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इदहिब दतिहद कत िीह जिहअद जिहइ

इदहिब दतिहद कत िीह जिहअद जिहइ

Balraj Singh | Last Modified - Dec 04, 2017, 12:03 PM IST

पानीपत। भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल का सोमवार को जन्मदिन है। वह 23 साल की हो गई हैं। कभी वह दो कमरों के छोटे से घर में रहती थी। उसके पिता घोड़ागाड़ी चलाते थे। अब उनकी फैमिली के पास आलीशान मकान है। DaininkBhaskar.com रानी के जन्मदिन के मौके पर उनके संघर्ष की कहानी बता रहा है। बेटी ने कहा तो 5 पिता ने 5 साल पहले छोड़ दिया घोड़ागाड़ी चलाना...

- 4 दिसंबर 1994 को शाहाबाद मारकंडा में रामपाल और राममूर्ति के घर जन्मी बिटिया का नाम रानी रखा गया। पिछले नौ साल से वह टीम इंडिया का हिस्सा हैं।

- हाल ही में कुछ दिन पहले एशिया हॉकी चैंपियनशिप में टीम की शानदार जीत के बाद जब रानी घर लौटी तो DainikBhaskar.com से बातचीत में रानी ने बताया था कि कभी वह दो कमरों के छोटे से घर में रहती थी।
- पिता घोड़ागाड़ी चलाते थे। रानी ने खेलना शुरू किया तो आहिस्ता-आहिस्ता कामयाबी मिलती चली गई और आज ये स्थिति है कि रानी एक आलीशान घर में रहती हैं।
- बेटी हॉकी जगत की स्टार बन गई, लेकिन इसके बाद भी लगभग चार साल बाद तक उनके पिता घोड़ागाड़ी चलाते थे। आखिर बेटी ने कहा तो 5 साल पहले उन्होंने घोड़ागाड़ी चलाना छोड़ दिया। अब वह घर पर ही रहते हैं।
- रानी के पिता रामपाल ने बातचीत करते हुए खुशी जाहिर की। उनका कहना है कि भगवान ऐसी बेटी सबको दे। ऐसा सिर्फ और सिर्फ रानी की कामयाबी के कारण संभव हो पाया।

चौथी क्लास में उठाई थी हॉकी स्टिक

- रामपाल ने बताया कि रानी सिर्फ 13 साल की उम्र में ही भारतीय महिला हॉकी टीम में शामिल हो गई थी। पिछले 9 साल से वो टीम इंडिया का हिस्सा हैं।
- वहीं जब रानी चौथी क्लास में थी तो उसने ग्राउंड में लड़कियों को हॉकी खेलते देखा और खुद भी हॉकी खेलने की जिद की।
- जब नहीं मानी तो पिता रामपाल उसे हॉकी कोच बलदेव सिंह के पास ले गए। उन दिनों तड़के पांच बजे ही वह एसजीएनपी ग्राउंड जाने को तैयार होती।
- धीरे-धीरे रानी ने हॉकी में नाम कमाया। जैसे-जैसे वह हॉकी में आगे बढ़ी उनके परिवार की स्थिति भी सुधरी। आज उसका परिवार पुराने दिनों को याद कर रानी के संघर्ष को सलाम करता है।

यंग प्लेयर का अवॉर्ड मिला तो परिवार को हुआ गर्व
- राममूर्ति कहती हैं कि 2009 में चैंपियन चैलेंज टूर्नामेंट में भारत की ओर से चार गोल स्कोर किए थे। उस समय भी उसे यंग प्लेयर ऑफ टूर्नामेंट व टॉप गोल स्कोरर का अवॉर्ड मिला था।
- मात्र 15 साल की उम्र में सन 2010 में उसने विश्वकप में हिस्सा लिया। वह टूर्नामेंट की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी थी। इसमें सात गोल करके रानी ने वर्ल्ड वुमेन हॉकी रैंकिंग में नौवां स्थान पाया।
- 2013 के जूनियर वर्ल्ड कप में भी रानी को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड मिला। रानी ने अपनी प्रतिभा के बल पर पूरे परिवार का गौरव बढ़ाया। वे यही चाहती है कि ऐसी बेटियां भगवान हर किसी को दे। उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है।

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Web Title: ye hain hoki India ki raani, kbhi pitaa chalate the ghoड़aa gaaaड़i-aise bdli kismt
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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