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हरियाणा में ग्रुप-सी और डी पदों की भर्ती के नियम में बदलाव, ये है नया नियम

हरियाणा में ग्रुप-सी और डी पदों की भर्ती के नियम में बदलाव, ये है नया नियम

Danik Bhaskar | Nov 22, 2017, 04:27 PM IST

पानीपत। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें से एक निर्णय ग्रुप सी और डी पदों की भर्तियों के संबंध में लिया गया। इसमें 85:15 के निर्धारित अनुपात को घटाकर 90:10 करने का निर्णय लिया है अर्थात लिखित परीक्षा 90 अंकों की होगी और अनुभव तथा कुछ उद्देश्यपरक सामाजिक-आर्थिक मानदंडों के लिए अधिकतम दस अंक होंगे। ये लिया गया है निर्णय...

- यदि आवेदक के पिता, माता, पति या पत्नी, भाइयों, बहनों, बेटों और बेटियों में से कोई भी व्यक्ति हरियाणा सरकार या किसी अन्य राज्य सरकार या भारत सरकार के किसी विभाग, बोर्ड, निगम, कंपनी, वैधानिक निकाय, आयोग या प्राधिकरण में नियमित कर्मचारी नहीं है या था, तो उसे पांच अंक दिए जाएंगे।
- इसी प्रकार, यदि आवेदक एक विधवा है या यदि आवेदक के 15 वर्ष का होने से पहले ही उसके पिता की मृत्यु हो गई है तो उसे पांच अंक दिए जाएंगे।
- यदि आवेदक हरियाणा की ऐसी विमुक्त जनजाति (विमुक्त जाति या टपरीवास जाति) या घुमंतू जनजाति से संबंध रखता है जो न तो अनुसूचित जाति है और न ही पिछड़ा वर्ग है तो उसे भी पांच अंक दिए जाएंगे।

अनुभव के लिए अधिकतम पांच अंक रखे गए हैं
- हरियाणा सरकार के किसी भी विभाग, बोर्ड, निगम, कंपनी, वैधानिक निकाय, आयोग,प्राधिकरण में उसी पद या समकक्ष पद पर अधिकतम दस वर्षों में से प्रत्येक वर्ष या इसके भाग अर्थात छ: माह या इससे अधिक के अनुभव के लिए आधा (0.5) अंक होगा।
- छ: महीनों से कम किसी भी अवधि के लिए कोई अंक नहीं दिया जाएगा। किसी भी आवेदक को किसी भी परिस्थिति में दस से अधिक अंक नहीं दिए जाएंगे।

1957 के हिंदी आंदोलन में भाग लेने वालों को मिलेगी पेंशन
- 1957 के हिन्दी आंदोलन में भाग लेने वाले हरियाणा के लोगों को मान-सम्मान प्रदान करने के लिए मातृ-भूमि सत्याग्रहियों 10,000 रुपये की मासिक पैंशन प्रदान करने की घोषणा की है।

शहीद के परिजनों को नौकरी देने की घोषणा
- मंत्रिपरिषद की बैठक में शहीद धर्मपाल, द्वितीय लेफ्टिनेंट, आर्मी के आश्रित सुधीर कुमार को ग्रुप-सी के पद पर सरकारी नौकरी प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की गई।
- नारनौल, जिला महेंद्रगढ़ के निवासी द्वितीय लेफ्टिनेंट, धर्मपाल 24 नवम्बर, 1971 को ऑपरेशन एक्शन के दौरान शहीद हो गये थे।
- मंत्रिमंडल की बैठक में शहीद अत्र सिंह, सिपाही, आर्मी के आश्रित मोहित कुमार को भी ग्रुप-सी के पद पर सरकारी नौकरी प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की गई।
- चरखी-दादरी निवासी अत्र सिंह ऑपरेशन कैक्टस लिलि के दौरान 13 दिसम्बर, 1971 को शहीद हो गये थे।

महेंद्रगढ़ में टोल प्वाइंट को किया डिनोटिफाई
- महेंद्रगढ़ में नारनौल-कोरियावास-रामबास सड़क पर राजस्थान बॉर्डर तक टोल प्वाइंट 49 को डिनोटिफाई करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। यह टोल पॉइंट 22 मई, 2017 से चालू है।