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हरियाणा में अब सेंट्रलाइज्ड होगी महिला हेल्पलाइन १०९१, विशेष अफसर भी तैनात होंगी

हरियाणा में अब सेंट्रलाइज्ड होगी महिला हेल्पलाइन १०९१, विशेष अफसर भी तैनात होंगी

Dainik Bhaskar

Dec 21, 2017, 05:08 PM IST
Mahila helpline will be centralized in Haryana

पानीपत/चंडीगढ़। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब हरियाणा में भी महिला सुरक्षा को अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से हेल्पलाइन 1091 को सेंट्रलाइज्ड किया जाएगा। राज्य में विशेष महिला अधिकारियों की तैनाती भी होगी। ये अफसर फिलहाल पायलट आधार पर केवल दो जिलों में ही लगाई जाएंगी। अगर प्रयोग सफल हुआ तो इसे अन्य जिलों में भी विशेष महिला अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।


मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई सुशासन सहयोगियों की मीटिंग में यह फैसला किया गया। मीटिंग में बताया कि उत्तर प्रदेश में महिला हेल्पलाइन 1090 वूमेन पावर लाइन के नाम से लागू की गई है। वहां इसके बहुत अच्छे परिणाम सामने आए हैं। वहां इस तरह के मामलों में एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, बल्कि मनचलों को भी पहले फोन से ही समझाया जाता है। अगर नहीं मानते हैं तो दूसरी तरह कार्रवाई की जाती है।

इससे महिलाओं खासकर लड़कियों में जहां सुरक्षा की भावना बढ़ी है, वहीं मनचले और आवारा लड़कों के मन में काफी खौफ भी बैठा है। हरियाणा में हालांकि अभी भी 1091 महिला हेल्पलाइन बनी तो हुई है, लेकिन प्रभावी तरीके से काम नहीं कर रही है। इससे पहले डायल-100 का कंसेप्ट भी उत्तर प्रदेश से ही लिया गया था। जिसे अगले साल 1 नवंबर तक प्रदेशभर में लागू कर दिया जाएगा।

मीटिंग में बताया कि राज्य के दो जिलों रोहतक और करनाल में पुलिस मित्र कक्ष योजना को फिलहाल पायलट बेसिस पर लागू किया गया है। इस बारे में लोगों से फीडबैक लिया जा रहा है। इस फीडबैक के आधार पर इसे बाद में अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। पुलिस की मदद के लिए लगाई गई महिला वालंटियर्स की प्रणाली को और अधिक मजबूत करने पर भी सहमति बनी।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए है वूमेन पावर लाइन अप
उत्तर प्रदेश में वूमेन पावर लाइन अप के आईजी नवनीत सिखेरिया ने बताया कि वूमेन पावर लाइन अप केवल महिलाओं के लिए ही है। इसकी खासियत यह है कि राज्यभर में से जब भी कोई महिला 1091 नंबर पर कॉल करेगी तो उसकी बात हमेशा महिला अधिकारी से ही होगी। ताकि वह बेझिझक अपनी समस्या बता सके। इस तरह के मामलों में शिकायत करने वाली महिलाओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। जांच या कार्रवाई के लिए पुलिस न तो कभी उसके घर जाती है और न ही उसे थाने अथवा पुलिस चौकी पर बुलाया जाता है।

यहां तक कि अगर शिकायत करने वाली महिला से रूबरू बातचीत की जरूरत भी तो उसे कॉलेज, केंटीन अथवा किसी ऐसी जगह पर बुलाया जाता है जिससे उसकी गोपनीयता बनी रहे। वहां भी महिला पुलिस अधिकारी उससे सादा वर्दी में मिलकर ही बात करती है। समस्या का समाधान होने के बाद भी संबंधित महिला से 2 साल तक नियमित फीड बैक लिया जाता है ताकि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। आईजी नवनीत ने बताया कि इसके लिए उनकी हर जिले में अलग यूनिटें बनी हुई हैं।

आपातकालीन मदद के लिए है डायल-100
किसी भी तरह की आपात परिस्थिति में पुलिस मदद के लिए डायल-100 स्कीम है। हालांकि यह कई राज्यों में पहले से ही लागू है। इसमें भी केंद्रीयकृत कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसमें कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह की मदद के लिए 100 नंबर पर डायल कर सकता है। कंप्यूटराइज्ड सिस्टम के माध्यम से उसकी कॉल तुरंत निकटतम पुलिस स्टेशन के साथ-साथ पीसीआर वैन को ट्रांसफर कर दी जाती है। इसमें शिकायतकर्ता को तुरंत रिस्पांस मिले, इस पर फोकस किया जाता है। इसमें मौका के हालात के हिसाब से जो भी कानूनी कार्रवाई बनती है, वह की जाती है।

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