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नए वीसी के चयन के लिए सीएम योगी से होगा मंथन, डॉ. मारकंडेय लिखेंगे बुक

बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के वीसी पद से डॉ. मारकंडेय आहूजा के इस्तीफा देने के बाद अब नए कुलपति को लेकर मंथन शुरू हो गया

Bhaskar news| Last Modified - Dec 30, 2017, 07:43 AM IST

CM Yogi will consider for new VC selection
नए वीसी के चयन के लिए सीएम योगी से होगा मंथन, डॉ. मारकंडेय लिखेंगे बुक

रोहतक. बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के वीसी पद से डॉ. मारकंडेय आहूजा के इस्तीफा देने के बाद अब नए कुलपति को लेकर मंथन शुरू हो गया है। बाबा मस्तनाथ धाम से विशेष रूप से जुड़े उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी नए कुलपति को चुनने को लेकर रायशुमारी की जा रही है। सूत्रों की मानें तो किसी आईएएस स्तर के सेवानिवृत अधिकारी को विवि की कमान सौंपी जा सकती है। प्रशासनिक समझ को देखते हुए गुरु भाई योगी आदित्यनाथ की भी कुलाधिपति बाबा बालकनाथ सलाह ले रहे हैं। 


कुलपति तक का सफर
डॉ. मारकंडेय आहूजा ने  रोहतक मेडिकल कॉलेज से एमएस किया था। यहां से 15 जुलाई को पास आउट करते ही 1989 में बाबा मस्तनाथ संस्थान में चल रहे आई सेंटर में बतौर आई सर्जन ज्वाइन किया। बाबा चांदनाथ ने ही उन्हें बुलाया था। बाबा मस्तनाथ मंदिर का निर्माण भी शुरू हुआ। एक आंखों के अस्पताल व आयुर्वेदिक कॉलेज को छोड़कर 13 संस्थान मेरे कार्यकाल में ही बने हैं।   विवि भी मेरे कार्यकाल में ही बना। विवि परिसर में कुल 16 संस्थान हैं। डॉ. आहूजा कहते हैं कि इस दौरान दो वनवास काटे यानी 28 साल का कार्यकाल पूरा किया। 

 

महंत चांदनाथ के नाम पर लिख रहा हूं पुस्तक : आहूजा
विवि के पूर्व कुलपति डॉ. मारकंडेय आहूजा ने कहा कि गुरुजी चले गए, उनका ही साथ था। उसके बाद तो समय था कि किस दिन इस्तीफा दूं। जल्द ही सामाजिक कार्य के लिए प्लान बनाया जाएगा। महंत चांदनाथ के साथ मालिक और कर्मचारी वाली बात नहीं थी। अब बाबा चांदनाथ के विजन को देखते हुए विजन ऑफ महंत चांदनाथ योगी नाम से पुस्तक भी लिख रहा हूं।

 

 

तीन अंक का ही गणित
डॉ. मारकंडेय और उनकी पत्नी के इस्तीफा देने की घटना तीन अंक की वक्र दृष्टि से भी जोड़ी जा रही है। बाबा चांदनाथ के देहांत के 103 दिन पूरे हो चुके हैं। बाबा बालकनाथ 13 दिन पहले ही कुलाधिपति बने और अब वर्ष 2017 के जाने में भी तीन ही दिन बचे हैं। वहीं, इस संस्था में 3 सितंबर 1989 को ही डॉ. मारकंडेय ने ज्वाइन किया था।

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