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साथी के साथ मिलकर किया बिजनेस पार्टनर की बेटी का अपहरण, 8 दिन बाद चंगुल से छूटी

8 दिन बाद मां से मिलने के बाद बच्च्री ने बताया कि ट्रेन में अंकल कहते थे राेई तो फेंक देगी पुलिस।

Danik Bhaskar | Jul 02, 2018, 08:28 AM IST
एक मां के बेचैन कलेजे को सकून द एक मां के बेचैन कलेजे को सकून द

पानीपत. सेक्टर 29 फ्लोरा कॉलोनी से 21 जून को किडनैप की गई 8 साल की अफसाना 8 दिन बाद 30 जून को घर पहुंच गई। अम्मी ने अफसाना को गले लगाकर कहा कि खुदा ने बेटी को उससे मिलाकर उसकी दुआ कबूल कर ली। 8 वर्षीय अफसाना का अपहरण लेनदेन के विवाद में पिता के पार्टनर व उसके दोस्त ने ही किया था। पश्चिम बंगाल से बच्ची को बरामद कर पुलिस ने शनिवार को परिजनों के हवाले कर दिया। बच्ची ने बताया कि अारोपी शैदुल घर पर आया था और कहा कि पापा ने बोला है, तुम्हे कपड़े दिलाने हैं। मैं उसके साथ चली गई। ऑटो से दुकान पर ले गया। वहां उसने मुझे कपड़े दिलाए और ट्रेन में बैठा लिया। मैं रोने लगी तो बोला कि यहां रोना मत। पुलिस वाले ट्रेन से नीचे फेंक देंगे। डर के मारे मैं चुप रही। वह मुझे अपने घर पर ले गया। वहां पर मैं रोती थी और बोलती थी कि मां के पास जाना है। तब शैदुल कहता था कि पापा के पास ले जाएगा। कुछ दिन बाद चाचा आए और मुझे यहां ले आए।

जिनेस पार्टनर व उसके साथी ने रची पूरी साजिश

वेस्ट बंगाल के रहने वाले पिता अब्दुर रहमान ने बताया कि कुछ साल पहले वह मुंबई में आरोपी प्रदीप बर्मन उर्फ रवि के साथ काम करता था। अब्दुर के अंडर में गांव के 15 मजदूर थे। 3 साल बर्मन के साथ काम किया। घाटा होने पर बर्मन ने 3.80 लाख रुपए लटका दिए। पिछले साल लीची का बिजनेस किया तो बर्मन को उसमें भी घाटा हुआ। मजदूर अब्दुर से रुपए लेने को चक्कर काट रहे थे और बर्मन ने रुपए देने से मना कर दिया। अब्दुर परिवार संग पानीपत आ गया। यहां पत्नी सुमीला बीवी फैक्ट्री में काम करने लगी और अब्दुर खड्डी चलाने लगा। कुछ दिन पहले बर्मन ने फोन कर कहा कि लीची का बिजनेस फिर शुरू करेंगे। वह बाग खरीदेगा जिसमें अब्दुर को पार्टनर बनाएगा। 6 जून को बर्मन ने शैदुल को भेजा जिसने उसे बताया कि पठानकोट में बाग खरीदना है। अब्दुर ने शैदुल को 3 दिन अपने कमरे पर रखा। 9 जून को पठानकोट गए और एक फौजी का 6.20 लाख रुपए में बाग खरीदा। बर्मन, अब्दुर, शैदुल समेत 4 लोग पार्टनर थे। बर्मन ने मुंबई से फौजी के खाते में 1.80 लाख रुपए डाल दिए। 60 हजार रुपए बाद में दिए। दो बार लीची मुंबई भेजी। बर्मन ने उससे कहा कि घाटा हो गया है। अब्दुर ने लीची अमृतसर भेज दी। बर्मन को पता चला तो उसने रुपए निकालने के लिए अब्दुर की बेटी की अपहरण की साजिश रची। 20 जून को आरोपी बर्मन ने अब्दुर की बेटी अफसाना के अपहरण करने के लिए शैदुल को पानीपत भेजा। 21 जून को मां फैक्ट्री में गई थी। शैदुल बच्चों को फ्रूटी और दही खिलाई। मौका मिलते ही अफसाना का अपहरण करके पश्चिम बंगाल में ले गया।

1.40 लाख देने पर छोड़ने की बात कही

फैक्ट्री से मां सुमीला बीबी घर पर पहुंची तो बेटी नहीं मिली। पूछने पर 4 साल के बेटे नजबे आलम ने बताया कि जो अंकल घर पर रुके थे, वो ही अफसाना को ले गए। अब्दुर ने शैदुल को फोन लगाया तो वह बोला कि बेटी उसके पास है। 1.40 लाख रुपए देगा, तभी बच्ची को छोड़ेगा। अब्दुर ने बर्मन से बात की तो उसने भी रुपए देने के बाद बच्ची को छोड़ने की बात कही। मां ने सेक्टर 29 चौकी में शैदुल के खिलाफ शिकायत दे दी। पठानकोट से अब्दुर पानीपत आ गया।

मालदा में छुपाया था बच्ची को

एसटीएफ अब्दुर के परिजनों को मुंबई ले गई। दोनों आरोपियों से पिता लगातार संपर्क में रहा। 1.40 लाख नहीं होने की बात कही तो एक लाख, फिर 70 हजार और बाद में 45500 रुपए पर आ गए। 23 जून शाम को 20 हजार रुपए पठानकोट से चाचा ने शैदुल के खाते में जमा कराए। लीची लेने वाले आढ़ती ने 25500 रुपए शैदुल के खाते में मुंबई से जमा कराए। फिर शैदुल ने बच्ची सौंपने के लिए परिजनों को पश्चिम बंगाल के मालदा बुलाया। अब्दुर का भाई बायदूर मालदा पहुंचा। शैदुल ने वीडियो कॉल कर बताया कि बच्ची को बायदूर को सौंप दिया है। एसटीएफ ने प्रदीप बर्मन व शैदुल को गिरफ्तार किया।