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बच्चों की मां बोली; एसआईटी से संतुष्ट नहीं, सीएम साहब-सीबीआई जांच हो

गांव सारसा में पिछले साल नवंबर में हुए तीन बच्चों समीर, समर व सिमरन के मर्डर का मामला एक बार फिर से तूल पकड़ गया है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 12, 2018, 02:45 AM IST

बच्चों की मां बोली; एसआईटी से संतुष्ट नहीं, सीएम साहब-सीबीआई जांच हो
गांव सारसा में पिछले साल नवंबर में हुए तीन बच्चों समीर, समर व सिमरन के मर्डर का मामला एक बार फिर से तूल पकड़ गया है। मर्डर केस में सीबीआई जांच की मांग को लेकर बच्चों की मां सुमन के साथ ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल सीएम मनोहर लाल से मिलने चंडीगढ़ पहुंचा।

जहां सीएम से मुलाकात तो नहीं हुई, लेकिन ओएसडी भूपेश्वर दयाल को ग्रामीणों से मुलाकात करने भेज दिया। ग्रामीणों को बाहर रोककर केवल पांच लोगों को मिलने की अनुमति दी गई। जिनमें बच्चों की मां सुमन भी शामिल रही। सुमन ने ओएसडी से कहा कि वह एसआईटी जांच से संतुष्ट नहीं है। एसआईटी ने बच्चों के पिता सोनू को क्लीन चिट देकर रिहा करवा दिया है। सोनू जींद के पास स्थित अपने रिश्तेदारी में है। सुमन का कहना है कि बच्चों की हत्या में पिता सोनू का हाथ होने का संदेह है। इसका खुलासा सीबीआई जांच से ही हो सकता है।

बच्चों का पिता सोनू जींद रिश्तेदारी में, सुमन मायके में रह रही

सीएम के न मिलने से गुस्सा

ग्रामीण सहदेव मलिक ने बताया कि जिस समय ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल सीएम हाउस में पहुंचा उस समय सीएम मनोहर लाल वहीं मौजूद थे, लेकिन उन्होंने ग्रामीणों से नहीं मिले। सीएम ने ओएसडी भूपेश्वर दयाल को समस्या सुनने भेज दिया। इसके पांच लोगों बुलाया गया। शमशेर शर्मा, मेवा सिंह, रामकरण, प्रताप सिंह व सुमन ने ओएसडी से मुलाकात की। ग्रामीणों का आरोप है कि वे कई दिन से फोन पर सीएम से मिलने का समय मांग रहे थे, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। सोमवार को वे बिना बताए सीएम से मिलने पहुंच गए। जीता राम ने दो एकड़ से अधिक जमीन सुमन के नाम करवा दी थी। सुमन ने अपने हिस्से की जमीन पर कब्जा लेकर इसे ठेके पर दिया है और वह घर छोड़कर अपने मायका कैथल के गांव गुहणा में रह रही है।

पिहोवा | सीएम से मिलने चंडीगढ़ पहुंचा ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल।

ओएसडी ने मांगा दो दिन का समय

ओएसडी ने सुमन की बात सुनने के बाद दो दिन का समय मांगा। दो दिन में ओएसडी सीएम मनोहर लाल से सलाह करके सुमन को बताएंगे कि आखिर मामले की सीबीआई जांच को लेकर सरकार का रुख क्या है।

मोरनी में मिला था बच्चों का शव

पिछले साल 19 नवंबर को गांव सारसा से समीर, समर व सिमरन तीनों सगे भाई बहन अचानक लापता हो गए थे। जिनके शव दो दिन बाद मोरनी पंचकूला की पहाडिय़ों में मिले थे। बच्चों की हत्या के आरोप में चाचा जगदीप व पिता सोनू का नाम सामने आया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। जगदीप ने जेल में सुसाइड कर लिया था और सोनू को सबूतों के अभाव में एसआईटी ने क्लीन चिट दे दी थी।

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