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दफ्तर से लेट हुआ तो घर वाले करते रहे इंतजार, फिर रेलवे ट्रैक पर ऐसे मिली डेडबॉडी

दफ्तर से लेट हुआ तो घर वाले करते रहे इंतजार, फिर रेलवे ट्रैक पर ऐसे मिली डेडबॉडी

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2018, 03:40 PM IST
मृतक साहिल। (बायें)। रेलवे ट्र मृतक साहिल। (बायें)। रेलवे ट्र

फतेहाबाद। फतेहाबाद के अप्पू नगर में रहने वाले एक 23 वर्षीय युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर सुसाइड कर लिया। हादसा हिसार-सिरसा रेलवे लाइन पर भट्टूकलां के पास का है। रेलवे ट्रैक के एक बीच में युवक का सिर पड़ा था जबकि ट्रैक के दूसरी ओर उसकी धड़ पड़ी थी। युवक की जेब एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने फाइनेंसर का डर सुसाइड का कारण बताया है।मामले में पुलिस ने फाइनेंसर कुलवंत जांगड़ा व उसके भाई वार्ड नंबर 25 के पार्षद राजेश जांगड़ा पर केस दर्ज कर लिया है। पढ़िए क्या है पूरा मामला...

- मृतक साहिल के पिता पवन कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका लड़का हिसार में एक मोबाइल कंपनी में प्रमोटर के पद पर था।
- वह हिसार से फतेहाबाद हररोज आता-जाता था। उसकी जेब से मिले सुसाइड नोट से पता चला है कि फतेहाबाद के जागड़ा फाइनेंसर ने उसे चुगल में फंसा रखा था।
- साहिल ने लगभग 50 हजार रुपये 10 रुपये सैकड़ा ब्याज पर ले रखे थे। वह हर महीने उन्हें ब्याज पर पैसे देता था।

घर नहीं पहुंचा तो पुलिस ने दी सूचना

- पवन ने बताया कि सोमवार 12 फरवरी रात 7.30 बजे उसने साहिल के फोन पर फोन किया। साहिल ने बताया कि वह 8 बजे घर के लिए चलेगा।
- वह 9.30 तक घर नहीं आया तो पवन ने फिर से साहिल के फोन पर फोन किया। फोन स्विच अॉफ आ रहा था।
- उन्हें बहुत टेंशन हो गई। करीब 10 बजे भट्टू स्टेशन से जीआरपी का फोन आया कि आपके बेटे ने सुसाइड कर लिया है।
- वे परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ पहुंचे तो साहिल का सिर पटरी के बीच में तो धड़ पटरी की दूसरी ओर पड़ी थी।
- उसके पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इसमें उसने सुसाइड के पीछे जागड़ा फाइनेंसर को जिम्मेदार बताया है।
- उसने लिखा है कि फाइनेंसर ने उससे ब्लैंक चैक ले रखा था। वह कहता था कि जब चैक बाउंस हो जाएगा तो केस करूंगा।
- पवन का आरोप है कि फाइनेंसर के दबाव में आकर साहिल ने सुसाइड किया।
- जीआरपी थाना का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पिता के बयान पर फाइनेंसर कुलवंत जांगड़ा व उसके भाई वार्ड नंबर 25 के पार्षद राजेश जांगड़ा पर केस दर्ज कर लिया है।

- शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।

क्या लिखा था सुसाइड नोट में उसके कुछ अंश:-

- पेज एक : मम्मी-पापा से इस गलती की माफी मांग : मम्मी जी, पापा जी मैनूं माफ कर देया जे। ऐ गलती में जानबूझ कर नहीं कर रेहा। मैनूं मजबूरी विच एहोजा कदम चुकना पे रेहा है। तुहानू बिना दसे जांगड़े कोलो 10 रुपये सैंकड़ा ब्याज ते पैसे उधारे लेते सी। जिससे तुहानूं तनख्वाह पूरी कारके देंदा रहा। उधार 18 हजार रुपये होगे सी।...

- पेज दो: फाइनेंसर जांगड़ा से पैसे लेने का जिक्र : दिल्ली में नौकरी लब्बन विच जांगड़े कोलो 12 हजार रुपये होर उधारे लै ले। सोचया अपनी पढ़ाई पूरी कारलांगा ते जांगड़े दे पैसे वी दे दांगा। मेरी जो वी तनख्वाह 14300 रुपये आंदी सी ओ सारी खर्च हो जांदी सी।...

- पेज तीन: मोबाइल बेचकर कर्जा उतारने की बात का जिक्र : अगले महीने मैं नेहा वासते जो मोबाइल लिता सी ओ बेचके आबदा कर्जा लाया। जिओनी कंपनी काम किता तो दो महीने दी तनख्वाह घट आयी। मैनंू तनख्वाह दे सिर्फ 18 हजार रुपये ही मिले। 8000 मैं नेहा नू दिता। ऐस वेच कर्जा वाध गया। जांगड़े ने मैनू धमकी दिती है कि ओ मेरा दो लाख रुपये दा चैक बैंक विच लगावेगा ते मेरे उते केस करेगा। मैं जिंदे-जी तुहानू बहुत परेशान किता है मम्मी-पापा। पर हुन हो नहीं करना चाहंदा।

- पेज चार: दुनिया क्या बोलेगी : कहन वाले लोग कहेनगे की कोई वी इंसान 50-60 हजार रुपये दी उधार पीछे अपनी जान नहीं देंदा। पर ए वी गल सही है कि मारदा होया इंसान कदे वी झूठ नहीं बोलदा मैं जो वी लिखेया है सब सच है। मै कर्जे दे डर तो दुनिया छड़के नहीं जा रेहा।...

- पेज पांच: अपने मां-बाप को दिलासा, वापस आऊंगा: ऐही मेरी आखिरी इच्छा है। मम्मी-पापा ते शिवम तुसी तीनों खुश रेहाजे। मैं बस एही चाहना। ते आखिरी गल्ल:-मेरा इंतजार करेयाजे। मैं वापिस आवांगा। मैं जरुर वापिस आवांगा...

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