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वर्क वीजा कहकर टूरिस्ट वीजा पर भेजा सिंगापुर, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर भी ठगी

वर्क वीजा कहकर टूरिस्ट वीजा पर भेजा सिंगापुर, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर भी ठगी

Dainik Bhaskar

Nov 24, 2017, 04:12 PM IST
Cheated on work visa and fraud driving licence

यमुनानगर। विदेश भेजने के नाम पर दोहरा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सिंगापुर में वर्क वीजा पर भेजकर ड्राइवर की नौकरी के नाम पर लाखों ठगे तो जो हैवी लाइसेंस बनवाया वह फर्जी निकला। पीडि़त ने इसकी शिकायत पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने विजय नगर निवासी अमर सिंह पर केस दर्ज कर लिया है।

- बराड़ा के गांव मनुमाजरा निवासी सुल्तान सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अमर सिंह हमारे गांव में कपड़ा बेचने जाता था। इस दौरान उसकी जान पहचान हो गई। उसने कहा कि वह उसे विदेश भेज देगा।
- वह कई लोगों को विदेश भिजवा चुका है। जुलाई-अगस्त 2015 में सिंगापुर भेजने के लिए अमर सिंह से बात हो गई। आरोप है कि दो साल के वर्क वीजा पर भेजने की बात हुई और पांच लाख रुपए देने तय हुए।
- वह उससे फाइल खर्च मांगने लगा तो 40 हजार रुपए और कागजात दे दिए। डेढ़ माह बाद अमर सिंह ने फोन पर बताया कि फाइल तैयार हो गई है और बचे पैसे जमा कराएं।
- दो अक्टूबर 2015 को उन्होंने दो लाख 60 हजार रुपए और अमर सिंह को दे दिए। 15 दिन बाद एक लाख रुपए और दे दिए। पैसे पूरे देने के बाद अमर सिंह ने कहा कि पैसे कुछ कम हैं एक लाख रुपए और देने होंगे। उन्होंने मनीष नाम के युवक को बराड़ा में अमर सिंह के कहने पर एक लाख रुपए दे दिए।

30 हजार रुपए लेकर बनवाया फर्जी लाइसेंस
- शिकायतकर्ता ने बताया कि जनवरी 2016 मे अमर सिंह ने मुझे अपने घर बुलाया और निकाले हुए कागज मुझे दिए और मुझे कहा कि यह आप का सिंगापुर का दो साल का वर्क वीजा व एस पास है।
- तब फरवरी 2016 तक सिंगापुर भेज देने की बात कही। इसी दौरान उन्होंने कहा कि वहां पर जाकर ड्राइविंग करनी होगी। इसके लिए हैवी लाइसेंस की जरूरत है। उन्होंने इसके लिए 30 हजार रुपए मांगे। पैसे देने के बाद उन्होंने उसे मनीपुर से बना हैवी ड्राइविंग लाइसेंस दे दिया।
- 15 फरवरी 2016 को वह सिंगापुर चला गया। सिंगापुर में अमर सिंह का बताया व्यक्ति आया और उसे डेलीस्वीट पैटीसरी प्राइवेट कंपनी में ले गया। कंपनी में उसे ड्राइवर के सहायक के तौर पर लगा दिया।
- सात दिन काम कराकर उसे कंपनी ने निकाल दिया। तब उसे पता चला कि उसे वर्क वीजा की बजाए टूरिस्ट वीजा पर भेजा गया है। दो माह ऐसे ही वही सिंगापुर में धक्के खाता रहा और अंत में उसे वापस आना पड़ा।
- शिकायककर्ता ने बताया कि जब उसने आरोपियों द्वारा बनाया गया हैवी लाइसेंस चेक कराया तो वह फर्जी निकला। इस बारे में जब अमर सिंह से बात की तो उन्होंने पैसे देने से भी मना कर दिया। इसके बाद शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने अमर सिंह पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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