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क्क॥ह्रञ्जह्रस्: पहले ऐसे दिखती थी ये ङ्खङ्खश्व रेसलर, मिलिए इनकी फैमिली से

क्क॥ह्रञ्जह्रस्: पहले ऐसे दिखती थी ये ङ्खङ्खश्व रेसलर, मिलिए इनकी फैमिली से

Danik Bhaskar | Dec 09, 2017, 06:17 PM IST
डब्लूडब्लूई में जाने से पहले क डब्लूडब्लूई में जाने से पहले क

पानीपत/जींद। दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में डब्लूडब्लूई की फाइट हो रही है। इसमें शुक्रवार को पहले दिन हरियाणा के सतेंदर डागर उर्फ जीता रामा ने चाद गबले को हराकर फाइट जीत ली। फाइट में अन्य रेसलर भी फाइट करेंगे। इस फाइट में जींद की कविता दलाल सिर्फ अपनी टीम के मोटिवेशन के लिए रिंग में आएंगी, लेकिन वह फाइट नहीं करेंगी। यह जानकारी खुद कविता ने दी है। कविता अभी तैयारी में जुटी है वह आने वाले कुछ महीनों में रिंग में फाइट करती नजर आएंगी। शादी के बाद ऐसे पहुंची रिंग तक...

 

 

- कविता दलाल शादी से पहले खेलों से जुड़ी रही लेकिन 2009 में कविता की यूपी के बड़ौत में रहने वाले गौरव से शादी हो गई। 
- पति व फैमिली मैंबर की सोच पुरुष प्रधान होने के कारण कविता खेलों से दूर हो गई। कविता का कहना है कि उसके पति भी नहीं चाहते थे कि वह खेले। 
- इससे वह कुछ दिन डिप्रेशन में भी रही। इसके बाद उसने खुद इस डिप्रेशन से निकलने की सोची और धीरे-धीरे अपने पति व परिवार के सदस्यों को मनाया। तब वह रेसलिंग में आ सकी। 
 

 

एसएसबी में कांस्टेबल की नौकरी छोड़ चुकी है कविता
- जींद के मालवी गांव की रहने वाली कविता जुलाना के सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 12 तक पढ़ी हैं। इसके बाद 2004 उन्होंने लखनऊ में अपनी रेस्लिंग की ट्रेनिंग शुरू की। ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने पढ़ाई भी जारी रखी और साल 2005 में बीए की पूरी कर ली।
- पढ़ाई और ट्रेनिंग के बाद 2008 में कविता ने बतौर कांस्टेबल एसएसबी में नौकरी ज्वाइन की। नौकरी लगने के बाद साल 2009 में उसकी शादी हो गई। गौरव भी एसएसबी में कांस्टेबल हैं और वॉलीबॉल के खिलाड़ी हैं। 
- शादी के बाद कविता ने रेसलिंग जारी रखी और द ग्रेट खली की एकेडमी ज्वाइन कर ली। 
- जालंधर स्थित खली की एकेडमी में नेशनल रेसलर बुलबुल को सूट सलवार पहनकर चित कर दिया और रातोंरात फेमस हो गई। 
- कविता रोजाना 8 घंटे मेहनत करती है। 
- सूट सलवार पहनकर फाइट करने के पीछे कविता अपना मकसद बताती है कि वह समाज में लड़कियों को यह संदेश देना चाहती है कि लड़कियां जरुरी नहीं ऐसे रेसलिंग कास्टयूम डालकर ही फाइट कर सकती हैं। गांव देहात की लड़कियां भी सूट सलवार पहनकर फाइट कर सकती है। 
 

 

पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी है कविता
- कविता की 60 साल की मां ज्ञानमती देवी कहती हैं कि उसकी बेटी बचपन से ही तगड़ी थी। जब वह महज पांच साल की थी तब वह हर रोज एक बार में आधा किलो दूध पी जाती थी। उसे हलवा, चूरमा, पूड़े खाने का बड़ा शौक था।
- पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी कविता सबसे ताकतवर है। अब भी वह खाने में देसी घी, दूध और दही ही ज्यादा खाती है।

 

 

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