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मम्मड़ व कालुआना नहर की टेल तक पानी पहुंचाने की संभावना जांचने पहुंचे अधिकारी

नहरी पानी की कमी से जूझ रहे किसानों के संघर्ष ने आखिरकार सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर और आला अफसरों का ध्यान...

Danik Bhaskar | Jan 29, 2018, 06:20 PM IST
नहरी पानी की कमी से जूझ रहे किसानों के संघर्ष ने आखिरकार सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर और आला अफसरों का ध्यान वर्षाें पुरानी समस्या की ओर खींच ही लिया। नतीजतन, छुट्टी वाले दिन संडे को भी चंडीगढ़ से विभाग के अाला अफसरों की टीम स्थिति का जायजा लेने के लिए आने को मजबूर हुई।

टीम में शामिल विभाग के चीफ इंजीनियर सतबीर सिंह कादियान और भाखड़ा चीफ इंजीनियर फूल सिंह नैन व जीएम नितेश जैन ने भाखड़ा क्रॉस चैनल के अलावा विभिन्न एरिया में जाकर नहरी पानी की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। उनके साथ सिंचाई विभाग हिसार के एसई आत्माराम भांभू के अलावा सिरसा से एसई राजेश कुमार भी थे। अधिकारियों की टीम जैसे ही भाखड़ा क्रॉस चैनल पर पहुुंंची तो वहां पर भाजपा नेता आदित्य देवीलाल ने अधिकारियों को बताया कि नहरी पानी नहरों के टेल तक नहीं पहुंच रहा है। मम्मड़ नहर और कालुआना नहर का पानी टेल तक नहीं मिल रहा है। इन नहरों में बरसाती पानी ओटू वियर हेड से आता है लेकिन उसकी पहुंच टेल तक नहीं हाेती है। किसान बहुत परेशान हैं। बार-बार मुख्यमंत्री मनोहर लाल तक शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है।

सीएम के आदेश पर पहुंची नहरी विभाग की टीम

नहरों की संभावनाएं तलाशने के लिए चंडीगढ़ से पहुंची टीम किसानों से बातचीत करती हुई।

इन गांवों में भी है नहरी पानी की दरकार

जिले के गांव धिंगतानिया, रंगड़ीखेड़ा, खाजाखेड़ा, नटार, चौबुर्जा, शहीदांवाली, सलारपुर, रामनगरिया, मोडियाखेड़ा में भी सिंचाई पानी की समस्या अक्सर खलती रहती है। किसानों ने बताया कि यहां भूमिगत पानी सिंचाई योग्य नहीं है। लेकिन सालों से नहरी पानी की व्यवस्था नहीं होने से किसानों की फसलें खराब होती हैं। युवा भाजपा नेता गोकुल सेतिया ने किसानों की समस्या को देखते हुए उनका समर्थन कर सिंचाई विभाग के कार्यालय के आगे तीन दिन पहले धरना भी दिया था। उसके बाद विभागीय अधिकारी हरकत में आए। सिंचाई विभाग की टीम सर्वप्रथम डबवाली क्षेत्र के गांव खुइयां मलकाना पहुंची। डबवाली क्षेत्र के किसानों को नहरी पानी उपलब्ध कराने के लिए भाजपा नेता आदित्य देवीलाल पिछले काफी समय से संघर्ष करते रहे हैं। उधर, सिरसा के साथ लगते गांव मंगाला से अरनियांवाली तक धिंगतानियां खरीफ चैनल बनाया जाना है। किसान जगजीत सिंह ढिल्लों रंगड़ीखेड़ा, अमर सिंह, कृष्ण कंबोज शहीदांवाली, हेतराम सहारण, ओमप्रकाश, श्रवण ने बताया कि धिंगतानियां खरीफ चैनल और सलारपुर माइनर के पानी से तीन दर्जन गांवों के किसान लाभान्वित होंगे।

चीफ इंजीनियर बोले, हर हाल में टेल तक पानी पहुंचाएंगे

चीफ इंजीनियर सतबीर सिंह कादियान और फूल सिंह नैन ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार ही संडे को छुट्टी के दिन भी सिंचाई विभाग के आला अफसरों की टीम स्थिति का जायजा लेने आई है। इससे साफ है कि सरकार और अधिकारियों की नियत में कोई खोट नहीं है। नहरों की टेल तक पानी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए चाहे किसी भी तरह की तकनीक अपनानी पड़े उसे अपनाया जाएगा। किसानों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नहरी पानी की स्थिति का जायजा लिया गया है और जल्द ही इसकी रिपोर्ट तैयार कर सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजी जाएगी और पानी की समस्या का समाधान किया जाएगा।

सिंचाई विभाग कार्यालय पहुंचे किसान

इस बीच विभिन्न गांवों के किसानों को जब यह पता चला कि सिंचाई विभाग के अाला अफसरों की टीम आई है तो किसान उन अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने के लिए सिंचाई विभाग कार्यालय गए। मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता होशियारी लाल शर्मा और युवा भाजपा नेता गोकुल सेतिया भी जा पहुंचे। उन्होंने भी अधिकारियों से कहा कि गांव रामनगरिया, सलारपुर, नटार, शहीदांवाली, मोडिया, चौबुर्जा, रंगड़ी, भंभूर, धिंगतानियां और खाजाखेड़ा सहित 11 गांवों का भूमिगत जल स्तर काफी नीचे चला गया है। इस वजह से किसानों को खेती के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। पानी की किल्लत के चलते खेती अब किसानों के लिए घाटे का सौदा बनती जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की कि किसानों को जल्द से जल्द पर्याप्त मात्रा में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए।