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स्वामी विवेकानंद की राह पर चलकर ही बनेगा नया भारत: प्रो. चौहान

स्वामी विवेकानंद की राह पर चलकर ही बनेगा नया भारत: प्रो. चौहान

Danik Bhaskar | Jan 13, 2018, 12:02 PM IST

घरौंडा (करनाल)। भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और विरासत को संजोते और संवारते हुए स्वामी विवेकानंद के दिखाए मार्ग के अनुसार उस सिलसिले को आगे बढ़ाना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया भारत के निर्माण का आह्वान भी इसी डगर पर चलकर पूरा होना संभव है। यह बात हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष और ग्रामोदय अभियान के संयोजक प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऊंचा समाना के विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। वीडियो कॉन्फ्रेंस से हुए प्रो. चौहान युवाओं से रू-ब-रू...

- राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऊंचा समाना में राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम युवा संवाद की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य वंदना चावला ने की, वहीं प्रो. चौहान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए युवा पीढ़ी से रू-ब-रू हुए।

- इस दौरान अपने संबोधन में प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि शिकागो की विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद ने भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का इस अंदाज में परिचय दिया था कि उसका परचम विश्व गगन में लहरा उठा।
- स्वामी विवेकानंद ने विश्वभर के धर्म गुरुओं को स्पष्ट शब्दों में बताया था कि वह संसार की उस महान सभ्यता और संस्कृति के प्रतिनिधि हैं, जिसने विश्व भर के सताए हुए और पीड़ित लोगों को अपने यहां बगैर किसी भेदभाव के लिए शरण दी।
- प्रो. चौहान ने विद्यार्थियों से कहा कि वह देश के महान पूर्वजों और उनके द्वारा किए गए श्रेष्ठ कार्यों पर गर्व करें और अपने जीवन में उन कार्यों को और आगे बढ़ाने के लिए संकल्पबद्ध होकर परिश्रम करें। उन्होंने कहा कि जीवन में लक्ष्य और ध्येय का निर्धारण परम आवश्यक है। जिस व्यक्ति ने अपने जीवन में कोई ध्येय नहीं बनाया, वह चलती-फिरती और हंसती-खेलती लाश से अधिक कुछ नहीं है।
- इस अवसर पर हिंदी अध्यापिका बबीता, किरणबाला और राजनीति विज्ञान शिक्षक रीना कुमारी ने भी विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के जीवन के प्रेरणादायक संस्मरण सुनाए।
- युवा दिवस समारोह कंप्यूटर शिक्षकों जगबीर शर्मा और राकेश शर्मा के तकनीकी सहयोग और संयोजन में हुआ। कार्यक्रम की समाप्ति प्राचार्य द्वारा मुख्य वक्ता के प्रति आभार प्रकट किए जाने के साथ हुई।