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लाइनमैन की मौत मामले में हड़ताली कर्मियों ने घेरा एक्सईएन कार्यालय, बंद रखी दफ्तर की सप्लाई

पिछले दिनों करंट लगने से हुई लाइनमैन की मौत के मामले जेई व फोरमैन पर केस दर्ज होने के विरोध में यूनियन का गुस्सा...

Danik Bhaskar | Jul 14, 2018, 02:40 AM IST
पिछले दिनों करंट लगने से हुई लाइनमैन की मौत के मामले जेई व फोरमैन पर केस दर्ज होने के विरोध में यूनियन का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को एक्सईएन को कमरे में घेरकर उनके दफ्तर की बिजली बंद कर दी। एक्सईएन को कमरे में बंद करके कर्मचारियों ने नारेबाजी की।

सूचना पाकर एसएचओ जय नारायण शर्मा मौके पर पहुंचे। पंचायती तौर पर दोनों पक्षों में बातचीत करवाकर कर्मचारियों को वहां से हटवाया। लगभग तीन घंटे बाद एक्सईएन कार्यालय की बिजली दोबारा चालू की गई। यूनियन के प्रधान बलबीर रंगा व सचिव रणजीत मल्ल ने कहा कि घटना के बाद एक्सईएन ने जो रिपोर्ट तैयार की है। उसमें मुख्य आरोपियों का बचाव करने की कोशिश की गई है। मौके पर बनी वीडियो से साफ जाहिर होता है कि परमिट लेने के बावजूद भेरियां पावर हाउस से एक फेस में करंट दौड़ रहा था। जिसके कारण लाइनमैन करंट की चपेट में आया। जब मामले की पड़ताल शुरू हुई तो एक्सईन ने पता लगा लिया था कि तकनीकी खराबी के कारण एक फेस में करंट था, परमिट लेने के बाद ट्रॉली डाउन होने के बावजूद इसमें करंट रहता था। बावजूद इसके पावर हाउस में तैनात कर्मचारियों को बचाने के लिए ऐसी रिपोर्ट तैयार की गई। जिसमें पूरा दोष गांव संतपुरा के एक किसान अवतार सिंह पर मढ़ दिया गया ताकि मामले को घुमाया जा सके। पहले दी रिपोर्ट के मुताबिक लाइन में बैक अवतार सिंह के जनरेटर से आया हुआ दिखाया गया। बाकायदा अवतार सिंह पर बिजली चोरी करने का केस भी दर्ज किया गया। लेकिन जब अवतार सिंह ने दावा किया कि वह दोबारा ट्रायल देने को तैयार है। यदि इसके जनरेटर से करंट आया होगा तो वह पूरा जिम्मा अपने सिर ले लेगा तो वहां पर कोई भी अधिकारी ट्रायल लेने को तैयार नहीं हुआ। बाद में जब दबाव बढ़ा तो एक्सईएन ने माना कि वे दोबारा रिपोर्ट तैयार करेंगे। जिसमें जनरेटर से करंट आने और पावर हाउस में तकनीकी खराबी से आए करंट दोनों की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। कहा कि वे पहले भी पावर हाउस से करंट आने की रिपोर्ट तैयार कर सकते थे। लेकिन पावर हाउस में लगे मीटर उस समय की सप्लाई को शून्य दिखा रहे हैं। जिससे यह साबित नहीं हो पाएगा कि पावर हाउस से करंट लाइन में गया है। पंचायत के दौरान मृतक कर्मचारी शौकीन मेहला के परिजन व ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे। उनकी भी एक्सईन के साथ जमकर तकरार हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि एक्सईन ने पक्षपात करते हुए अपने कर्मचारियों को बचाने के लिए एक किसान पर पूरा जिम्मा डाल दिया। ग्रामीणों का एक दल डीएसपी धीरज कुमार से भी मिला। उन्होंने डीएसपी को सीडी सहित वे सभी सबूत दिखाए जिनसे साबित होता है कि जिस समय सप्लाई बंद करने का परमिट लेकर शौकीन काम कर रहा था उस समय लाइन में करंट था।

पिहोवा |करंट लगने से लाइनमैन की मौत के मामले में हुई पंचायत में बहस करते ग्रामीण व बिजली विभाग के अधिकारी।

असली कसूरवार होंगे गिरफ्त में

डीएसपी ने परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस को निर्देश दिए कि मामले में असली कसूरवारों की पहचान करके उन्हें गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि मामले को सुलझाने में थोड़ा समय जरूर लग सकता है। लेकिन पीड़ित पक्ष को निष्पक्ष न्याय जरूर मिलेगा।

एक्सईएन बोले-रीडिंग पर बनाई रिपोर्ट

उधर, एक्सईएन एमएस धीमान ने कहा कि उन्होंने कोई पक्षपात नहीं किया। आरोप गलत हैं। उन्होंने पावर हाउस फीडर के मीटर की रीडिंग के आधार पर रिपोर्ट तैयार की थी। उस समय की मीटर रीडिंग शून्य आ रही थी। वे दोबारा रिपोर्ट तैयार करके पावर हाउस के फीडर से करंट आने की बात का जिक्र करके पावर हाउस में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को भी तफ्तीश में शामिल करवाएंगे।