पानीपत

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स्कूल से लौट रहे बच्चे एक-दूसरे से कर रहे थे हंसी मजाक, अगले ही पल में हो गई मासूमों की मौत

बस और ओवरलोड डंपर के बीच हुई सीधी टक्कर में तीन बच्चों और चालक-परिचालक समेत 5 की मौत हो गई।

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:38 AM IST
बस और ओवरलोड डंपर के बीच हुई सीधी टक्कर में तीन बच्चों और चालक-परिचालक समेत 5 की मौत हो गई। बस और ओवरलोड डंपर के बीच हुई सीधी टक्कर में तीन बच्चों और चालक-परिचालक समेत 5 की मौत हो गई।

चरखी दादरी(हरियाणा)। दादरी-झज्जर रोड स्थित अचीना ताल के समीप सोमवार दोपहर एक निजी स्कूल की बस और ओवरलोड डंपर के बीच हुई सीधी टक्कर में तीन बच्चों और चालक-परिचालक समेत 5 की मौत हो गई। बस में बैठे बच्चे एक दूसरे के साथ हंसी मजाक कर रहे थे कि अचानक हुए हादसे से उनकी चिल्लाहट व दर्द से कराहट की आवाज गूंजने लगी। पास से गुजर रहे राहगीरों व पुलिस ने अपने वाहनों में उपचार के लिए सभी को सिविल अस्पताल पहुंचाया। हादसे में घायल तीन बच्चे और बस चालक व परिचालक समेत पांच की मौत हो गई।

- सोमवार दोपहर करीब सवा दो बजे छुट्टी के बाद बिगोवा के बीएसवीएन सीनियर सेकंडरी स्कूल की मिनी बस से 18 बच्चे अपने गांव अचीना और भागेश्वरी जा रहे थे।

- बस बिगोवा अप्रोच रोड व अचीना ताल के बीच पहुंची ही थी कि सामने से आ रहे क्रशर से भरे डंपर के साथ बस की सीधी टक्कर हो गई।

बस कर रही थी कार को ओवरटेक, सामने से आ रहे डंपर से टक्कर

- बस में सवार गांव अचीना निवासी 6 वर्षीय ऋषभ व 40 वर्षीय परिचालक राकेश की मौके पर ही मौत हो गई।

- वहीं सिविल अस्पताल में उपचार के दौरान 11वीं कक्षा के छात्र गांव भागेश्वरी निवासी सोनू ने भी दम तोड़ दिया।

- बस चालक सहित 16 घायल विद्यार्थियों काे रोहतक रेफर कर दिया गया। बस चालक अचीना निवासी 28 वर्षीय राजकुमार व 3 वर्ष की छोटी बच्ची निकिता की भी पीजीआई रोहतक में इलाज के दौरान मौत हो गई।

बुद्ध पूर्णिमा की छुट्टी के बावजूद खुला था स्कूल

- सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा के कारण जिले के अधिकतर सरकारी स्कूल बंद थे। बीएसवीएन समेत प्राइवेट स्कूल खुले थे।

- कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि लोकल छुट्‌टी थी, इससे लागू करना प्राइवेट स्कूल की मर्जी पर निर्भर है।

एक साल में इसी रोड पर 17 की मौत

- दादरी झज्जर रोड पर एक साल में चार बड़े हादसे हो चुके हैं। इनमें चार बच्चों समेत 17 लोगों की मौत हुई है।

- तीन हादसे डंपर से हुए। इसके बावजूद बेलगाम डंपरों पर नकेल संभव नहीं हुई।

अस्पताल में न बिजली थी और न ही जनरेटर

- जब घायल बच्चे सिविल अस्पताल लाए गए तब वहां न बिजली थी और न ही जनरेटर।

- ऐसे में घायलों काे प्राथमिक उपचार के बाद इमरजेंसी से बाहर लेटा दिया गया। पंखे व कूलर नहीं चलने से घायल बच्चे गर्मी से परेशान रहे।

स्कूल स्टाफ का कोई सदस्य नहीं गया घायल बच्चों के साथ​

- हादसे के बाद पुलिस व राहगीर घायल बच्चों को सिविल अस्पताल ले गए। वहां स्कूल स्टाफ भी पहुंच गया।

- यहां से चिकित्सक जैसे ही प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों को रोहतक रेफर करने लगे उनके साथ एंबुलेंस में राेहतक जाने के लिए कोई स्टाफ तैयार नहीं हुआ।

- ऐसे में राहगीर ही बच्चों को रोहतक छोड़ने के लिए एंबुलेंस में बैठे।

घायल बच्चे को प्राथमिक उपचार देते हुए डॉक्टर। घायल बच्चे को प्राथमिक उपचार देते हुए डॉक्टर।
हादसे के क्षतिग्रस्त बस। हादसे के क्षतिग्रस्त बस।
बच्चों को रेफर करने के बाद रोहतक लेकर जाते हुए परिजन। बच्चों को रेफर करने के बाद रोहतक लेकर जाते हुए परिजन।
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बस और ओवरलोड डंपर के बीच हुई सीधी टक्कर में तीन बच्चों और चालक-परिचालक समेत 5 की मौत हो गई।बस और ओवरलोड डंपर के बीच हुई सीधी टक्कर में तीन बच्चों और चालक-परिचालक समेत 5 की मौत हो गई।
घायल बच्चे को प्राथमिक उपचार देते हुए डॉक्टर।घायल बच्चे को प्राथमिक उपचार देते हुए डॉक्टर।
हादसे के क्षतिग्रस्त बस।हादसे के क्षतिग्रस्त बस।
बच्चों को रेफर करने के बाद रोहतक लेकर जाते हुए परिजन।बच्चों को रेफर करने के बाद रोहतक लेकर जाते हुए परिजन।
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