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एक वर्ष में महिला आयोग के पास आईं 1079 शिकायतें, पहली बार जाॅइंट बेंच लगाकर की जाएगी सुनवाई

पिछले एक साल में 1079 शिकायतें हरियाणा राज्य महिला आयोग के पास पहुंची हैं।

Danik Bhaskar | Jan 15, 2018, 06:47 AM IST
प्रतिभा सुमन, चेयरपर्सन, राज्य महिला आयोग। प्रतिभा सुमन, चेयरपर्सन, राज्य महिला आयोग।

रोहतक. प्रदेश में महिलाओं के प्रति अत्याचार और उनकी शिकायतों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। पिछले एक साल में 1079 शिकायतें हरियाणा राज्य महिला आयोग के पास पहुंची हैं। अब इन पेंडिंग केसों को निपटाने के लिए प्रदेश में आयोग की ओर से पहली बार ज्वाइंट बेंच लगाई जाएगी। लोक अदालत की तर्ज पर मामलों को निपटाया जाएगा।

प्रदेश के लिए इसकी शुरुआत रोहतक से ही की जाएगी। हर केस से जुड़े लोगों को बुलाकर उनकी सुनवाई होगी। इसके बाद प्रदेश के सभी जिलों में ज्वाइंट बेंच लगाई जाएगी। इस जाॅइंट बेंच में महिलाओं से नई शिकायतें भी ली जाएंगी। इस बेंच में तीन सदस्य शामिल होंगे। चेयरपर्सन, वाइस चेयरपर्सन और एक सदस्य।

15 से 17 जनवरी तक होगी केस की सुनवाई

महिलाओं से संबंधित शिकायतों का निपटारा करने के लिए रोहतक में 15, 16 व 17 जनवरी को तीन दिवसीय संयुक्त बेंच स्थानीय कैनाल रेस्ट हाउस में लगाई जाएगी। पहली बार तीन दिन के लिए लगाई जाने वाली इस संयुक्त बेंच में सुबह 11 से शाम 5 बजे तक सुनवाई होगी। रोहतक में 100 केस की सुनवाई होगी। एक दिन में 30 से 35 केस को सुना जाएगा।

महिला पुलिस थाने में 344 शिकायतें, उत्पीड़न के मामलों में गुड़गांव और रोहतक सबसे आगे

रोहतक में महिला पुलिस थाने में एक वर्ष के भीतर 344 शिकायतें दर्ज की गई हैं। महिला पुलिस थाने में घरेलू हिंसा के मामले अधिक आए हैं। आयोग की अध्यक्ष का कहना है कि महिला थानों में आने वाले शिकायतकर्ताओं के साथ पुलिस का व्यवहार नरम एवं भावनात्मक होना चाहिए। पीड़ित व परेशान महिला ही अपनी समस्या लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचती हैं। हरियाणा राज्य महिला आयोग के पास शिकायतों की सबसे लंबी सूची रोहतक, गुरुग्राम और सोनीपत जिले की है। सबसे ज्यादा 93 शिकायत गुरुग्राम से दर्ज करवाई गई है। इसके बाद रोहतक से 91 शिकायत आई हैं और सोनीपत से 85 शिकायतों को लेकर पीड़ित महिलाएं आयोग तक पहुंची हैं।

हर जिले में कार्यालय खोलने का प्रस्ताव

कोई भी महिला अपनी शिकायत को लेकर बेंच के समक्ष पेश हो सकती है और आयोग मौके पर ही इन शिकायतों का निपटारा करने का प्रयास करेगा। आयोग ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि प्रदेश के हर जिले में आयोग का कार्यालय खोला जाए ताकि पीड़ित महिलाएं अपनी शिकायतें दे सकें। महिलाओं के विरुद्ध अपराध में आयोग विभिन्न माध्यमों से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर भी कार्रवाई करता है।
- प्रतिभा सुमन, चेयरपर्सन, राज्य महिला आयोग।