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विद्या के मंदिरों में अक्सर खतरे में पड़ रही मासूमों की जिंदगी, फिर हुई ऐसी घटना

विद्या के मंदिरों में अक्सर खतरे में पड़ रही मासूमों की जिंदगी, फिर हुई ऐसी घटना

Balraj Singh | Last Modified - Sep 08, 2017, 05:37 PM IST

गुड़गांव.रेयान इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी क्लास के बच्चे की हत्या के बाद से उसकी मां की हालत खराब है। मां सुषमा के आंसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहे। श्यामकुंज की गली नंबर -2 निवासी सुषमा ठाकुर ड्राइंगरूम में लगी बेटे की तस्वीर को देखकर बार-बार रो पड़ती हैं। जैसे ही खबर मिली कि बेटा बाथरूम में गिर गया है, पति-पत्नी तुरंत अस्पताल की तरफ भागे, लेकिन जैसे ही पता चला कि बेटा इस दुनिया में नहीं रहा तो मां उसी वक्त बेहोश हो गई। जैसे-तैसे मां को घर लेकर आया गया। तब से मां बस एक ही बात बोल रही है कि मेरे बाबू को वापस ला दो। मेरे बेटे को क्रिकेट खेलना अच्छा लगता था...
- रोते-रोते मां सुषमा कहती है कि मेरे बेटे को मोबाइल का कोई शौक नहीं था। उसे क्रिकेट खेलना और साइकिलिंग करना बेहद अच्छा लगता था। न केवल मां बल्कि गली के हर महिला और पुरुष की जुबां पर यही शब्द थे कि बेहद ही मासूम बच्चा था। किसी से लड़ना या झगड़ना नहीं आता था उसको। क्लास में भी सबसे शरीफ और होशियार बच्चों में गिना जाता था।
- मां सुषमा कहती है कि मंगलवार को शिक्षक दिवस के मौके पर न केवल क्लास टीचर मंजू बल्कि सभी ने सराहना की थी कि आपका बेटा बेहद काबिल है।
सुबह-हंसता खेलता गया था स्कूल
- मां सुषमा बताती है कि रात से बेटा बेहद खुश था क्योंकि उसके क्लास के दोस्त सर्वेश का जन्मदिन था। सुबह भी हंसता-खेलता निकला था। खुश था कि दोस्त के जन्मदिन पर उसे टॉफी मिलेगी।
मेरे बेटे का कातिल जल्द से जल्द सामने आए
- मां सुषमा बेटे की मौत का जिम्मेदार स्कूल प्रशासन को मानती है। उसका कहना है कि मुझे इंसाफ चाहिए और मैं चाहती हूं कि मेरे बेटे का कातिल जल्द से जल्द सामने आए। मुझे उसी इंसान से मिलना है जिसने मेरे बेटे के साथ ऐसा किया।
बच्चों को स्कूल से लाने के लिए एक महीने पहले ही खरीदी थी स्कूटी
- पड़ोसी ने बताया कि चूंकि पैरेंट्स बच्चों को बस से नहीं भेजना चाहते थे इसलिए एक महीना पहले ही स्कूटी खरीदी ताकि सुषमा दोनों बच्चों को दोपहर को स्कूल से खुद वापस ला सकें। वहीं एक रिश्तेदार ने बताया कि दो महीने पहले ही इस कपल ने फैमिली प्लानिंग की थी क्योंकि वह अपनी छोटी से दुनिया में बेहद खुश थे।
क्लास टीचर अंजू ने कहा- एक बार मिलने दो, मैं पुलिस जांच में पूरा सहयोग करूंगी
- शुक्रवार को शाम करीब चार बजे बच्चे की क्लास टीचर अंजू उसके घर शांतिकुंज पहुंची। इस दौरान स्कूल की तीन महिला शिक्षक और एक मेल मेंबर भी साथ था, अंजू ने सुषमा के रिश्तेदारों से अंदर जाने की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने अंदर नहीं जाने दिया। उसने हाथ जोड़े कि एक बार उसकी मां से मिलने दो, मुझे भी बेहद दुख है, पिछले 22 सालों से नौकरी कर रही हूं, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी।
- उसने यह भी कहा कि वह पुलिस जांच में पूरा सहयोग देंगी, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं मानी। बता दें कि क्लास टीचर अंजू को स्कूल के माली ने बच्चे के बाथरूम में गिरने की सूचना सबसे पहले दी थी।
स्कूल प्रशासन के आते ही भड़के लोग, शिक्षिकाओं के पीछे पत्थर लेकर भागी भीड़, कार के शीशे भी तोड़े
- श्यामकुंज स्थित बच्चे के घर पहुंचे स्कूल प्रशासन को देखते ही वहां मौजूद पड़ोसी और रिश्तेदार भड़क गए।
- यहां तक कि बच्चे की मां सुषमा जो कि ड्राइंगरूम में बैठकर बेटे को याद कर रही थी को जैसे ही पता चला कि उसकी क्लास टीचर अंजू आई है तो वह अपने गुस्से को नहीं रोक पाई और स्वयं टीचर को वहां से भगाने के लिए चिल्लाती हुई बाहर आई कि भाग जाओ यहां से।
- वहीं वहां मौजूद महिलाओं ने शिक्षिका अंजू को पीछे से धक्का भी मारा। सभी पत्थर लेकर स्कूल शिक्षिकाओं के पीछे भागे तो जान बचाकर निकलने की कोशिश करने लगे शिक्षक।
कार में बैठने के बाद लोगों ने पथराव किया और गाड़ी के शीशे भी तोड़ डाले।
बड़ी मन्नतों के बाद हुआ था बेटा, आज अंतिम संस्कार
- बेटे का जन्म 7 मई 2010 को गुड़गांव में ही हुआ था। बड़ी बहन निधि ठाकुर के जन्म के 6 साल के बाद बेटे को बड़ी ही मन्नतों के साथ भगवान से लिया था।
- बच्चे का अंतिम संस्कार दादी और चाचा के आने के बाद शनिवार को किया जाएगा।
अब किसके भरोसे बच्चों को स्कूल में छोड़ेंगे पेरेंट्स: पिता
- बच्चे के पिता वरुण रोते हुए बोले, "अब पेरेंट्स 8 घंटे अपने बच्चे को किसके भरोसे छोड़ेंगे। कोई मुझे ये बताए। अभी तक प्रिंसिपल पर क्यों कोई कार्रवाई नहीं हुई? ये मर्डर है। इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल की है।"
- पिता वरुण ने बताया, "7.55 मिनट पर मैं पांचवीं क्लास में पढ़ने वाली अपनी बेटी और 7 साल के बेटे को स्कूल छोड़कर गया था। घर पहुंचने पर 8.15 मिनट पर मोबाइल पर स्कूल से कॉल आई कि आप अस्पताल पहुंच जाइए। आपके बच्चे को बहुत ब्लीडिंग हो रही है। मैं तुरंत अस्पताल पहुंचा। बच्चे के साथ स्कूल टीचर थे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।"
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