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आश्रम के मेडिकल चेकअप कैंप में छापा, डॉक्टर व ३ साथियों को किया पुलिस ने अरेस्ट

आश्रम के मेडिकल चेकअप कैंप में छापा, डॉक्टर व ३ साथियों को किया पुलिस ने अरेस्ट

Balraj Singh | Last Modified - Nov 06, 2017, 06:53 PM IST

भिवानी। स्वास्थ्य विभाग व पुलिस ने एक आश्रम में छापा मार शिविर लगाकर उपचार करने वाले एक तथाकथित डॉक्टर व अन्य तीन सहयोगियाें को गिरफ्तार किया है। वह 14 साल से महीने के पहले सोमवार को शिविर लगाकर दमा व घुटनों के दर्द की दवाइयां देता था। पुलिस ने मौके से कुछ दवाइया व इंजेक्शन भी बरामद किए है। डॉक्टर ने माना, नहीं ली थी परमिशन...
- सीआईडी टीम को सूचना मिली कि कैथल से एक व्यक्ति टीम के साथ महीने के हर सोमवार को बिना किसी परमिशन के आश्रम में चिकित्सा शिविर लगाता है।
- सीआईडी और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सुबह 11 बजे आश्रम में पहुंचकर छापा मारा। इस दौरान अपने आपको चिकित्सक बताने वाला कैथल के हाबड़ी गांव का निवासी कश्मीर मरीजों का उपचार कर रहा था और अन्य सहयोगी कर्मचारी मरीजों को इंजेक्शन लगा रहे थे।
- टीम के पहुंचते ही हड़कंप मच गया। टीम ने मौके पर ही मरीजों से लिए गए 100-100 रुपए वापस करवा दिए और दवाइयों को कब्जे में ले लिया।
- पुलिस ने मौके से गांव हाबड़ी जिला कैथल निवासी कश्मीर, उसी के गांव के रविंद्र व गुरविंद्र और कोठड़ा राजोंद निवासी राजेश को गिरफ्तार किया है।
- 60 वर्षीय कश्मीर पिछले 14 साल से आश्रम में महीने में एक बार पहले सोमवार को शिविर लगाकर मरीजों काे दमा, घुटनों का दर्द आदि बीमारियों की दवा देता था।
- उसके साथ रहने वाला उसके गांव का ही गुरविंद्र मरीजों क इंजेक्शन लगाता था, जो आठवीं में दो बार फेल हो उसके बाद पढ़ाई छोड़ चुका है।
- हालांकि कश्मीर ने स्वीकार किया कि उसने शिविर के लिए स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन से अनुमति नहीं ली है, लेकिन साथ ही वह यह भी कहता नजर आयाा कि उसे आज तक किसी ने यह काम करने से नहीं रोका। किसी ने रंजिशन उसकी शिकायत की है। उसके पास बिहार के जामनगर से आरएमपी का डिप्लोमा है।
- वहीं छामामार टीम में शामिल डिप्टी सीएमओ कृष्ण कुमार ने बताया कि जो दवाइयां कब्जे में ली गई हैं, उनकी जांच करवाई जाएगी। ये दवाइयां बेहद गर्म हैं, जो मरीज को देनेे के बाद एक बार तो वह ठीक महसूस करता है। बाद में इनकी आदत पड़ जाती है और हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। इनका लंबे समय तक लगातर सेवन करने से व्यक्ति की समय से पहले मौत भी हो सकती है।
- शहर थाना प्रभारी श्रीभगवान ने बताया कि कथित चिकित्सक व उसके साथियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। दवाइयों को भी सील कर दिया गया है। अनुमति व अन्य कागजों की जांच की जाएगी। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
मरीजों ने जताया विराेध
- शिविर में लगभग 200 मरीज मौजूद थे। जब टीम ने छापा मारा तो मरीजों ने इस कार्रवाई का विरोध भी किया। टीम सदस्यों ने मरीजों की कोई बात नहीं सुनी और उन्हें यहां से चले जाने के आदेश दिए।
- इसके बाद मरीज व उनके परिजन आश्रम से चले गए। शिविर में उपचार लेने वाले दमा व घुटनों के दर्द से पीड़ित रोगी नेहरूगढ़ कोसली निवासी जसवंत, जाटूलोहारी निवासी राजपाल, कैरू निवासी बाला, सांजरवास निवासी सुनीता, गुड़गांव निवासी विधान सिंह, कमाेद निवासी अतर सिंह, नौरंगाबाद निवासी लीलू आदि ने बताया कि वह दमा व घुटनों की बीमारी से पीड़ित है। वो दो साल से शिविर में उपचार ले रहे हैं। एक इंजेक्शन के बाद दो महीनों तक उन्हें सांस व दमे की परेशानी नहीं रहती है। मात्र 100 रुपए ही फीस लगती है। अगर यह गलत था तो स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की।
फोटोज: राकेश भट्‌ठी
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