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लाइनमैन मौत मामले में जेई फोरमैन पर केस होने से यूनियन ने शुरू की हड़ताल

डेढ़ माह पहले करंट लगने से हुई लाइनमैन की मौत के मामले में जेई फोरमैन सहित कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज होने पर...

Danik Bhaskar | Jul 13, 2018, 02:50 AM IST
डेढ़ माह पहले करंट लगने से हुई लाइनमैन की मौत के मामले में जेई फोरमैन सहित कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज होने पर बिजली यूनियन भड़क गई। कर्मचारियों ने गुरुवार को हड़ताल का ऐलान कर एक्सईएन कार्यालय के सामने धरना दिया। आरोप है कि अधिकारी असली दोषियों को बचाने के चक्कर में बेकसूर को फंसा रहे हैं।

यूनियन के प्रधान बलबीर रंगा व सचिव रणजीत मल ने बताया कि 25 मई को लाइनमैन शौकीन मेहला ट्रांसफार्मर रखने के लिए काम पर गया था। जहां संतपुरा फीडर को बंद करने का परमिट लेकर एएफएम शेर बहादुर और लाइनमैन काम कर रहा थे। तभी अचानक लाइन में करंट आ गया। जिससे लाइनमैन शौकीन की मौत हो गई। बाद में पता चला कि जीओ स्विच से मेन लाइन में करंट आने की वजह से यह हादसा हुआ है।

जांच की तो चला पता: एक फेस में था करंट : यूनियन के मुताबिक सवाल यही उठा कि जब लाइन बंद करवाने का परमिट लिया था तो करंट कैसे आया। कर्मचारियों की एक टीम ने जाकर चेक किया तो पता चला कि गांव भेरियां के फीडर से एक फेस में करंट आया था। जो ट्राली डाउन होने के बाद भी जारी था, लेकिन अधिकारियों ने पावर हाउस में तैनात जेई व उसके साथियों को बचाने के लिए फीडर से खराब ट्रॉली हटवाकर उसे दूसरी जगह भेज दिया। इससे पहले जांच में लगी टीम ने पूरे मामले में करंट की वीडियोग्राफी कर ली थी। जिसकी सीडी जारी की है। सीडी पुलिस को भी दी है।

आरोप : अधिकारियों ने बरती लापरवाही : यूनियन का आरोप है कि भेरियां स्टेशन पर हुई लापरवाही के कारण लाइनमैन की मौत हुई है। घटना के बाद तथ्य छुपाने के लिए अधिकारियों ने एक दूसरी यूनियन के साथ मिलकर तथ्यों को मिटाने का प्रयास किया। आरोप है कि विभाग के एक्सईएन ने ऐसी जांच रिपोर्ट तैयार की जिसमें कहा गया कि लाइन में करंट एक किसान अवतार सिंह के जनरेटर की वजह से आया। जबकि अवतार सिंह ने दावा किया कि यदि उसके जनरेटर से करंट आया होगा तो साबित होने पर हर सजा के लिए तैयार है। जिस दिन लाइनमैन की मौत हुई उस दिन चार फीडर से लाइन बंद करने का परमिट लिया गया था। उन्होंने चारों मीटर रिपोर्ट निकलवाई जिसमें करंट वोल्टेज और लोड तीनों दर्ज होते हैं। बाकी तीन की मीटर रिपोर्ट में सप्लाई बंद दिख रही है। जबकि भेरियां फीडर जहां से करंट आया उसकी रिपोर्ट छिपाई जा रही है। यूनियन ने कहा कि पावर हाउस में तैनात कर्मचारियों की लापरवाही है। जबकि परमिट लेने वाले जेई और फोरमैन का कोई कसूर नहीं है। इसलिए जेई फोरमैन और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करके असली दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

पिहोवा | जेई फोरमैन सहित साथी कर्मियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग को लेकर एक्सईएन कार्यालय के सामने हड़ताल बैठे बिजली विभाग के कर्मचारी।

दबाव के बाद बहाल हुए जेई

घटना के बाद जेई गुरमेल को निलंबित कर दिया गया था, लेकिन यूनियन को के विरोध से यूएचबीवीएन के एडमिनिस्ट्रेटिव आफिसर ने पत्र जारी कर 10 जुलाई को फिर से जेई को बहाल कर पिहोवा में ही तैनात कर दिया।

काम बंद, लोग परेशान

हड़ताल के कारण बिजली दफ्तर आए उपभोक्ताओं और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। किसान हरजोत, भूपेंद्र, बलकार आदि ने कहा कि विभाग को आपस की इस लड़ाई का हल निकालकर समस्या दूर करनी चाहिए। उधर, कैश काउंटर पर भी प्राइवेट कर्मी तैनात कर बिलों की रकम जमा करवाई गई।