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दीवाली के दिन चली गई थी आंखों की रोशनी, अब सेंचुरी से जिताया वर्ल्ड कप का मैच

दीवाली के दिन चली गई थी आंखों की रोशनी, अब सेंचुरी से जिताया वर्ल्ड कप का मैच

Danik Bhaskar | Jan 12, 2018, 12:57 PM IST
एक कार्यक्रम के दौरान दीपक मलि एक कार्यक्रम के दौरान दीपक मलि

सोनीपत। बीते बुधवार को ब्लाइंड क्रिकेट वर्ल्ड कप में हरियाणा के दीपक मलिक के नाबाद 179 रनों की पारी की बदौलत भारत ने पहली जीत हासिल की। संयुक्त अरब अमीरात में खेले जा रहे पांचवें वर्ल्ड कप के मैच में भारत ने श्रीलंका की टीम को 6 विकेट से हराया। दीपक मलिक मैन अॉफ द मैच रहे। दीपक हरियाणा के भैंसवाल गांव के रहने वाले हैं, फेमस रेसलर योगेश्वर दत्त उन्हीं के गांव के हैं। दीपक ने गांव से क्रिकेट के मैदान का रास्ता साहस, संघर्ष और हौसले से तय किया। dainikbhaskar.com बताने जा रहा है दीपक मलिक की यह कहानी। दिवाली के दिन चली गई थी आंखों की रोशनी...

- बचपन में वे सचिन तेंडुलकर जैसा चैंपियन बनने की चाहत रखने वाले दीपक की आंखोंं की रोशनी महज आठ साल की उम्र में चली गई।
- 2004 में दिवाली के दिन हुए एक हादसे में वह आंखों की रोशनी गंवा बैठे। लेकिन उन्होंने दूसरों की तरह हार नहीं मानी।
- दीपक ने पहले अपनी आंखों का इलाज करवाया। इसके बाद डॉक्टरों ने बताया कि वह सिर्फ 6 मीटर तक ही देख सकता है।
- दीपक ने दिल्ली के इंस्टीट्यूशन ब्लाइंड स्कूल से पढ़ाई की है। इस बीच वह दिल्ली के ब्लाइंड स्कूल में पहुंचे और यहां क्रिकेट खेलने लगे।
- दीपक ने इसी कमजोरी को अपनी ताकत बनाया और प्रैक्टिस शुरू की। उसने क्रिकेट खेलना जारी रखा।
- धीरे-धीरे उन्होंने स्कूल लेवल क्रिकेट से स्टेट लेवल क्रिकेट तक में खुद की एक पहचान बनाई।
- ब्लाइंड क्रिकेट में भारतीय टीम को वर्ल्ड कप चैंपियन और एशिया कप जैसे खिताब दिलवा चुके हैं। दीपक मलिक नेत्रहीन क्रिकेट में बी -3 कैटेगरी के क्रिकेटर हैं।
- दीपक ने बताया कि देश के लिए खेलना हमेशा गौरवशाली होता है। मुझे उम्मीद है कि मैं अपनी प्रतिभा के साथ न्याय करने में सफल रहूंगा।

इन तीन कैटेगरी में
- ब्लाइंड क्रिकेट टीम में खिलाड़ियों का चयन तीन कैटेगरी में होता है। पहली कैटेगरी बी -1 होती है जिसमें पूरी तरह दृष्टिहीन 4 खिलाड़ी होते हैं।
- दूसरी कैटेगरी बी -2 होती है, जिसमें ऐसे 3 खिलाड़ी होते हैं जिन्हें 3 मीटर तक दिखाई देता है। तीसरी कैटेगरी होती है बी -3, जिसमें 4 ऐसे खिलाड़ी होते हैं जिन्हें लगभग 6 मीटर तक दिखता है।

वनडे में सबसे तेज हाफ सेन्चुरी का रिकॉर्ड
- साल 2013 में वे राष्ट्रीय टीम के लिए सिलेक्ट किए गए।
- ब्लाइंड वनडे में सबसे तेज हाफ सेन्चुरी सहित कई रिकॉर्ड भी दीपक के नाम हैं।
- उन्होंने 2014 वर्ल्ड कप में श्रीलंका के खिलाफ केपटाउन में 17 गेंदों में 50 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी।
- 2014 ब्लाइंड क्रिकेट वर्ल्ड कप के अलावा जनवरी, 2016 में हुए एशिया कप में भी वह टीम इंडिया का हिस्सा रह चुके हैं।
- इंडिया ने एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान को हराकर खिताबी मुकाबले में जीत हासिल की थी।