--Advertisement--

59 दिन से घर में कैद है रेवाड़ी की गैंगरेप पीड़िता, पहले दरिंदों ने जिंदगी भर का जख्म दिया और अब...

पीड़िता के पिता ने कहा- बेटी 11 दिन ही कोचिंग गई थी और ऐसा हो गया, कई रात सो न सका।

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2018, 11:21 AM IST
rewari gang rap

रेवाड़ी (हरियाणा). रेवाड़ी में गैंगरेप पीड़िता 59 दिन से घर में कैद है। परिवार को अब तक कानूनी प्रक्रिया व मानसिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ रहा है। वहीं, आरोपियों के परिजनों की धमकी कम नहीं हो रही। पीड़िता के पिता ने नाहड़ चौकी पुलिस को शिकायत दी है कि गैंगरेप केस में 5 नवंबर को नारनौल कोर्ट में पेशी थी। उसी रात 11:30 बजे आरोपी निशु का पिता राजेश व उसका चचेरा भाई प्रवीन घर के गेट पर पहुंचकर अभद्र शब्द बोलने लगे। कहने लगे कि तुम्हें गवाही देने का नतीजा बताएंगे।

पीड़िता के घर के बाहर लगा सीसीटीवी...

गवाही देने पर जान से मारने व घर से लड़की को उठा ले जाने की धमकी दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। रेवाड़ी के एसपी राहुल शर्मा ने कहा कि हमने कतई ढिलाई नहीं की है। सीसीटीवी कैमरे भी घर के बाहर लगवाए हैं, ताकि आगे ऐसी घटना हो तो आरोपी बच न सके। उल्लेखनीय है कि 12 सितंबर को कनीना से छात्रा का अपहरण कर उसके साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया था।

15 दिन अस्पताल में रखना पड़ा था

12 सितंबर को कनीना से छात्रा का अपहरण कर गैंगरेप किया गया। इसमें तीन मुख्य आरोपियों व अन्य मददगारों को गिरफ्तार किया था। पीड़िता 15 दिन अस्पताल के स्पेशल वार्ड और 28 सितंबर से घर में कैद होकर रह गई है। ज्यादती के कोठरे की निशानदेही या कोर्ट में बयान देने के लिए ही बाहर निकली। 2 पुलिसकर्मी 24 घंटे घर के बाहर पहरा दे रहे हैं। इसके बावजूद पहले आरोपी मनीष के पिता ने सरपंच के पति को धमकाया। अब निशु के परिजनों ने पीड़ित परिवार को धमकी दी।

कोचिंग के 12वें दिन ही बेटी के साथ ऐसा हो गया, वो घटना भुलाए नहीं भूलती...


पीड़िता के पिता ने बताया, ''शर्मिंदगी का डर था, लेकिन समाज ने हमारी पीड़ा समझी, अब बेटी को आगे बढ़ने की हिम्मत दे रहे हैं, उसने भी दर्द भुलाकर नेवी या एयरफोर्स में अफसर बनने के लिए परीक्षा की तैयारी शुरू की है। घटना भुलाए नहीं भूलती। मैं कई दिन ठीक से सो नहीं पाया। चिंता ये ज्यादा थी कि बाहर शर्मिंदगी झेलनी पड़ेगी, लेकिन समाज ने हमारी पीड़ा को समझा। बातें तो बहुत हुईं, मगर ज्यादातर लोगों ने अपनापन ही दिखाया। इसी से हिम्मत बंधी और मैंने भी अपना काम धंधा शुरू किया है। खेत में भी काम करने जाता हूं। कनीना में कोचिंग के लिए 1 सितंबर को बेटी का एडमिशन कराया था। एक महीने की फीस भी दे दी थी। 11 दिन ही कोचिंग की थी। 12 सितंबर को वो घटना हो गई, जिसे सोचकर भी आंखों में खून उतरता है, मगर...। रह-रह कर बेटी के भविष्य की चिंता सता रही थी। लेकिन अब उसने फिर से घर पर ही एयरफोर्स-नेवी में अफसर बनने के लिए पढ़ाई शुरू की है। बेटी को हम भी हिम्मत दे रहे हैं कि कुछ नहीं हुआ। दिवाली पर इस बार कोई खुशी नहीं थी। पूजन करना तो जरूरी था। जब आरोपी पकड़े नहीं थे तो कई बार धमकी मिली थी। अब पुलिस जल्दी कार्रवाई कर रही है तो डर कुछ कम हुआ है।''

X
rewari gang rap
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..