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पुलिस सुरक्षा में अदा होगी गुड़गांव में जुमे की नमाज, 37 जगहों पर मुस्लिमों-प्रशासन के बीच सहमति

गुड़गांव में खुले में नमाज पढ़ने को लेकर हुआ था विवाद। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने भी दिया था बयान।

Dainik Bhaskar

May 11, 2018, 12:21 PM IST
नमाज पढ़ने के लिए मुस्लिम समुदाय ने 125 जगहों की लिस्ट सौंपी थी, जिसमें से 37 पर सहमति बनी। (फाइल) नमाज पढ़ने के लिए मुस्लिम समुदाय ने 125 जगहों की लिस्ट सौंपी थी, जिसमें से 37 पर सहमति बनी। (फाइल)

  • मुख्यमंत्री खट्‌टर ने भी सार्वजनिक स्थानों के बजाए मस्जिदों और ईदगाह में नमाज पढ़ने की सलाह दी थी
  • हिंदू संगठनों ने कहा था कि अगर खुले और सरकारी स्थानों पर नमाज पढ़ी गई तो वह इसका विरोध करेंगे

गुड़गांव. खुले में नमाज पढ़ने पर उपजे विवाद के बाद आज पुलिस सुरक्षा के बीच जुमे की नमाज अदा कि जाएगी। मुस्लिम समुदाय ने गुरुवार को पुलिस के साथ एक बैठक की थी, जिसमें 37 जगह नमाज पढ़ने पर सहमति बनी। नमाज अदा करने के लिए समुदाय के लोगों ने प्रशासन को 125 स्थानों की सूची सौंपी थी। इसमें 37 जगहों पर सहमति बनी है। नमाज के लिए 76 ड्यूटी मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी भी तय की गई है। बता दें कि बीते शुक्रवार को गुड़गांव में हिंदू संगठनों के कुछ लोगों की ओर से सार्वजनिक जगहों पर हो रही नमाज में बाधा पहुंचाए जाने का मामला सामने आया था।

इन जगहों पर अदा की जाएगी नमाज

- मुस्लिम नेता शहजाद खान के मुताबिक नमाज अदा करने के लिए मौलसरी एवेन्यू रैपिड मेट्रो स्टेशन, मार्बल मार्केट सिकंदरपुर, हुडा पार्किंग सेक्टर-29 पार्किंग सेक्टर-29, पार्किंग अपोजिट इफको टावर सेक्टर-29, मोनार्क टावर प्लाट नंबर 4 सेक्टर 44, सेक्टर 47, हुडा पार्किंग सेक्टर-56, समृद्धि वाटिका गोल्फ कोर्स रोड सेक्टर- 55, बंगाली बोस सेक्टर-49, ईदगाह, अंजुमन मस्जिद रॉकलैंड हॉस्पिटल मानेसर, हमदर्द मानेसर, बास गांव मानेसर के पास, बेस्ट पार्क समेत अन्य हैं।

बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों की पहचान करने की मांग

- संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति ने डिप्टी कमिश्नर को 9 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है। समिति ने गुड़गांव में सार्वजनिक स्थानों पर जुमे की नमाज पढ़ने पर रोक लगाने और गुड़गांव में बाहर से आए मुस्लिम लोगों की पहचान करके बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों को वापस भेजने, वजीराबाद के युवकों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग की है।

- समिति संयोजक महावीर भारद्वाज ने बताया कि समिति का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों का किसी भी धर्म संप्रदाय के लोगों को बिना इजाजत के उपयोग नहीं करना चाहिए।

नमाज पढ़ने को लेकर गुड़गांव में हुआ था विवाद

- 4 मई को हिंदू संगठनों के कुछ लोगों की ओर से कई इलाकों में खुले में नमाज में बाधा पहुंचाए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
- इस पूरी घटना का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें कुछ लोग खुले में नमाज पढ़ते नजर आ रहे थे।
- वीडियो गुड़गांव के सेक्टर-53 स्थित सरस्वती कुंज के खाली ग्राउंड का था। इसी दौरान कुछ युवक वहां आते हैं और लोगों को नमाज पढ़ने से उठा देते हैं।
- विवाद न बढ़े इस वजह से लोग नमाज पढ़ने की बजाए, वहां से उठकर चले जाते हैं। किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद पुलिस ने इस पर कार्रवाई करते हुए कुछ युवकों को गिरफ्तार किया था।

सीएम ने भी दिया था खुले में नमाज पढ़ने पर बयान

- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कहा था कि "मस्जिदों, ईदगाहों और निजी स्थानों पर ही नमाज अदा की जानी चाहिए। आजकल खुले में नमाज अदा करने का चलन बढ़ गया है। आज रोक नहीं लगाई तो कल उस जमीन या जगह पर मालिकाना हक मांगेंगे और कहेंगे कि हम तो सालों से वहां नमाज पढ़ रहे हैं।''

खुले में नमाज पढ़ने पर हुए विवाद के बाद प्रशासन ने बोर्ड लगाए । - फाइल खुले में नमाज पढ़ने पर हुए विवाद के बाद प्रशासन ने बोर्ड लगाए । - फाइल
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नमाज पढ़ने के लिए मुस्लिम समुदाय ने 125 जगहों की लिस्ट सौंपी थी, जिसमें से 37 पर सहमति बनी। (फाइल)नमाज पढ़ने के लिए मुस्लिम समुदाय ने 125 जगहों की लिस्ट सौंपी थी, जिसमें से 37 पर सहमति बनी। (फाइल)
खुले में नमाज पढ़ने पर हुए विवाद के बाद प्रशासन ने बोर्ड लगाए । - फाइलखुले में नमाज पढ़ने पर हुए विवाद के बाद प्रशासन ने बोर्ड लगाए । - फाइल
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