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3.50 करोड़ का बजट मिलने के बाद भी फल्गु विस्तारक तीर्थ का कार्य नहीं हुआ पूरा, 24 सितंबर से 8 अक्टूबर तक लगेगा मेला

गांव फरल में इस बार तीन वर्ष के बाद 24 सितंबर से 8 अक्टूबर तक ऐतिहासिक फल्गु तीर्थ मेले का आयोजन होना है। ऐसे में मेले...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 01, 2018, 02:55 AM IST

3.50 करोड़ का बजट मिलने के बाद भी फल्गु विस्तारक तीर्थ का कार्य नहीं हुआ पूरा, 24 सितंबर से 8 अक्टूबर तक लगेगा मेला
गांव फरल में इस बार तीन वर्ष के बाद 24 सितंबर से 8 अक्टूबर तक ऐतिहासिक फल्गु तीर्थ मेले का आयोजन होना है। ऐसे में मेले के आयोजन में तीन महीने का समय है और प्रशासन व सरकार द्वारा इसकी तैयारियों की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसका खामियाजा मेले के दौरान प्रशासन व श्रद्धालुओं को उठाना पड़ सकता है। विडंबना है कि करीब 3.50 करोड़ रुपए का बजट होने के बाद भी मेले के आयोजन से पहले विस्तारक तीर्थ का कार्य पूर्ण नहीं करवाया गया है। गांव स्थित पावर हाउस की क्षमता नहीं बढ़ाई गई तो बिजली की समस्या होगी। तीर्थ के आसपास खाली जगह पर अधिकतर पर ग्रामीणों द्वारा निर्माण किया गया है। मेला ग्राउंड कम होने की वजह से भीड़ काबू करना मुश्किल हो सकता है, ऐसे में तीर्थ के साथ लगती जमीन पर प्रशासन द्वारा किसानों से ऐसी खेती करवानी चाहिए जो मेले से पहले तैयार हो जाए।

ये हैं समस्याएं: गांव में फल्गु तीर्थ तक जाने वाली चार मुख्य सड़क टूटी हैं और गांव की 6 गलियां टूटी-फूटी हैं। जिन पर हर समय पानी भरा रहता है। गांव को जोड़ने वाली मुख्य ढांड-पूंडरी सड़क भी खस्ताहाल है। मुख्यमंत्री द्वारा 2015 में गांव में लगभग 1 किलोमीटर सड़क फोरलेन व डिवाइडर बनाने की घोषणा की थी जिस पर आज तक कार्य शुरू नहीं हुआ। गांव से पानी निकासी के लिए नाले का कार्य धीमी गति से चला अगर पूरा नहीं होता है तो गंदे पानी की मुख्य समस्या हो सकती है। तीर्थ में गंदा पानी जमा हैं और घाट की सीढ़ियां टूटी-फूटी व काई जमी है।

इधर, मेले के स्वागत में ग्रामीणों की तैयारियां शुरू

गांव में घुसते ही गांव के हर तरफ लोगों ने मकान आदि बनाने का कार्य चला है। गांव में इस समय यह स्थिति है कि गांव में चिनाई का कार्य करने वाले हर मिस्त्री के पास काम है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण बाहर के मिस्त्रियों से भी कार्य करवा रहे हैं। ग्रामीण जिलेराम शर्मा, कंवरपाल राणा, हरपाल सिंह, वेदप्रकाश व विक्की राणा ने बताया कि गांव में लगभग 100 जगह निर्माण कार्य चल रहे है। ग्रामीण मेले के दौरान आने वाले सगे संबंधियों के स्वागत के लिए मकान बनाने से लेकर सफेदी आदि का कार्य दो से तीन महीने पहले ही करवाना शुरू कर देते हैं।

जितने पैसे का टेंडर हुआ था, उसमें जितना कार्य होना था उन्होंने कर दिया। इसके बाद उन्होंने विभाग को एस्टिमेंट रिवाइज कर भेजा था उस पर ऑबजेक्शन लगाकर वापस भेज दिया था जो विभाग के पास पड़ा है। लगभग 2.25 करोड़ रुपए के टेंडर में तीर्थ पर एक सामुदायिक केंद्र का निर्माण भी किया गया। राजीव, ठेकेदार

ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने अथक प्रयास के बावजूद विस्तारक तीर्थ की ग्रांट को मंजूर करवाया था। अब जो कार्य शेष रह गया है उसका एस्टीमेंट बनाकर मुख्यमंत्री के पास भेजा है और मुख्यमंत्री से मिलकर उसको जल्द मंजूर करवाकर लाया जाएगा। पैसे के लिए कार्य अधूरा नहीं रहने दिया जाएगा। प्रो. दिनेश कौशिक, विधायक, पूंडरी।

उस समय जो एस्टिमेंट बनाए थे, उसके अनुसार पैसा मंजूर हुआ था, लेकिन उसके बाद निर्माण सामग्री के रेट बढ़ जाने से उतने पैसों में कार्य नहीं हो पाया। दोबारा शेष काम के लिए एस्टीमेंट रिवाइज कर भेजा गया था, उस पर आपत्ति लगा दी गई। अब नए एस्टीमेंट बनाकर भेजे जाएंगे। राजबीर सिंह, जेई

मेले को देखते हुए जल्दी ही फल्गु तीर्थ का दौरा करेंगी। तीर्थ व गांव में जो भी मूलभूत समस्याएं होंगी, उन्हें मेले से पहले पूरा करवा दिया जाएगा। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए तैयारियां कर ली जाएंगी। अभी कार्य करने के लिए समय पर्याप्त है। प्रपोजल तैयार करवाकर सरकार को भेजे जाएंगे। सुनीता वर्मा, डीसी।

पूंडरी | तीर्थ में स्थित काई युक्त पानी।

2012 में तत्कालीन सीएम भूपेन्द्र हुड्डा ने की थी घोषणा

निमार्णाधीन विस्तारक फल्गु तीर्थ कार्य लगभग 3.50 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी अधूरा पड़ा हुआ है। विस्तारक तीर्थ में गंदा पानी एकत्रित होकर उसमें घास-फूस फैल गई है। तीर्थ पर बनाए गए घाट, सीढिय़ां व आधे पर बने प्लेट फार्म भी उखडऩा शुरू हो चुके है। तीर्थ में अभी तक साफ पानी का डालने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं कि गई है। वर्ष 2012 में लगे फल्गु तीर्थ मेले के दौरान ग्रामीणों और फल्गु तीर्थ कमेटी की मांग पर तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने तीर्थ दौरे के दौरान विस्तारक तीर्थ बनाने की घोषणा करते हुए 1.25 करोड़ रुपए मंजूर किया था। जिसमें से सिर्फ तीर्थ बनाने के लिए खुदाई ही हो पाई। उसके बाद वर्ष 2015 में आयोजित फल्गु तीर्थ मेले के दौरान सीएम मनोहरलाल ने लगभग 2.25 करोड़ रुपए मंजूर किया। जिसमें से तीर्थ के घाट पक्के किए गए और आधे तीर्थ के प्लेट फार्म पर लाल पत्थर लगाया गया। तीर्थ पर इस समय भी महिला घाटों का व आधे प्लेट फार्म का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।

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