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रेलवे जंक्शन की व्यवस्थाओं को आज जांचेगी सर्वेक्षण टीम

रेवाड़ी रेलवे जंक्शन पर मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता परखने के लिए आज स्वच्छता सर्वेक्षण टीम आएगी। टीम यहां पर...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:30 AM IST
रेवाड़ी रेलवे जंक्शन पर मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता परखने के लिए आज स्वच्छता सर्वेक्षण टीम आएगी। टीम यहां पर शौचालय से लेकर यात्रियों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की की जांच करेगी।

यात्रियों के फीडबैक सहित तीन श्रेणियों में मिले नंबर के आधार पर स्टेशन को स्वच्छता रैंक मिलनी है। बता दें कि ए कैटेगरी में यहां के जंक्शन को 332 में 56 वीं रैंक मिली थी। बता दें कि टीम के आने से पहले 10 मई को जयपुर डिवीजन के एडीआरएम एचसी मीणा ने जंक्शन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के निर्देश दिए थे। स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए तीन श्रेणियों में नंबर दिए जाने हैं। प्रत्येक कैटेगरी में 33.3 फीसदी अंक दिए जाएंगे। इसमें यहां मौजूद सुविधाओं की यात्रियों के लिए उपलब्धता की प्रक्रिया, स्वच्छता टीम का सीधा निरीक्षण व तीसरे भाग में यात्रियों से उनके फीडबैक लिए जाएंगे।

टीम की ओर से ठोस कचरा प्रबंधन, डस्टबिन, सफाई करने वाला स्टाफ, शौचालय की सफाई, फुट ओवरब्रिज, यात्रियों के लिए सूचना बोर्ड, सीवरेज व्यवस्था, स्टेशन परिसर व पार्किंग का निरीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा स्टेशन का मुख्य गेट, पार्क व स्टेशन परिसर में मच्छर मक्खी पाए जाने पर भी नंबर काटे जाएंगे।

303वीं रैंक थी शहर की गत वर्ष, इस बार सुधार की आस

भास्कर न्यूज | रेवाड़ी

शहरी विकास मंत्रालय की ओर से देश भर के 4041 शहरों में कराए गए स्वच्छता सर्वेक्षण की सूची बुधवार को जारी कर दी गई। हालांकि प्रथम चरण में टॉप 50 शहरों की ही सूची जारी की गई है। इस बार रेवाड़ी किस पायदान पर रहेगा यह अगली सूची में ही स्पष्ट हो पाएगा।

बीते वर्ष शहर ने 166 रैंक की उछाल लगाकर देश भर में 303वीं रैंक प्राप्त की थी। इस बार नप अधिकारियों सहित शहरवासियों को सूची में सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि ठोस कचरा प्रबंधन जैसे प्लांट नहीं हाेने का खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है। पांच साल पहले हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर ने 474 में से 469वां रैंक हासिल किया था।

चार हजार अंकों वाला तीन श्रेणियों में सर्वे किया जाना था। जिसमें स्थानीय निकाय की ओर से मिलने वाली सुविधाएं व साफ- सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का आकलन किया गया था। इतना ही नहीं सीधे शहरवासियों से भी फीडबैक लेकर अंक देने का प्रावधान है। ईओ मनोज यादव ने कहा कि सूची आने की बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उम्मीद बेहतर नंबर आने की है।

स्वच्छता सर्वेक्षण