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दुकान में लगी थी भीषण आग, फर्स्ट फ्लोर पर सोया था परिवार, बगल के घर में कूदकर बचाई जान

अलसुबह 4 बजे अज्ञात कारणों के चलते सुरेंद्र अरोड़ा की परचून व कन्फेक्शनरी की दुकान में आग लग गई।

Dainik Bhaskar

Dec 31, 2017, 05:03 AM IST
Fire ingroceries and confectionery shop

रोहतक. झंग काॅलोनी में शनिवार अलसुबह 4 बजे अज्ञात कारणों के चलते सुरेंद्र अरोड़ा की परचून व कन्फेक्शनरी की दुकान में आग लग गई। दुकान के पीछे कमरे में सो रहे लड़के को शोर सुनाई दिया तो आग लगने का पता चला। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान के ऊपर बने मकान से परिवार आग बुझाने के लिए नीचे भी नहीं आ सका। धुएं के गुबार और आग की तपिश की वजह से लाचार परिवार अपनी दुकान की आग भी नहीं बुझा पाया और अपनी आंखों के सामने ही उसे जलता हुए देखा। उन्होंने दूसरी मंजिल पर चढ़कर जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। उनकी आवाज सुनकर पड़ोसी जागे और दमकल को फोन किया।

उन्होंने दूसरी मंजिल से पड़ोसियों के घर में कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई। दमकल विभाग की तीन गाड़ियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सुबह सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने घटनास्थल का दौरा किया और मदद का आश्वासन दिया।

डेढ़ लाख की नकदी में से कुछ नोट जले
आग इतनी भयंकर तरीके से पूरी दुकान में फैल चुकी थी कि जतिन दुकान से अपने फोन व बेड पर रखी डेढ़ लाख रुपए की नकदी भी नहीं निकाल सका। इसके बाद किसी पड़ोसी ने ही अपने फोन से दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना देने के करीब बीस मिनट बाद दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची। इस दौरान बैग में रखी कुछ नकदी भी जल गई, जिसमें कुछ नोट ऊपर से जल गए। अभी तक वह यह नहीं देख पाए कि कितने रुपये जलकर राख हुए हैं और कितने बचे है।

शोर सुनकर मैं उठा तो लगा कोई चोर घुस आया है, तभी आग की लपटें देख उड़े होश
हमारी मोहित कन्फेक्शनरी के नाम से दुकान है, जिसमें परचून का सामान भी रखा हुआ था। मैं दुकान के पीछे बने कमरे में सोया हुआ था। पिता सुरेंद्र, मां सुषमा व भाई मोहित अरोड़ा ऊपर मकान में सो रहे थे। सुबह करीब चार बजे शाेर सुनाई दिया कि जैसे कोई दुकान का शटर उखाड़ रहा हो। मैं कमरे के अंदर लगा दरवाजा खोलकर दुकान के अंदर जाने लगा तो एकदम से आग की लपटें लगी। बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाकर वहां से ऊपर की तरफ भाग लिया। अपने पापा व मम्मी को उठाया। इसके बाद फिर भाई मोहित की भी नींद खुल गई। हम चारों पानी की बाल्टियां लेकर सीढ़ियों से दुकान की आग पर काबू पाने के लिए नीचे आने लगे तो सीढ़ियों में आग की लपट व धुआं इतना था कि एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सके। हमें अपनी जान ही खतरे में दिखाई दी। पूरा परिवार डर गया। ऊपर जाकर चिल्ला-चिल्लाकर पड़ोसियों को उठाने का प्रयास किया। काफी देर बाद आसपास के लोगों की नींद खुली। उन्होंने छत के रास्ते मकान से बाहर निकलने की सलाह दी। हम मकान की दूसरी मंजिल से पड़ोसी राकेश के मकान में कूदे और किसी तरह अपनी जान बचाई। - जतिन अरोड़ा, दुकान मालिक का बेटा

मंत्री जी... सबकुछ जल गया, अस्सी तां लुट गए
आग लगने की सूचना के बाद सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर शनिवार सुबह पीड़ित दुकानदार को सांत्वना देने पहुंचे। इस वक्त मंत्री को देखकर दुकानदार का बेटा जतिन भावुक हो गया। मंत्री ने उसको सांत्वना देते हुए सब ठीक होने की बात कि तो वह बोला कि अंकल हमारी तो सारी दुकान जल गई, सबकुछ राख हो गया। अब हमारे पास कुछ नहीं बचा है। परिवार ने भी बड़ी मुश्किल से जान बचाई है। मां सुषमा ने कहा कि सब जल गया। अस्सी तां लुट गए। दुकान संचालक सुरेंद्र सिंह का कहना है कि उसकी दुकान में कोई सामान नहीं बचा है। सबकुछ आग की चपेट में आ गया है, जिससे उसको लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

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