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फर्जी डिग्री से बन गई सहायक रोजगार अधिकारी 5 साल नौकरी भी की, फर्जीवाड़ा पकड़ा तो केस दर्ज

2 वर्ष पहले
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राज्य में युवाओं को नौकरियां देने और बेरोजगार युवाओं का डाटा तैयार करने वाले हरियाणा एंप्लॉयमेंट डिपार्टमेंट (रोजगार विभाग) में फर्जी डिग्री के दम पर नौकरी लगने बड़ा मामला सामने आया है। कोसली में बतौर सहायक रोजगार अधिकारी कार्यरत महिला ममता ने यह फर्जीवाड़ा किया।

5 साल तक नौकरी करने के बाद रोजगार निदेशालय हरियाणा द्वारा कराई गई जांच में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। हैरानी की बात ये है कि हिमाचल प्रदेश के जिस विश्वविद्यालय के नाम की डिग्री से ये नौकरी हासिल की, उस विश्वविद्यालय में ये कोर्स कराया ही नहीं जाता। निदेशालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की और अब पंचकूला के सेक्टर-5 पुलिस थाना में आरोपी महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

हिमाचल की जिस विवि की डिग्री लगाई, उसने जवाब दिया- हम ये कोर्स करवाते ही नहीं

वर्ष 2014 में हरियाणा लोक सेवा आयोग की नौकरी के लिए लगाई थी 2009 की मास्टर डिग्री

रोहतक की महिला ने की थी शिकायत, निदेशालय की जांच में खुला पूरा खेल

फरवरी 2014 में नियुक्ति, कोसली में ज्वाइन किया, अब भी यहीं पोस्टेड

हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की ओर से सहायक रोजगार अधिकारी की पोस्ट के लिए वैकेंसी निकाली थी। उस समय ममता ने भी इस पद के लिए आवेदन किया था। विभाग की ओर से उस दौरान मास्टर डिग्री की क्वालिफिकेशन मांगी गई थी। जिस पर ममता की ओर से यहां एमए (साईक्लॉजी) की डिग्री को दिया गया था। इसके बाद ममता का सेलेक्शन हो गया। 10 फरवरी 2014 को विभाग की तरफ ममता का नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया तथा दो दिन बाद ही ममता ने 12 फरवरी 2014 को उपमंडल रोजगार कार्यालय कोसली में ड्यूटी ज्वाइन की थी। वर्तमान में भी ममता कोसली में ही पोस्टेड है।

विवि- तब क्या, अब भी नहीं कराते साइकोलॉजी से एमए : इंक्वायरी रिपोर्ट में डिपार्टमेंट ने मानव भारती यूनिवर्सिटी सोलन हिमाचल प्रदेश से पूछा था, कि ममता ने आपके यहां से वर्ष 2009- 2011 के दौरान एमए साइकॉलोजी की डिग्री की है। इस दौरान ममता की ओर से भेजी गई डिग्री की कॉपी को भी यहां भेजा गया। जिसे देखकर मानव भारती यूनिवर्सिटी सोलन ने कहा कि वर्ष 2009-2011 में ममता ने उनके यहां से एमए साइकॉलोजी की डिग्री नहीं की। क्यों कि ये यूनिवर्सिटी तो अभी तक भी इस कोर्स की मास्टर डिग्री नहीं करवाती है, तो उस दौरान कैसे एमए की डिग्री हो सकती है। यानी ये डिग्री फर्जी है। अब एंप्लॉयमेंट डिपार्टमेंट के डायरेक्टर की शिकायत पर यहां सेक्टर 5 पुलिस थाने में ममता के खिलाफ धोखाधड़ी, विभाग को गुमराह करके फर्जी दस्तावेज तैयार कर नौकरी करने संबंध में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी के तहत मामला दर्ज किया है।

बड़ा सवाल... कैसे पास हुई सर्टिफिकेट? किसी भी सरकारी विभाग में नौकरी से पहले कागजातों की जांच होती है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बगैर कॉलेजों में दाखिले तक नहीं होते। ऐसे में सवाल ये है किसी विवि में जो कोर्स कराया ही नहीं जाता उसके नाम की सर्टिफिकेट पर नौकरी कैसे दी गई। हरियाणा लोक सेवा आयोग के जांच पैनल से ये सर्टिफिकेट पास होना अपने आप में हैरान करने वाला है। यदि जांच हों तो और भी फर्जी डिग्री खेल सामने आ सकता है।

ऐसे सामने आया सच - रोहतक की महिला ने की शिकायत

11 अगस्त 2018 को रोहतक की रहने वाली आरती की ओर से एंप्लॉयमेंट डिपार्टमेंट हरियाणा के नाम शिकायत दी गई थी। आरती ने शिकायत ममता की मास्टर डिग्री पर सवाल उठाते हुए उसे फर्जी बताया था। इसके बाद रोजगार निदेशालय की ओर से इसकी जांच शुरू की गई। इसके लिए बाकायदा एक कमेटी का भी गठन किया गया था। डिपार्टमेंट की ओर से बनाई गई कमेटी ने मानव भारती यूनिवर्सिटी सोलन से जवाब मांगा। विश्वविद्यालय के जवाब के बाद साफ हो गया कि ममता की डिग्री फर्जी है। इस इंक्वायरी रिपोर्ट के आधार पर डिपार्टमेंट की ओर से पुलिस को कार्रवाई के लिए लेटर लिखा।

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