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मल्होत्रा अस्पताल में इंजेक्शन लगाने के 14 घंटे बाद 4 माह के बच्चे की मौत, ओवरडोज का आरोप

इंजेक्शन पर न ही बैच नंबर है और न ही मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट है।

Dainik Bhaskar

May 02, 2018, 08:06 AM IST
child death after 14 hours of injection in Malhotra hospital

पानीपत. मॉडल टाउन स्थित मल्होत्रा अस्पताल में निमोनिया से ग्रसित चार माह के बच्चे की इंजेक्शन लगने के 14 घंटे बाद मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बच्चे को निमोनिया हो गया था और उसका मल्होत्रा अस्पताल में इलाज चल रहा था, परिजनों ने आरोप लगाया कि नर्स ने बच्चे को इंजेक्शन का ओवरडोज दे दिया इस कारण उसकी मौत हुई है। जो इंजेक्शन नर्स ने लगाया उस पर न तो मैन्यूफैक्चरिंग और न ही एक्सपायरी डेट थी। इंजेक्शन लगने के 10 मिनट बाद ही बच्चे का शरीर नीला पड़ गया। इससे सोमवार देर रात 2 बजे उसकी मौत हो गई।

मंगलवार सुबह परिजनों ने बच्चे का शव लेने से इनकार कर दिया। हंगामे के बाद पुलिस के साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन पानीपत के डॉक्टर अस्पताल पहुंचे। परिजनों की मांग पर अस्पताल के डॉ. पुनीत मल्होत्रा और नर्स जसविंद्र के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया। किशनपुरा निवासी सुभाष के बेटे प्रिंस की 28 अप्रैल की सुबह तबीयत खराब हो गई थी। 29 अप्रैल शाम साढ़े सात बजे उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। एजी-500 नाम का इंजेक्शन लगते ही प्रिंस की हालत बिगड़ने लगी और उसका शरीर नीला पड़ गया। डॉक्टर ने उसे पहले एन आईसीयू में भर्ती कर दिया। शाम चार बजे आईसीयू में रेफर कर दिया। रात दो बजे बच्चे डॉक्टर ने परिजनों को बच्चे के मृत होने की सूचना दी।


एक इंजेक्शन पर नहीं है बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट
सुभाष के रिश्तेदार रोहताश का आरोप है कि एक इंजेक्शन के बदले में डॉक्टर ने उनसे 2200 रुपए ले लिए हैं। जबकि इंजेक्शन की कीमत करीब 80 रुपए है। इंजेक्शन पर न ही बैच नंबर है और न ही मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट है। इससे उन्हें शक है कि वह इंजेक्शन या तो नकली है या डेट एक्सपायर हो चुकी है। इसके चलते ही प्रिंस की मौत हो गई। उस नर्स ने यह जानने की कोशिश तक नहीं की। यह घोर लापरवाही है।


बीमारी से हुई मौत : मल्होत्रा
मल्होत्रा अस्पताल के डॉक्टर पुनीत मल्होत्रा का कहना है कि ओवरडोज का आरोप गलत है। बच्चे को निमोनिया, बुखार और खून में इन्फेक्शन था। बाद में ब्लीडिंग होने लगी। जिस वजह से बच्चे की मौत हो गई। एक दिन जबरदस्ती छुट्टी कराकर ले गए, जो बच्चे पर भारी पड़ा। परिजनों ने जान-बूझकर इंजेक्शन से एक्सपायरी और मैन्यूफैक्चरिंग डेट हटाई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सबकुछ साफ हो जाएगा।

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child death after 14 hours of injection in Malhotra hospital
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