--Advertisement--

बंजर पड़ी थी जमीन, ७ ्यरू दूर से पानी लाकर रिटायर्ड फौजी ने लहरा दिया बाग

बंजर पड़ी थी जमीन, ७ ्यरू दूर से पानी लाकर रिटायर्ड फौजी ने लहरा दिया बाग

Danik Bhaskar | Jan 24, 2018, 12:04 PM IST
किसान सुजान सिंह। (बायें)। खेत किसान सुजान सिंह। (बायें)। खेत

रेवाड़ी। खारे पानी के कारण जिस जमीन पर सरसों, बाजरा व गेहूं की एक फसल भी सही से नहीं पैदा होती थी। उसी जमीन पर रिटायर्ड फौजी सुजान सिंह ने बाग लहरा दिया है। इसके लिए वे 7 किलोमीटर से पाइप के सहारे पानी लेकर आए और अब साढ़े 5 एकड़ में खेती से मुनाफा ले रहे हैं। पढ़िए सुजान सिंह की यह प्रेरणादायक कहानी...

- रेवाड़ी के गांव बोडिया कमालपुर निवासी 72 वर्षीय सुजान सिंह का नौकरी के दौरान खेती से कोई खास वास्ता नहीं था। लेकिन 68 साल की उम्र में उन्होंने खेती करने की ठानी।
- खेती में एक समस्या खारे पानी की आई। क्योंकि खारा पानी होने की वजह से खेती करना मुश्किल था।
- सुजान सिंह ने एक परिचित देहलावास निवासी केशव प्रसाद से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि पानी तो दे देंगे लेकिन 7.5 किलोमीटर दूरी पर जाएगा कैसे।
- सुजान सिंह ने जैसे तैसे देहलावास से लेकर गुलाबपुरा, मांढैया व जाड़रा आदि गांवों को क्रॉस करते हुए पाइप लाइन बिछवा दी और खेतों में मीठा पानी पहुंच गया।
- टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भी किया कि वे काफी दूर से ही रिमोट द्वारा ऑटोमेटिक मोटर बंद कर सकते हैं।
- आज वे बागबानी से ही वे प्रतिवर्ष दो लाख रुपए की अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं। फिलहाल उनके बेरी (एप्पल बेर) के पेड़ों पर फलों से लदे हुए हैं। दो एकड़ में किन्नू व इतनी ही जगह में अमरूद उगाए हुए हैं।

देसी खाद का करते हैं प्रयोग
- जुलाई 2013 में विशेषज्ञों से बागवानी की सलाह लेकर साढ़े 5 एकड़ में से किन्नू और बाद में अमरूद उगा दिए। हाईटेक किसान सुजान सिंह खेतों में यूरिया की बजाय जैविक (देसी) खाद का ही प्रयोग करते हैं।
- अब एक माह पहले गुजरात के जामनगर में वे 7 दिन रहे तथा वहां की खेती का जाना। वहां से लाए एप्पल बेर भी उगाने की तैयारी में हैं।

दोहरा मुनाफा: बाग के बीच में उगाई सब्जियां
- बागों के साथ वे दोहरा मुनाफा सब्जियां उगाकर ले रहे हैं। किन्नू व अमरूद के पेड़ों के बीच के फासले में वे मटर, मैथी, मूंग, पालक, कपास, गोभी, प्याज आदि की भी खेती करते हैं। करीब 4.5 एकड़ फसल पर परंपरागत फसलें उगाते हैं।