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कुत्ते को डंडा मारने को लेकर हुआ विवाद ही बना पूर्ण चंद व करतारी की मौत का कारण

गांव थाना में गुरुवार की रात महज कुछ ही पलों में शांतिपूर्ण माहौल बदल गया। एक कुत्ते को डंडा मारने को लेकर शुरू हुआ...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 16, 2018, 02:40 AM IST

कुत्ते को डंडा मारने को लेकर हुआ विवाद ही बना पूर्ण चंद व करतारी की मौत का कारण
गांव थाना में गुरुवार की रात महज कुछ ही पलों में शांतिपूर्ण माहौल बदल गया। एक कुत्ते को डंडा मारने को लेकर शुरू हुआ विवाद गुरुवार की देर रात फिर सुलग गया। हालांकि गुरुवार की रात गली में शोर मचाने को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी, लेकिन पिछली बात को जोड़ते हुए दो गुट भिड़ पड़े।

कहासुनी में सेवानिवृत्त पूर्णचंद हृदय घात होने से गिर पड़ा। परिजनों ने यही सोचा कि शायद दूसरे पक्ष ने उसकी हत्या की है। बदला लेने को पूर्ण के परिवार के सतीश गंडासी लेकर निकल पड़ा। सामने करतारी देवी मिली, तो उस पर ही कातिलाना हमला कर दिया। इस घटना के बाद थाना में तनाव पसर गया। रात को ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। दोनों पक्षों को अलग अलग रखा।

अलग-अलग कराया संस्कार : गांव में शुक्रवार को दिनभर तनाव रहा। पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील था। एक-एक व्यक्ति पर पुलिस नजर रखे हुई थी। अंदेशा था कि संस्कार होने से पहले कहीं दोनों पक्ष फिर से आपस में न भिड़ जाएं। इसलिए दोनों पक्षों को अलग-अलग करके पुलिस ने मृतक पूर्णचंद और करतारी देवी का अंतिम संस्कार करवाया। जबकि दोनों के घर एक दूसरे के आमने-सामने हैं। पहले श्मशान घाट में पूर्ण चंद का अंतिम संस्कार किया गया। उसके बाद उस पक्ष के लोगों को पुलिस ने वहां से हटवाकर करतारी देवी का अंतिम संस्कार कराया।

चाचा की मौत को हत्या समझ भड़का सतीश, गंडासी से बुजुर्ग को मार डाला

पहले हुई कहासुनी में हो गया था समझौता

दोनों पक्षों के बीच एक कुत्ते को डंडा मारने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ दिन पहले उजागर सिंह का पालतू कुत्ता प्रेमचंद पक्ष के घर में घुस गया था। उसने वहां से एक पॉलीथिन उठा लिया। जिसमें खाने का सामान रखा था। इसी बात से खफा होकर प्रेमचंद के परिवार के किसी व्यक्ति ने कुत्ते को डंडा मार दिया। जिसे लेकर उजागर सिंह की उनके साथ कहासुनी हो गई। तब किसी तरह मामला शांत हो गया, लेकिन इसी रंजिश को दोनों पक्ष मन में पाले हुए थे। गुरुवार देर रात जब उजागर सिंह और सतपाल गली में खड़े थे तो प्रेमचंद ने आकर कुत्ते वाली बात को लेकर तकरार शुरू कर दी। जो बढ़ते-बढ़ते दो बुजुर्गों की मौत तक जा पहुंची।

पिहोवा | थाना गांव में झगड़े के बाद तैनात पुलिस बल।

पूर्णचंद तकरार को शांत कराने गए थे

तकरार को शांत करने के लिए पूर्ण चंद घर से निकल कर आया था। लोगों को समझाते समय अचानक गिर जाने से मौत हो गई। कहा जा रहा है कि उसकी मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई है। हालांकि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही खुलासा होगा कि मौत कैसे हुई। ग्रामीणों ने बताया कि पशुपालन विभाग से 15 साल पहले सेवानिवृत्त हुए पूर्ण चंद का स्वभाव शांत था। गली के छोटे-मोटे झगड़े पूर्ण चंद बैठकर निपटाया करता था। कुत्ते को लेकर दो-तीन दिन पहले जब दोनों पक्षों में गर्मागर्मी हुई थी तब पूर्ण चंद ने समझाकर शांत किया था, लेकिन गुरुवार रात दोनों पक्ष फिर से भिड़ गए।

करतारी का परिवार गया था अस्पताल

करतारी देवी अपने बेटे चंद्रभान उर्फ काला के साथ रहती थी। जिस समय गली में झगड़ा हुआ और उसमें पूर्ण चंद के मरने की खबर फैली तो चंद्रभान की प|ी की तबीयत बिगड़ गई। जिसे लेकर सभी लोग अस्पताल में गए थे। करतारी घर पर अकेली थी। इसी बीच पूर्णचंद के परिजन उसका शव लेकर वापस लौटे। तभी वहां भतीजा राजमिस्त्री सतीश भी पहुंच गया। बताया जाता है कि सतीश व अन्य परिजन तब यही समझ रहे थे कि दूसरे पक्ष ने पूर्णचंद की हत्या की है। बदला लेने को सतीश गंडासी लेकर चंद्रभान के घर में घुस गया। वहां करतारी आगे मिली तो उस पर हमला बोल दिया। करतारी देवी की पुत्रवधू भी घबराहट के कारण हुई तकलीफ में पीजीआई में भर्ती है।

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