दिन चले लंबे आंदोलन के बाद ही सीएम, केंद्रीय मंत्री और जाट नेता एक मंच पर आए थे।
- इस बार शाह की रैली प्रस्तावित थी, इसलिए शाह के मत के मुताबिक ही शीघ्र हल निकाल लिया गया। पिछले वर्ष सरकार और समिति में सहमति हुई थी, लेकिन मांगें पूरी नहीं होने से समिति खफा थी।
- मीटिंग में मलिक, सीएम, बीरेंद्र सिंह और कृष्ण लाल पंवार मौजूद रहे।

ये हुए सवाल-जवाब
समिति :
19 मार्च 2017 को हुए समझौते के अनुसार हरियाणा सरकार से संबंधित मांगें कब तक पूरी होंगी।
सरकार: मुकदमे पहले ही वापस ले लिए गए हैं। जो बचे हैं, वो भी वापस होंगे। आंदोलन में मारे गए लोगों के आश्रितों को नौकरी दी जा चुकी है।
समिति : केंद्र में आरक्षण के लिए लोकसभा में राष्ट्रीय सामाजिक व शैक्षणिक पिछड़ा वर्ग आयोग बिल कब तक पास हो जाएगा।
सरकार: केंद्र सरकार इसी सेशन में आरक्षण के लिए बिल लेकर आएगी। वहीं, राज्य में सरकार हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार 31 मार्च तक सभी आंकड़े जुटाकर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को उपलब्ध कराएगी।
समिति : सीबीआई के पास चल रहे केसों का क्या होगा।
सरकार: इन मामलों पर सरकार सीधे तौर पर कुछ नहीं कर सकती। हरियाणा भाजपा प्रभारी अनिल जैन और महासचिव भूपेंद्र यादव इन मामलों को देखेंगे। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला से संबंधित मुद्दों पर सरकार ने कहा कि यह आपका आंतरिक मामला है। वहीं, हिसार के समैण में मलिक पर हुए हमले की जांच कर जल्द गिरफ्तारी होगी।

पहले दौर में नोक झोंक
- बैठक के पहले दौर में समिति के सभी 50 सदस्य मौजूद रहे। सभी मांगों पर चर्चा हुई। लेकिन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह में तीखी नोकझोंक हुई। बीरेंद्र ने कहा कि राष्ट्रीय सामाजिक एवं शैक्षणिक पिछड़ा आयोग बिल जरूर लाएंगे।
- मलिक ने कहा कि केवल बिल लाने से आरक्षण नहीं मिलेगा। सरकार ने संसद के अगले सत्र तक का समय मांगा। दूसरे दौर की बैठक में 2 दिन में विचार कर फिर से मीटिंग करने की बात हुई। तीसरे दौर में बीरेंद्र ने कहा कि राज्यसभा में भी भाजपा सदस्यों की संख्या बढ़ गई है। इससे बिल लाने में आसानी होगी। धैर्य रखें, आरक्षण जरूर मिलेगा।

15 की ट्रैक्टर रैली रद्द
- रविवार सुबह कार्यालय खोलवाकर सरकार जाटों पर दर्ज केस वापस लेने लगी। पुलिस ने केस वापसी की सूचना देकर लोगों से अर्जियों पर हस्ताक्षर भी कराए।
- इसका जिक्र बैठक में भी हुआ। दिल्ली में सुबह सीएम और केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के बीच बात हुई। बीरेंद्र को जाटों को मनाने की जिम्मेदारी दी गई।
- इसके बाद बीरेंद्र हिसार निकल गए। वहां जाट प्रतिनिधियों से बैठक के बाद रोहतक में भी जाट नेताओं से मिले। इसके बाद दिल्ली गए। वहीं समिति के सदस्यों ने दिल्ली में मीटिंग से पहले वार्ता के लिए मुद्दे तय किए।

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