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बावल में पर्यावरण संरक्षण जागरूकता सप्ताह में क्षेत्रीय अधिकारी बोले...

Rewari News - रेवाड़ी. पर्यावरण संरक्षण जागरूकता समारोह में हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी भूपेन्द्र...

Bhaskar News Network

Feb 14, 2019, 03:35 AM IST
Rewari News - haryana news regional officials in environmental conservation awareness week in bawal said
रेवाड़ी. पर्यावरण संरक्षण जागरूकता समारोह में हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी भूपेन्द्र रेनवा को स्मृति चिह्न भेंट करते स्टाफ सदस्य।

भास्कर न्यूज | रेवाड़ी.बावल

हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी भूपेन्द्र रेनवा ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण, संरक्षण एवं सतत विकास को बढ़ावा देने और पर्यावरण की प्रगति के लिए हरियाणा पर्यावरण प्रबंधन समिति (हेम्स) कटिबद्घ है। रेनवा बुधवार को बावल में चतुर्थ पर्यावरण संरक्षण जागरूकता समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों में हवा, पानी, मिट्टी, खनिज, ईंधन, पौधे और जानवर शामिल हैं। इन संसाधनों की देखभाल करना और इनका सीमित उपयोग करना ही प्रकृति का संरक्षण है। उन्होंने प्रदूषण विभाग द्वारा ऑनलाइन मैनेजमेंट और नए एचडब्ल्यूएम रूल्स 2016 की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोई भी पर्यावरणीय संगठन एक ऐसा संगठन होता है जो पर्यावरण को किसी प्रकार के दुरुपयोग के खिलाफ सुरक्षित करता है। साथ ही ये संगठन पर्यावरण की देखभाल तथा विश्लेषण भी करते हैं। इस मौके पर विभाग एसडीओ मोहित मुदगिल, पंकज यादव, एसएन शर्मा, अनुराधा, प्रकाश, अनिल, विजय, अनिल शर्मा व प्रवीण कुमार आदि मौजूद रहे।

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शिविर लगा किसानों को बताए जैविक खेती अपनाने के लाभ

सामान्य खेती के साथ बागवानी, बकरी, भेड़, मुर्गी व मछली पालन के लिए किसानों को किया प्रोत्साहित

भास्कर न्यूज | रेवाड़ी

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र बावल द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। योजना के संयोजक डॉ. डीवी पाठक ने अध्यक्षता करते हुए फसलों में जीवाणु खादों के महत्व के बारे में बताया। विज्ञान केंद्र के संयोजक डॉ. उमेश शर्मा ने किसानों को केंद्र द्वारा कृषि संबंधित विभिन्न कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि किसानों को सामान्य खेती के साथ बागवानी, बकरी पालन, भेड़ पालन, मुर्गी पाल व मछली पालन की खेती भी करनी चाहिए। डॉ. धर्मवीर पाठक ने जैविक खेती में जीवाणुओं के महत्व के बारे में बताकर प्रति एकड़ 30 से 50 रुपए के टीके से 2 क्विटंल की पैदावार बढ़ा सकते हैं। रासायनिक खादों से विभिन्न प्रकार की समस्याओं के निदान पर जैविक खेती में जीवाणु खाद, केंचुआ खाद, हरी खाद व गोबर की खाद के बारे में बताया। डॉ. सत्यजीत यादव ने किसानों को खेती में विविधीकरण के साथ विभिन्न प्रकार की देशी खाद को कम समय में गलाकर खेत में प्रयोग करने का तरीका व होने वाले फायदा बताया। डॉ. सतपाल यादव ने किसानों को बायोपस्टीसाई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसका प्रयोग करने से फसलों में किसी प्रकार का कोई अवशेष नहीं रहता है। इसी के साथ हमारे शरीर में पोषक तत्व, विटामिन, खनिज पदार्थों की पूर्ति के साथ बीमारियों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ती है। सभी किसानों ने भाग लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम की सरहाना की।

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