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सीनियर ने 10 साल की छात्रा के साथ की बर्बरता, बिस्तर से भी नहीं उठ पा रही, 10 दिन बाद गोद में लेकर कोर्ट पहुंचा पिता

स्कूल में 10वीं के छात्र ने छठी कक्षा की छात्रा को पीटा था, कोर्ट में हुई सुनवाई।

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 12:23 PM IST

रोहतक। एक गांव के राजकीय उच्च विद्यालय में छठी कक्षा की छात्रा की बर्बरता से पिटाई की गई थी। 10 साल की पीड़िता ने घटना के 14 दिन बाद मंगलवार को जज और खरावड़ चौकी पुलिस के सामने अपना दर्द बयां करने की हिम्मत जुटाई। पिटाई के कारण छात्रा आज भी चलने फिरने में असमर्थ है। कोर्ट में बयान दर्ज करवाने के लिए पीड़िता का पिता उसे गोद में लेकर पहुंचा। हैरत की बात यह है कि बच्ची 3 दिन तक पीजीआई के ट्रामा सेंटर में भर्ती रही। एमएलआर कटने के बावजूद सांपला थाना पुलिस उसकी सुध लेने नहीं पहुंची। मामले में जेएमआईसी भरत की कोर्ट में पीड़िता के बयान दर्ज किए।

छात्रा ने बताया- रास्ते में उसे 10वीं के छात्र ने दबोचा था...

पीड़िता ने बताया कि वह स्कूल से छुट्टी के बाद घर की तरफ आ रही थी। जब वह स्कूल से कुछ आगे पहुंची तो दसवीं कक्षा का छात्र आया। आरोप है कि उसने छात्रा का मुंह दबाया और उसे झाड़ियोंं में ले गया। यहां पर आराेपी ने छात्रा के साथ अश्लील हरकत शुरू कर दी। जब छात्रा ने शोर मचाया तो आरोपी ने उसकी छाती, पैर और पेट में लात घुसों से वार किए। छात्रा बेसुध हो गई तो आरोपी मौके से भाग गया था।

पुलिस का तर्क- पीजीआई थाने ने दूसरे हवलदार को दे दी थी सूचना

चौकी इंचार्ज एएसआई सुरेंद्र ने बताया कि पीजीआई थाने की तरफ से29 अगस्त को किसी कुलदीप नाम के हवलदार को सूचना दी गई थी। उन्होंने बताया कि कुलदीप नाम का हवलदार उनकी चौकी में भी है। लेकिन उसकी जगह गलती से किसी दूसरे हवलदार कुलदीप को सूचना दी गई। अन्य जगह से सूचना मिलने पर 30 अगस्त को पुलिस को ट्रामा सेंटर में भेजा गया था। मगर उस समय बच्ची का एक्सरे हो रहा था। इसके बाद 31 अगस्त को बच्ची के पिता के बयान पर केस दर्ज कर नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार किया था।

सीडब्ल्यूसी ने की बच्ची की काउंसिलिंग, भाई को भी बुलाया

पुलिस ने जज के आदेश पर करीब एक घंटे तक बाल कल्याण समिति में बच्ची की काउंसिलिंग भी कराई। इस दौरान भी बच्ची ने बेरहमी से पिटाई व गलत हरकत का जिक्र किया। अब सीडब्ल्यूसी ने बच्ची के भाई को भी काउंसिलिंग के लिए बुलाया है।

पुलिस ने मांगी रिपोर्ट, सीडब्ल्यूसी ने कहा- तुम्हें नहीं, कोर्ट में देंगे

वहीं, पुलिस ने सीडब्ल्यूसी के अधिकारियों से बच्ची की काउंसिलिंग रिपोर्ट मांगी। इस पर अधिकारियों ने पुलिस से कहा कि वह रिपोर्ट को पुलिस को नहीं देंगे। रिपोर्ट को कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं पुलिस ने भी अब मामले में किसी बड़े अधिकारी से इसकी जांच कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस देखने भी नहीं गई: पीड़िता की छाती और पेट में अंदरूनी चोट होने के कारण उसे 29 अगस्त को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। इसी दिन एमएलआर काटकर सांपला थाना पुलिस को सूचना दे दी गई थी। सुधार होने पर 30 अगस्त की शाम को पीड़िता को डिस्चार्ज किया था। मगर अगले ही दिन पीड़िता की तबियत बिगड़ गई। 31 अगस्त को फिर उसे भर्ती कराया गया। इस दौरान दो बार अल्ट्रासाउंड हुआ। इतना सबकुछ होने के बाद भी पुलिस बच्ची के पास नहीं पहुंची।

शरीर पर चार चोट के निशान, डॉक्टर ने ऑर्थो और सर्जरी विभाग ने मांगी आॅपेनियन

प्राथमिक उपचार के दौरान बच्ची के शरीर पर चोट के चार निशान मिले है जबकि उसे ज्यादा अंदरूनी चोट आई है। इस कारण डॉक्टरों ने बच्ची के बारे में ऑर्थो व सर्जरी विभाग से ओपीनियन मांगी है। इनकी जांच के बाद अंदरूनी चोट का पता चलेगा।

बेस्ट इंडिया फाउंडेशन ने मदद की तो पुलिस ने डायरेक्टर के साथ की कहासुनी

पुलिस ने एक तरह से मामले को पूरी तरह दबा दिया था। जब परिजनों ने बेस्ट इंडिया फाउंडेशन की डायरेक्टर पूजा खटक से बात की ताे वह तुरंत मदद के लिए सामने आई। वह पीड़िता को सुबह डीएसपी गजेंद्र सिंह के पास लेकर पहुंची। पुलिस की कई बार पूजा खटक के साथ कहासुनी भी हुई लेकिन वह सुबह से शाम तक पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रही।

ये था मामला : पीड़िता का भाई उसी स्कूल में कक्षा में तीन में पढ़ाई करता है। कक्षा का मॉनिटर होने के कारण 29 अगस्त को अध्यापक ने उसे अन्य छात्रों की कॉपी जांचने का काम दिया था। इसमें एक छात्र की कापी में गलती मिली। इस पर अध्यापक ने उस छात्र की पिटाई कर दी। इसके विरोध में जिस छात्र की पिटाई हुई थी स्कूल मेंही दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले उसके भाई ने मॉनिटर व उसकी कक्षा छह में पढ़ने वाली बहन की पिटाई की थी।