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२००९ में भूमि अधिग्रहण का मामलाः २९ किसानों के हिस्से आया सिर्फ १-१ रुपए मुआवजा

२००९ में भूमि अधिग्रहण का मामलाः २९ किसानों के हिस्से आया सिर्फ १-१ रुपए मुआवजा

Danik Bhaskar | Mar 08, 2018, 10:09 AM IST

करनाल। जमीन अधिग्रहण के एक मामले में करनाल के 1334 किसानों में से 29 किसानों को एक-एक रुपए का मुआवजा मिला है। वह भी उनके बैंक खाते में डालने की बजाय कोर्ट में जमा कराया गया है। पश्चिमी यमुना कैनाल के साथ-साथ सीवरेज नाले के निर्माण हेतु 2009 में सरकार ने करनाल की 6 बीघे 17 बिसवे भूमि अधिग्रहित की थी। मामले में एक हजार किसानों को 500 रु. से कम की राशि मिलेगी।

- 30 किसानों को दो, 64 को तीन, 78 को पांच, 36 को सात, 26 को आठ और 8 लोगों को दस रुपए ही मिलेंगे।
- 15 जुलाई 2015 को तत्कालीन एडीजे के कोर्ट ने मुआवजा राशि देने के आदेश दिए थे। पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिवीजन नंबर-2, करनाल के कार्यकारी अभियंता ने 50% मुआवजा राशि अतिरिक्त जिला जज डॉ. चन्द्रहास के कोर्ट में बीटी के माध्यम से 1334 किसानों के नाम से एक करोड़ 32 लाख 59 हजार 219 रुपए जमा कराए हैं।

आसान नहीं मुआवजा लेना
- किसानों के वकील शक्ति सिंह के मुताबिक पहले तो मुआवजे का ट्रेजरी में सीसीडी नंबर लगता है। कोर्ट को जमा राशि भूस्वामी के नाम जारी करने के लिए फाइल पर आदेश पारित करना पड़ता है और कोर्ट में लंबित केसों की संख्या अधिक होने के कारण इस प्रक्रिया में समय लगता है।
- व्यक्ति का पैन कार्ड व बैंक पास बुक की कापी लेकर उसका यूनिक आईडी कोड बनाकर रजिस्टर में फोटो लगाकर सारा विवरण दर्ज कर वकील द्वारा वेरिफिकेशन कराने के बाद ही रिलीज अॉर्डर जारी किया जाता है।
- भूस्वामी को उसे लेकर ट्रेजरी में जाना पड़ता है, जहां फिर से भूस्वामी की वकील द्वारा वेरिफिकेशन कराने के बाद पे-अॉर्डर जारी होता है। इस पर दोबारा जज के हस्ताक्षर होते हैं और पे-ऑर्डर बैंक में भेजा जाता है।
- बैंक मुआवजा राशि भूस्वामी के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से भेजता है।