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ग बअदगिहद बहअइउ अीएीदएीर

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Dainik Bhaskar

Dec 27, 2017, 07:58 PM IST
आरोपी जगदीप (बायें)। पोस्टमॉर् आरोपी जगदीप (बायें)। पोस्टमॉर्

कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र के सारसा गांव में तीन बच्चों की हत्या करने वाले आरोपी चाचा जगदीप ने गुरुवार देर शाम जेल के बाथरूम में सुसाइड कर लिया। दो दिन बाद भी कोई जगदीप का शव लेने नहीं पहुंचा है। परिवार वालों के साथ-साथ पत्नी ने भी लिखित में यह कह दिया है कि वह शव नहीं लेना चाहती। बता दें कि शुक्रवार को जगदीप का पोस्टमॉर्टम हुआ था। वहीं गांव की पंचायत ने यह निर्णय लिया था कि जगदीप का दाह संस्कार गांव में नहीं होने देंगे। अभी भी शव सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुआ था पोस्टमॉर्टम...

- शुक्रवार को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार बंसल की निगरानी में वीडियोग्राफी हुई और पोस्टमॉर्टम करवाया गया।
- पोस्टमॉर्टम के दौरान डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट सुभाष चंद्र भी मौजूद रहे। वहीं पोस्टमॉर्टम करने वाले दल में डॉक्टर नीतिका भटनागर, डॉ. एसएस अरोड़ा व डॉ. विमल शामिल थे।

पायजामे का बनाया था फंदा
- जेल में यूं तो सुबह शाम गिनती होती है। शाम के समय रोजाना यह देखने के लिए अलग से जिला जेल में अभियान चलाते हैं कि सब कुछ ठीक है या नहीं। शाम के समय बंदियों की गिनती के दौरान जब जगदीप गायब मिला, तो उसके कमरे में देखने सुरक्षा कर्मी गए। लेकिन वह कमरे में नहीं मिला।
- इस पर कमरे के साथ बाथरूम में देखने गए। जहां देखा कि वहां वह पायजामा का फंदा बनाकर पानी की टंकी की टोंटी से झूलता मिला। जगदीप के खिलाफ अपने छोटे भाई की हत्या करने का भी आरोप था।

तीन बच्चों की गोली मारकर की थी हत्या
- बता दें कि 19 नवंबर को गांव सारसा पिहोवा से तीन बच्चे समीर-समर व सिमरन तीनों बच्चे संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गए थे। तीसरे दिन 21 नवंबर को तीनों बच्चों के शव पंचकूला के मोरनी जंगल से मिले थे। फिर पता चला कि जगदीप ने ही तीनों बच्चों की हत्या की थी।
- देर शाम कागजी कार्रवाई कर पुलिस ने जगदीप का शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया था। 19 नवंबर को लापता हुए बच्चों की हत्या की खबर से ना केवल सारसा बल्कि पूरा कुरुक्षेत्र सन्न रह गया था। तब जगदीप ने कबूल किया था कि हत्या बच्चों के पिता सोनू के कहने पर की थी। प्लानिंग के तहत जगदीप बच्चों को सारसा से कार में लेकर गया।
- किसी को शक ना हो, इस लिए पहले बच्चों को पैदल गांव के बाहर भेजा। फिर बाद में कार से मेला दिखाने की कह मोरनी हिल्स ले गया। वहां सुनसान एरिया में तीनों बच्चों की अलग-अलग जगह लेकर उसने गोली मार हत्या कर दी थी।
- इसके बाद उसने पुलिस को दिए बयान में बताया कि बच्चों की हत्या उसने अपने ताऊ के लड़के सोनू की जमीन व प्रॉपर्टी हड़पने के उद्देश्य से की थी।

जगदीप कबूल चुका था अपना जुर्म
- पुलिस ने शक के आधार पर बच्चों के पिता सोनू के चचेरे भाई जगदीप को गिरफ्तार किया था। जगदीप ने तीनों बच्चों की हत्या की वारदात कबूली थी। साथ ही पुलिस रिमांड के दौरान उसने अपने छोटे भाई बलविंद्र सिंह की हत्या की वारदात भी कबूली थी।

पत्नी से फोन पर बातचीत में जताया था पछतावा
- बता दें कि इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा करने में जगदीप की पत्नी ने अहम भूमिका निभाई थी। उसने जगदीप के साथ बातचीत रिकॉर्ड की थी। इस बातचीत में भी उस हत्याकांड के लिए जगदीप पछतावा करता सुन रहा था। वहीं जगदीप को सनकी भी माना जा रहा था। गांव में घर में भी उसने अलग से अपना कमरा बनाया हुआ था।

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