--Advertisement--

जब इस जवान ने कहा था- हम भूखे रहते हैं, अफसर सामान बाजार में बेच देते हैं

बीएसएफ ने पीएम के नाम के आगे 'श्री' न लगाने वाले एक जवान का 7 दिन का वेतन काट लिया है।

Danik Bhaskar | Mar 07, 2018, 01:34 PM IST
पिछले साल सेना के खिलाफ वीडियो पोस्ट करने पर तेज बहादुर को बर्खास्त कर दिया गया था। पिछले साल सेना के खिलाफ वीडियो पोस्ट करने पर तेज बहादुर को बर्खास्त कर दिया गया था।

लोकल डेस्क. प्रधानमंत्री के नाम के आगे 'माननीय' या 'श्री' न लगाने के आरोप में BSF के जवान संजीव कुमार के खिलाफ हुई कार्रवाई पर मोदी ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने BSF डीजी से बात करते हुए सजा वापस लेने को कहा है। साथ ही भविष्य में ऐसा नहीं होने की सलाह दी है। बता दें कि बतौर सजा BSF ने 7 दिन की तनख्वाह काटी थी। इस मामले ने एक बार फिर तेज बहादुर यादव की यादें ताजा कर दीं। वही जवान, जिसने पिछले साल सेना के खिलाफ सोशल मीडिया पर 'रोटी की जंग' छेड़ी थी। क्या आपको याद है तेज बहादुर?

- 9 जनवरी 2017 को तेज बहादुर ने फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया था।
- तेज बहादुर ने वीडियो में दावा किया था, "हम किसी सरकार के खिलाफ आरोप नहीं लगाना चाहते, क्‍योंकि सरकार हर चीज, हर सामान हमको देती है। मगर आला अफसर सब बेचकर खा जाते हैं, हमें कुछ नहीं मिलता। कई बार तो जवानों को भूखे पेट सोना पड़ता है। मैं आपको नाश्‍ता दिखाऊंगा, जिसमें सिर्फ एक पराठा और चाय मिलती है।"
- "उसके साथ अचार नहीं होता। दोपहर के खाने की दाल में सिर्फ हल्‍दी और नमक होता है, रोटियां भी दिखाऊंगा। मैं फिर कहता हूं कि भारत सरकार हमें सब मुहैया कराती है, स्‍टोर भरे पड़े हैं, मगर वह सब बाजार में चला जाता है। इसकी जांच होनी चाहिए।"
- यादव ने कहा था कि सीमा पर कई बार तो जवानों को भूखे पेट सोना पड़ता है।

पीएम से भी की थी गुजारिश
- वीडियो में तेज बहादुर ने मोदी से भी जांच कराने की गुजारिश की थी।
- साथ ही कहा था- दोस्तों, ये वीडियो डालने के बाद शायद मैं रहूं या ना रहूं, क्योंकि अधिकारियों के बहुत बड़े हाथ हैं।

- यावद 2032 में रिटायर होने वाले थे, लेकिन कॉन्ट्रोवर्सी के बाद वीआरएस की अर्जी दे दी।

- हालांकि, पिछले साल 19 अप्रैल को दि समरी सिक्युरिटी फोर्स कोर्ट ने उसे नौकरी से बर्खास्त करने का फैसला सुना दिया।

- मामला फिलहाल कोर्ट में है।

अब क्या कर रहे तेज बहादुर?
- तेज बहादुर यादव इन दिनों 'फौजी एकता न्याय कल्याण मंच' नाम से एक NGO चला रहे हैं।
- यह संस्था वैसे सैनिकों की कानूनी मदद करेगी, जिन पर बिना किसी ठोस वजह के कार्रवाई की जाती है।
- किसी सैनिक के शोषण और प्रताड़ना की स्थिति में भी यह एनजीओ उसकी मदद करेगी।
- इसके लिए 'फौजी एकता न्याय कल्याण मंच' नाम से एक वेबसाइट भी बनाई गई है, जिस पर विजिट कर पूरी जानकारी ली जा सकती है।

9 जनवरी 2017 को तेज बहादुर ने फेसबुक पर ये वीडियो पोस्ट किया था। 9 जनवरी 2017 को तेज बहादुर ने फेसबुक पर ये वीडियो पोस्ट किया था।
पत्नी के साथ तेज बहादुर यादव। (फाइल पिक) पत्नी के साथ तेज बहादुर यादव। (फाइल पिक)