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भाजपा को लगा दूसरा बड़ा झटका, अब पार्षद देव मलिक ने छोड़ी पार्टी

वार्ड-14 से भाजपा जिला पार्षद देव मलिक ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी के सीनियर नेताओं पर आरोप...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 03:25 AM IST

भाजपा को लगा दूसरा बड़ा झटका, अब पार्षद देव मलिक ने छोड़ी पार्टी
वार्ड-14 से भाजपा जिला पार्षद देव मलिक ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी के सीनियर नेताओं पर आरोप लगाए कि उनके वार्ड में एक भी काम नहीं होने दिए। उन्होंने कहा कि पार्टी में सम्मान नहीं मिल रहा है। मलिक ने कहा कि भाजपा के नेता खुद चाहते थे कि देव मलिक कब बाहर जाएं, इसलिए दुखी मन से भाजपा से बाहर जा रहा हूं। 15 सालों तक जिला भाजपा में विभिन्न पदों पर रहे मलिक ने जिला अध्यक्ष प्रमोद विज को अपना इस्तीफा भेज दिया। मलिक ने अपने इस्तीफे में कार्यकर्ताओं का सम्मान न होने की बात कही। जिला अध्यक्ष ने कहा कि इस्तीफा तो मिल गया, लेकिन लगता है कि देव मलिक के पास जानकारियों का अभाव है। इसलिए उनसे बात करने के बाद पार्टी पदाधिकारी को इस्तीफा भेजा जाएगा। विज ने कहा कि ऐसा लगता है कि बहुत दिनों से देव मलिक पार्टी से बाहर जाना चाहते थे, इसलिए बयानबाजी कर रहे थे।चेयरपर्सन अाशु शेरा ने कहा कि उनकी कुर्सी पर बैठने के साथ ही कार्यालय से कागज भी चुराए गए थे। जिसकी शिकायत पुलिस में दी थी।

सियासी उठापटक

जिला परिषद चेयरपर्सन और वाइस के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से थे परेशान, मलिक ने कहा-भाजपा नेताओं ने वार्ड में एक भी काम नहीं होने दिया

देव मलिक ने जिला अध्यक्ष प्रमोद विज को अपना इस्तीफा भेजा।

पद बचाना अब हुआ और मुश्किल

जिला परिषद चेयरपर्सन आशु शेरा और वाइस पुनीता के खिलाफ 12 पार्षदों के अविश्वास प्रस्ताव से परेशान भाजपा को वार्ड-14 से पार्षद देव मलिक के इस्तीफे से बड़ा झटका लगा है। 17 पार्षदों में 12 पहले से ही विरोध में हैं। वार्ड-12 से पार्षद व भाजपा बापौली मंडी की अध्यक्ष काजल गोस्वामी को किसी तरह से मनाकर भाजपा की 6 पार्षदों को अपने पक्ष में करने की थी, ताकि अविश्वास प्रस्ताव को टाला जाए।

चेयरपर्सन का साथ मलिक क्यों देंगे

अब देव मलिक ने पार्टी से रिजाइन कर दिया है। अब भला पार्टी से त्यागपत्र देने वाले पार्षद देव मलिक भला भाजपा चेयरपर्सन के पक्ष में वोट क्यों करेंगे। इस तरह से भाजपा के पास सिर्फ 4 पार्षदों की संख्या रह जाएगी। इस हालत में अविश्वास आया तो चेयरपर्सन और वाइस का पद बचाना भाजपा के लिए बहुत मुश्किल भरा होगा।

पार्टी ने नहीं निकाला तो खुद गए

देव मलिक पहले से ही बागी बने थे। 14 मई को जब 4 भाजपा पार्षदों के सहयोग से इनेलो-बसपा और कांग्रेस पार्षदों ने जिला परिषद चेयरपर्सन और वाइस के खिलाफ अविश्वास दिया था तब मलिक ने जिला अध्यक्ष प्रमोद विज को ही इसका जिम्मेदार ठहराया था, लेकिन चेयरपर्सन और वाइस को बचाने के लिए भाजपा ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। अब मलिक ने खुद पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

21-22 को होगी हस्ताक्षर की जांच

अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले सभी 12 पार्षदों को एडीसी सुजान सिंह ने 21 और 22 मई को अपने कार्यालय बुलाया है। दोनों दिन में से किसी दिन पार्षद अपना हस्ताक्षर की जांच कराने के साथ ही बयान दर्ज करा सकते हैं। एडीसी ने कहा कि जांच के बाद ही अविश्वास का निर्णय लिया जाएगा।

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