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पानीपत में उद्योगपति का मर्डरः आरोपियों ने बताई थी गलत पहचान, पूछताछ में हुआ असल नाम-पते का खुलासा

पिता के साथ बेटा भी था ऑफिस में, एक आरोपी फैक्ट्री का पूर्व कर्मचारी

Dainik Bhaskar

Aug 11, 2018, 01:10 PM IST
बच्चों के साथ व्यापारी प्रमोद गुप्ता। (फाइल) बच्चों के साथ व्यापारी प्रमोद गुप्ता। (फाइल)

पानीपत। पानीपत के सेक्टर-29 में शुक्रवार शाम दो नकाबपोश बदमाशों द्वारा उद्योगपति को गोली मारकर हत्या के मामले में शनिवार को पुलिस ने अहम खुलासा किया है। सीआईए पुलिस इंचार्ज योगेश कटारिया ने बताया कि शुक्रावार को दोनों आरोपियों ने अपनी गलत पहचान बताई थी। उन्होंने अपना नाम सूरज व कमल और पता शाहजहांपुर बताया था। रात में पूछताछ के बाद खुलासा हुआ कि वे शाहजहांपुर के नहीं बल्कि बदायूं के रहने वाले हैं और उनका नाम रवि और नीरज है। आरोपी रवि पूर्व कर्मचारी है, जो दो महीने पहले नौकरी छोड़कर गया था। पुलिस दोनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी। बता दें कि शुक्रवार शाम को फैक्ट्री में कर्मचारियों की सैलरी बांट रहे उद्योगपति प्रमोद गुप्ता की दो नकाबपोश बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उद्योगपति के पास खड़े ड्राइवर व अन्य कर्मचारियों ने बदमाशों को मौके पर ही पकड़ लिया और जमकर पीटा था। इनके पास से 2 देसी पिस्तौल और 5 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।

वारदात पानीपत में शुक्रवार शाम 4:30 बजे हुई। मॉडल टाउन के सज्जन सिंह बाग के पास रहने वाले प्रमोद कुमार (62) पानीपत डायर्स एसोसिएशन के सरपरस्त थे। सेक्टर-29 में नव दुर्गा प्रोसेसर के नाम से उनकी डाई यूनिट है। हर माह की तरह 10 तारीख को वह कर्मचारियों को सैलरी बांट रहे थे। तभी दो युवक फैक्ट्री में घुसे। वे हाथ में डाई संबंधी सेडकार्ड लिए थे, जिससे सुरक्षा गार्ड को लगा कि व्यापार के सिलसिले में आए हैं। वे सीधे ऑफिस में पहुंचे और प्रमोद से कैश मांगा। विरोध करने पर गोली मार दी।

रवि ने दो माह पहले छोड़ा था काम, वेतन न मिलने से था खफा
आरोपी रवि पहले इसी फैक्ट्री में ही काम करता था। 2 माह पहले उसने नौकरी छोड़ी थी। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में उसने बताया कि तनख्वाह न मिलने के कारण वह फैक्ट्री में प्रमोद को लूटने आए थे। उसे पता था कि प्रमोद 10 तारीख को वेतन बांटते हैं। ऑफिस में घुसने के बाद धमकी दी तो प्रमोद ने पिस्तौल पकड़ ली। इस पर गोली चला दी। हालांकि, पुलिस आरोपियों के इस बयान पर यकीन नहीं कर रही है। दोनों को रात को खानपुर मेडिकल कॉलेज से छुट्टी मिलने के बाद पानीपत लाया गया।

तीसरे बदमाश के बाइक छोड़कर भागने की आशंका
बताया जा रहा है कि बाइक पर तीन बदमाश आए थे। साथियों के पकड़े जाने के बाद तीसरा बदमाश फैक्ट्री के बाहर बाइक छोड़कर भाग गया।

आंखों देखी: एक को ड्राइवर तो दूसरे को अन्य कर्मचारियों ने पकड़ा
मैं पिता के साथ ऑफिस में ही बैठा था। तभी 2 युवक अंदर आए। एक ने हेलमेट पहन रखा था। दूसरा रूमाल से मुंह बांधे था और चश्मा लगाए था। एक बदमाश ने पिता पर पिस्तौल तान दी और कहने लगा कि जो कुछ माल है दे दो। पिता कुर्सी से खड़े हो गए और पूछने लगे कैसा माल। तभी बदमाशों ने धमकाना शुरू कर दिया। पिता ने जैसे ही रुपए उठाने के लिए दराज की तरफ हाथ किया, तभी बदमाश ने गोली चला दी। इसके बाद पास में खड़े हमारे ड्राइवर सोनू ने उसे दबोच लिया। दूसरा बदमाश बाहर भागा। वह पेट्रोल की कैन लिए था और पिस्तौल लोड कर आग लगाने की धमकी देने लगा। तभी अन्य कर्मचारियों ने किसी तरह उसको भी पकड़ लिया और पेट्रोल की कैन व पिस्तौल छीन ली। हम पिता को पहले जीसी गुप्ता और फिर हैदराबादी अस्पताल ले गए। दोनों जगह डॉक्टरों ने जबाव दे दिया। इसके बाद सिविल अस्पताल गए तो डॉक्टर ने पिता को मृत घोषित कर दिया। (जैसा कि प्रमोद गुप्ता के बेटे अंकुर ने बताया)

व्यापारी प्रमोद गुप्ता का बेटा अंकुर गुप्ता विलाप करते हुए। व्यापारी प्रमोद गुप्ता का बेटा अंकुर गुप्ता विलाप करते हुए।
घटनास्थल पर पड़ा खून। घटनास्थल पर पड़ा खून।
अपने अॉफिस में बैठे थे व्यापारी प्रमोद गुप्ता। अपने अॉफिस में बैठे थे व्यापारी प्रमोद गुप्ता।
इस बाइक पर सवार होकर आए थे आरोपी। इस बाइक पर सवार होकर आए थे आरोपी।
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बच्चों के साथ व्यापारी प्रमोद गुप्ता। (फाइल)बच्चों के साथ व्यापारी प्रमोद गुप्ता। (फाइल)
व्यापारी प्रमोद गुप्ता का बेटा अंकुर गुप्ता विलाप करते हुए।व्यापारी प्रमोद गुप्ता का बेटा अंकुर गुप्ता विलाप करते हुए।
घटनास्थल पर पड़ा खून।घटनास्थल पर पड़ा खून।
अपने अॉफिस में बैठे थे व्यापारी प्रमोद गुप्ता।अपने अॉफिस में बैठे थे व्यापारी प्रमोद गुप्ता।
इस बाइक पर सवार होकर आए थे आरोपी।इस बाइक पर सवार होकर आए थे आरोपी।
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