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स्टोर रूम में ड्रम से केमिकल निकालते समय भड़की आग, तीन मजदूर झुलसे

सेक्टर-25 पार्ट-1 में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे राज ओवरसीज़ के स्टोर रूम में ड्रम से केमिकल निकालते समय लगी आग में तीन...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 03:15 AM IST
सेक्टर-25 पार्ट-1 में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे राज ओवरसीज़ के स्टोर रूम में ड्रम से केमिकल निकालते समय लगी आग में तीन मजदूर झुलस गए। डॉक्टर का कहना है कि एक मजदूर की हालात बहुत नाजुक है, वह 100 प्रतिशत जला हुआ है। उसे निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। मैनेजर दिनेश वशिष्ठ का दावा है कि कैमिकल निकालने के लिए मजदूर ड्रम को तिरछा कर रहे थे, तभी केमिकल निकालने वाल लोहे का पंप दीवार में रगड़ गया। इससे उठी चिंगारी से केमिकल में आग लगी। तीनों को सिवाह के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां एक मजदूर की हालात नाजुक है।

सेक्टर- 25 के प्लॉट नंबर- 8 में स्थित राज ओवरसीज़ में निर्मित कारपेट, हैंड वोवन, बाथ रग्स आदि आइटम एक्सपोर्ट होते हैं। मैनेजर वशिष्ठ का कहना है कि स्टोर रूम में अति ज्वलनशील एनी टोन नामक केमिकल रखा था। सोमवार को नांगलखेड़ी निवासी 26 वर्षीय जितेंद्र और अल्लूपुर नैन गांव निवासी 30 वर्षीय कैलाश ड्रम में से हाथ से चलाने वाले पंप से कैमिकल निकाल रहे थे। तभी आग लग गई। कैमिकल इतना ज्वलनशील था कि चंद सेकंड में ही आग बढ़ गई। जितेंद्र और कैलाश वहां से भाग निकले, तभी राजनगर निवासी 19 वर्षीय आकाश वहां पहुंच गया। उसके कपड़ों ने आग पकड़ ली। चीखें सुन फैक्ट्री में चीखपुकार मच गई। अन्य मजदूरों ने दरी डालकर आकाश के कपड़ों में लगी आग को बुझाया। फैक्ट्री के उपकरणों से ही आग पर काबू पाया गया। आकाश की हालात नाजुक है। राजनगर में रहने वाले आकाश के पिता सुनील ने बताया कि वह ऑटो चलाते हैं। कुछ दिन पहले ही आकाश के 11वीं के पेपर खत्म हुए थे।

15 मिनट पहले ही ली थी दोस्तों के साथ सेल्फी

प्रत्यक्षदर्शी बोले- वेल्डिंग की चिंगारी से लगी आग

वहीं, प्रत्यक्षदर्शी रवि, सचिन, अश्वनी और रिंकू का कहना है कि वेल्डिंग का काम हो रहा था। तभी केमिकल से भरे ड्रम पर चिंगारी गिरने से आग लगी। आकाश की तलाश शुरू की। रवि आकाश-आकाश चिल्ला रहा था, तब आकाश ने एक बार जबाव भी दिया। इससे उन्हें विश्वास हो गया कि आकाश भी आग में फंसा है। करीब 15 मिनट बाद वह उसे बाहर लाए। तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुका था। तन पर एक भी कपड़ा नहीं बचा था। खाल भी जल गई थी। यह देख उन्होंने पास पड़ी दरी उठा कर उसके ऊपर डाली।

भास्कर न्यूज | पानीपत

सेक्टर-25 पार्ट-1 में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे राज ओवरसीज़ के स्टोर रूम में ड्रम से केमिकल निकालते समय लगी आग में तीन मजदूर झुलस गए। डॉक्टर का कहना है कि एक मजदूर की हालात बहुत नाजुक है, वह 100 प्रतिशत जला हुआ है। उसे निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। मैनेजर दिनेश वशिष्ठ का दावा है कि कैमिकल निकालने के लिए मजदूर ड्रम को तिरछा कर रहे थे, तभी केमिकल निकालने वाल लोहे का पंप दीवार में रगड़ गया। इससे उठी चिंगारी से केमिकल में आग लगी। तीनों को सिवाह के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां एक मजदूर की हालात नाजुक है।

सेक्टर- 25 के प्लॉट नंबर- 8 में स्थित राज ओवरसीज़ में निर्मित कारपेट, हैंड वोवन, बाथ रग्स आदि आइटम एक्सपोर्ट होते हैं। मैनेजर वशिष्ठ का कहना है कि स्टोर रूम में अति ज्वलनशील एनी टोन नामक केमिकल रखा था। सोमवार को नांगलखेड़ी निवासी 26 वर्षीय जितेंद्र और अल्लूपुर नैन गांव निवासी 30 वर्षीय कैलाश ड्रम में से हाथ से चलाने वाले पंप से कैमिकल निकाल रहे थे। तभी आग लग गई। कैमिकल इतना ज्वलनशील था कि चंद सेकंड में ही आग बढ़ गई। जितेंद्र और कैलाश वहां से भाग निकले, तभी राजनगर निवासी 19 वर्षीय आकाश वहां पहुंच गया। उसके कपड़ों ने आग पकड़ ली। चीखें सुन फैक्ट्री में चीखपुकार मच गई। अन्य मजदूरों ने दरी डालकर आकाश के कपड़ों में लगी आग को बुझाया। फैक्ट्री के उपकरणों से ही आग पर काबू पाया गया। आकाश की हालात नाजुक है। राजनगर में रहने वाले आकाश के पिता सुनील ने बताया कि वह ऑटो चलाते हैं। कुछ दिन पहले ही आकाश के 11वीं के पेपर खत्म हुए थे।

आकाश के दोस्त सचिन ने बताया कि 11 बजे लंच हुआ था। आकाश ने उसके साथ ही लंच किया था। हादसे से 15 मिनट पहले वह उसके साथ ही था। उसने अपने ही मोबाइल से दूसरे दोस्त अश्वनी को साथ लेकर सेल्फी ली थी। उसके बाद सभी अपने-अपने काम करने के लिए फैक्ट्री के अंदर चले गए। आकाश स्टोर रूम की तरफ गया था। इस लिए उन्हें लग रहा था कि कहीं वह भी आग में नहीं फंस गया है। पास जाकर देखा तो अंदाजा सही निकला।